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Shravasti News: अनुयायियों ने बोधि वृक्ष की पूजा की
Thu, 01 Jan 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:32 AM IST
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तपोस्थली श्रावस्ती स्थित बोधि वृक्ष का पूजन करते थाईलैंड से आए अनुयायी। -संवाद
कटरा। थाईलैंड के 40 अनुयायी बुधवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचे। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष की पूजा की। इस दौरान हुई बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि बौद्ध धर्म में अनुभव, ज्ञान, विवेक, प्रज्ञा और करुणा को मुक्ति का साधन बताया गया है।
बुद्ध ने अपने ज्ञान और विवेक का उपयोग अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सचाई का मार्ग दिखाने के लिए किया। बुद्ध के पास प्रज्ञा थी, जिससे वह सत्य और असत्य में भेद कर पाते थे। इसके साथ ही तर्कपूर्ण ढंग से लोगों के संदेहों का समाधान भी कर पाते थे। गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन के माध्यम से बुद्ध ने उन अनुभवों को प्राप्त किया, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे।
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बुद्ध ने अपने ज्ञान और विवेक का उपयोग अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सचाई का मार्ग दिखाने के लिए किया। बुद्ध के पास प्रज्ञा थी, जिससे वह सत्य और असत्य में भेद कर पाते थे। इसके साथ ही तर्कपूर्ण ढंग से लोगों के संदेहों का समाधान भी कर पाते थे। गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन के माध्यम से बुद्ध ने उन अनुभवों को प्राप्त किया, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे।
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