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फॉगिंग मशीन व हैंडपंप खराब, मनाया जा रहा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
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कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक करते प्रभारी सीडीओ
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। संचारी रोगों से लोगों को बचाने के लिए इस समय अभियान चल रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान व दस्तक अभियान चला रहा है। इसकी समीक्षा शनिवार देर शाम प्रभारी सीडीओ ने की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि संचारी रोग फैलाने वाले मच्छर को मारने के लिए पंचायतों में खरीदी गई फॉगिंग मशीन व गांवों में लगे हैंडपपंप ठीक नहीं है। इस पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई।
गर्मियों में संक्रामक रोग फैलता है। इसका मुख्य कारण दूषित पेयजल व मच्छर हैं। जलनिकासी न होने से यह मच्छर प्राणघातक रूप ले लेते हैं। इससे निपटने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान चला रहा है। इस अभियान की समीक्षा प्रभारी सीडीओ विनय कुमार तिवारी कलेक्ट्रेट सभागार में कर रहे थे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विकास खंडों में खरीदी गई फॉगिंग मशीन खराब है। गांवों में पेयजल के लिए लगे हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सामने प्रश्न उठाया कि जब यह दोनों ठीक नहीं है तो यह अभियान कैसे सफल हो सकता है।
उन्होंने सबसे पहले फॉगिग मशीन को ठीक कराने व गांव पंचायत में खराब हैंडपंपों को तत्काल रिबोर कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आईईसी मद से कार्यक्रम का प्रचार प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में सुअरबाड़ों की स्थिति खराब है। इन बाड़ों के मालिक से मिलकर उनको संवेदीकृत करने के साथ वहां छिड़काव कराया जाए। गांव में जलनिकसी व साफ सफाई अभियान चलाया जाए। इस बैठक में डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि आशा द्वारा अभियान के तहत ठीक से काम नहीं किया जा रहा है। इस पर अधीक्षकों को आशा के कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया। बैठक में प्रत्येक विद्यालय में हैंडवाश, कोविड-19 एवं नियमित टीकाकरण कराने को कहा गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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गर्मियों में संक्रामक रोग फैलता है। इसका मुख्य कारण दूषित पेयजल व मच्छर हैं। जलनिकासी न होने से यह मच्छर प्राणघातक रूप ले लेते हैं। इससे निपटने के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान चला रहा है। इस अभियान की समीक्षा प्रभारी सीडीओ विनय कुमार तिवारी कलेक्ट्रेट सभागार में कर रहे थे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विकास खंडों में खरीदी गई फॉगिंग मशीन खराब है। गांवों में पेयजल के लिए लगे हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सामने प्रश्न उठाया कि जब यह दोनों ठीक नहीं है तो यह अभियान कैसे सफल हो सकता है।
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उन्होंने सबसे पहले फॉगिग मशीन को ठीक कराने व गांव पंचायत में खराब हैंडपंपों को तत्काल रिबोर कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आईईसी मद से कार्यक्रम का प्रचार प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में सुअरबाड़ों की स्थिति खराब है। इन बाड़ों के मालिक से मिलकर उनको संवेदीकृत करने के साथ वहां छिड़काव कराया जाए। गांव में जलनिकसी व साफ सफाई अभियान चलाया जाए। इस बैठक में डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि आशा द्वारा अभियान के तहत ठीक से काम नहीं किया जा रहा है। इस पर अधीक्षकों को आशा के कार्यों की समीक्षा करने को कहा गया। बैठक में प्रत्येक विद्यालय में हैंडवाश, कोविड-19 एवं नियमित टीकाकरण कराने को कहा गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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