{"_id":"67e837c3f2119a7a5202ffc3","slug":"followers-from-thailand-who-reached-gandhakuti-did-flower-worship-shravasti-news-c-104-1-srv1002-110206-2025-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: गंधकुटी पहुंचे थाईलैंड के अनुयायियों ने की फूल पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: गंधकुटी पहुंचे थाईलैंड के अनुयायियों ने की फूल पूजा
Sat, 29 Mar 2025 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 29 Mar 2025 11:41 PM IST
विज्ञापन
तपोस्थली स्थित गंधकुटी पर प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। थाईलैंड से आए अनुयायियों ने शनिवार को गंधकुटी पर भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में फूल पूजा की। इस दौरान अनुयायियों ने तपोस्थली में दीप जलाकर विश्व शांति की कामना की।
इस दौरान भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि बुद्ध के अनुशासन में कल्याण की भावना थी, उनकी डांट में करुणा थी। बुद्ध ने मानव चेतना को सर्वोपरि माना। कर्मवाद और मानववाद ही उनकी प्रतिष्ठा उल्लेख है। बौद्ध धर्म धर्म के साथ एक व्यावहारिक रास्ता व आचार संहिता भी है। जो हमें बुराई से बचाते हुए अच्छे मार्ग पर चलना सिखाता है। ये दोनों क्रियाएं एकसाथ करनी होंगी। सबसे पहले हमें मनुष्य बनना होगा। इस मौके काफी संख्या पर अनुयायी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस दौरान भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि बुद्ध के अनुशासन में कल्याण की भावना थी, उनकी डांट में करुणा थी। बुद्ध ने मानव चेतना को सर्वोपरि माना। कर्मवाद और मानववाद ही उनकी प्रतिष्ठा उल्लेख है। बौद्ध धर्म धर्म के साथ एक व्यावहारिक रास्ता व आचार संहिता भी है। जो हमें बुराई से बचाते हुए अच्छे मार्ग पर चलना सिखाता है। ये दोनों क्रियाएं एकसाथ करनी होंगी। सबसे पहले हमें मनुष्य बनना होगा। इस मौके काफी संख्या पर अनुयायी मौजूद रहे।
विज्ञापन