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कलेक्ट्रेट कर्मी समेत पांच लोग संक्रमित
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श्रावस्ती। जिले में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को आई रिपोर्ट में कलेक्ट्रेट के एक कर्मचारी सहित पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, जिन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। वहीं, 29 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो गए हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को आई रिपोर्ट में कलेक्ट्रेट कॉलोनी में रह रहे एक कर्मचारी सहित पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसमें इकौना के कल्यानपुर गांव निवासी एक, सिरसिया बाजार निवासी तीन लोग शामिल हैं। सभी मरीजों को होम क्वारंटीन किया गया है। वहीं जिले के 29 लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हो गए।
नगर व बाजारों में टहल रहे कोरोना पॉजिटिव
जिले में जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद सिर्फ गंभीर मरीजों को ही लेवल-1 हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। जबकि अन्य को अपने घरों में क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है। उनके हाथ पर न तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई मुहर लगाई जा रही है और न ही उनकी पहचान उजागर करने की जरूरत ही स्वास्थ्य विभाग महसूस कर रहा है।
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ऐसे में किस गांव या नगर के कौन से मोहल्ले में कौन व्यक्ति कोरोना संक्रमित है, इसकी पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं, बीमारी की गंभीरता को नजरअंदाज कर कोरोना संक्रमित नगर व बाजारों में टहलते देखे जा रहे हैं।
होम क्वारंटीन अवधि में 10 दिनों तक घरों से बाहर निकलना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। मेरी ऐसे सभी लोगों से अपील है कि लोग शासन व प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करें।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ
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वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को आई रिपोर्ट में कलेक्ट्रेट कॉलोनी में रह रहे एक कर्मचारी सहित पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसमें इकौना के कल्यानपुर गांव निवासी एक, सिरसिया बाजार निवासी तीन लोग शामिल हैं। सभी मरीजों को होम क्वारंटीन किया गया है। वहीं जिले के 29 लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हो गए।
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नगर व बाजारों में टहल रहे कोरोना पॉजिटिव
जिले में जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद सिर्फ गंभीर मरीजों को ही लेवल-1 हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। जबकि अन्य को अपने घरों में क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है। उनके हाथ पर न तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई मुहर लगाई जा रही है और न ही उनकी पहचान उजागर करने की जरूरत ही स्वास्थ्य विभाग महसूस कर रहा है।
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ऐसे में किस गांव या नगर के कौन से मोहल्ले में कौन व्यक्ति कोरोना संक्रमित है, इसकी पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं, बीमारी की गंभीरता को नजरअंदाज कर कोरोना संक्रमित नगर व बाजारों में टहलते देखे जा रहे हैं।
होम क्वारंटीन अवधि में 10 दिनों तक घरों से बाहर निकलना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। मेरी ऐसे सभी लोगों से अपील है कि लोग शासन व प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करें।
-डॉ. एपी भार्गव, सीएमओ