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खुशहाल होगा किसान, बुझेगी सूखी धरती की प्यास

Sat, 01 Feb 2020 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:33 PM IST
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Farmers will be happy, thirst for dry earth will be extinguished
श्रावस्ती। केंद्र सरकार ने आम बजट 2020-21 में किसानों, मछुआरों, महिलाओं, आदिवासियों तथा मध्यम वर्ग के लिए कई घोषणाएं की हैं। फसलों को सुरक्षित बाजारों व मंडियों तक पहुंचाकर किसान जहां अच्छी आय अर्जित करेंगे। वहीं जलाशयों, झीलों तथा तालाबों में मछली पालन कर मछुआरा समुदाय भी खुशहाल होगा। जिले की कई हेक्टेअर सूखी धरती की प्यास सोलर पंप व राप्ती नहर परियोजना पूरी होने से बुझ जाएगी। नौ गांवों में निवास करने वाले करीब 12 हजार थारु जनजाति परिवार विकास की मुख्य धारा से जुड़ेंगे। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगारी बनेगी। कर स्लैब में हुए परिवर्तन से मध्यम वर्ग खुशहाल होगा।
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थारु व महिलाओं की स्थिति में होगा सुधार
आम बजट में जनजाति व पिछड़ी व अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घोषणा की गई है। इस घोषणा से सिरसिया क्षेत्र के थारु बाहुल्य नौ गांवों में रहने वाले लगभग बारह हजार परिवारों को सीधे तौर पर फायदा होगा। इसी के साथ ही महिलाओं के लिए भी समूह के माध्यम से रोजगार का अवसर देने की कवायद शुरू की गई है। इससे जिले के 397 गांव पंचायतों में रहने वाली करीब करीब साढ़े पांच लाख महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। अभी तक ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मात्र 29 हजार महिलाएं ही जुड़ी हैं। यह महिलाएं घर गृहस्थी संभालने के साथ-साथ स्वरोजगारी बन आत्मनिर्भर होंगी। महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर विलेज स्टोरेज में बीजों का संग्रह करेंगी। इससे किसानों को अच्छे व सस्ते बीज मिलेगा। साथ ही इससे महिलाओं की आय भी बढ़ेगी।
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तराई के खेतों की बुझेगी प्यास
तराई वाले इस जिले में सिरसिया व हरिहरपुररानी विकास खंड असिंचित क्षेत्र है। यहां सिंचाई की कोई भी व्यवस्था नहीं है। केवल छोटे ट्यूबवेल ही यहां खेतों की प्यास बुझाते हैं। इस ट्यूबवेल से कम पानी निलने के कारण डीजल की खपत ज्यादा होती थी। इससे कृषि लागत में बढ़ोत्तरी हो जाती थी। इस बजट में सोलर पंप व ट्यूबवेल पर विशेष फोकस किया गया है। इसके साथ ही सिंचाई के अन्य साधन विकसित करने के कारण यहां करीब तीन लाख हेक्टेअर भूमि को पानी मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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कटरा एयरपोर्ट से किसानों को मिलेगी उड़ान
कृषि उपज को उड़ान योजना से जोड़ा गया है। अभी तक यहां की उपज खास तौर से शहद, जड़ी बूटी व अन्य प्रकार के फूल को स्थानीय बाजार में ही खपाना पड़ता था। जबकि कुछ ही दिनों में यहां का एयरपोर्ट सेवा देने के लिए तैयार हो रहा है। ऐसे में इस योजना से कटरा स्थित एयरपोर्ट से किसान जुड़ पाएंगे। और यहां की उपज को विदेशों तक भेज कर उसका उचित मुनाफा कमा पाएंगे। किसानों ने केंद्र सरकार के बजट में कृषकों के हित के लिए बनाई गई योजनाओं को अच्छी पहल बताते हुए इससे किसानों की समृद्धि व आर्थिक निर्भरता की राह में अच्छा कदम बताया है। एग्रीकल्चर क्रेडिट से किसानों को काफी मदद मिलेगी। जीरो बजट फार्मिंग तथा जैविक खेती से लागत में काफी कमी आएगी।
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