{"_id":"6a304c16430a97c77d0c04e9","slug":"four-smugglers-arrested-with-khair-wood-shravasti-news-c-104-1-slko1011-120888-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: खैर की लकड़ी के साथ चार तस्कर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: खैर की लकड़ी के साथ चार तस्कर गिरफ्तार
Tue, 16 Jun 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
पूर्वी सोहेलवा रेंज से बरामद हुए खैर की लकड़ी।
श्रावस्ती। वन विभाग की टीम ने रविवार देर शाम पूर्वी सोहेहलवा रेंज के फुलहिया गांव के पास खैर की लकड़ी के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया। तस्करों के पास से 30 नग खैर की लकड़ी के बोटे और तीन साइकिलें बरामद की गईं।
पूर्वी सोहेहलवा रेंज के रेंजर अनिमेष वर्मा अपनी टीम उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राधेश्याम यादव, वन दरोगा दिनेश चौहान, वनरक्षक अजय कुमार और सुमित पांडेय के साथ के कंपार्ट नंबर-चार ए में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग साइकिलों पर खैर की लकड़ी लादकर जा रहे थे। वनकर्मियों ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सिरसिया के फुलवरिया निवासी श्यामता, अजय, विश्वनाथ और सिरसिया निवासी मुहम्मद सलीम के रूप में हुई है। वनकर्मियों ने आरोपियों के कब्जे से तीन साइकिलों पर लदे 30 नग खैर के बोटे बरामद किए। बरामद लकड़ी को तकिया वन चौकी पर सुरक्षित रखा गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
पूर्वी सोहेहलवा रेंज के रेंजर अनिमेष वर्मा अपनी टीम उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राधेश्याम यादव, वन दरोगा दिनेश चौहान, वनरक्षक अजय कुमार और सुमित पांडेय के साथ के कंपार्ट नंबर-चार ए में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग साइकिलों पर खैर की लकड़ी लादकर जा रहे थे। वनकर्मियों ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सिरसिया के फुलवरिया निवासी श्यामता, अजय, विश्वनाथ और सिरसिया निवासी मुहम्मद सलीम के रूप में हुई है। वनकर्मियों ने आरोपियों के कब्जे से तीन साइकिलों पर लदे 30 नग खैर के बोटे बरामद किए। बरामद लकड़ी को तकिया वन चौकी पर सुरक्षित रखा गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन