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Shravasti News: सौभाग्य योेजना भी रामपुर बस्ती को नहीं कर सकी रोशन
Sat, 07 Feb 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:12 AM IST
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कचेरहियनपुरवा में लगा बिना तार का खंभा और ट्रांसफार्मर। -संवाद
श्रावस्ती/गिरंट बाजार। ग्राम पंचायत रामपुर बस्ती के मजरा कचेरहियनपुरवा में सैकड़ों लोग बिना बिजली के जीवन-यापन कर रहे हैं। वर्ष 2018 में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के तहत गांव में बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन तार आज तक नहीं खींचे गए।
सौभाग्य योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर घर में बिजली पहुंचाना था, लेकिन तराई की रामपुर बस्ती ग्राम पंचायत के कचेरहियनपुरवा मजरे में यह योजना पूरी तरह असफल साबित हुई। जिम्मेदारों ने योजना के तहत गांव में बड़े-बड़े खंभे के साथ ट्रांसफार्मर भी लगवा दिए थे, लेकिन फिर भी बिजली नहीं पहुंची।
ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि राम बघैल यादव ने बताया कि अब तो योजना के तहत लगाए गए खंभे भी जर्जर होने लगे हैं। बिजली न होने से गांव की पांच सौ से अधिक आबादी आज भी रात अंधेरे में ही काट रही है।
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ग्रामीण बोले- हमारे लिए आधुनिकता मतलब अंधेरा
गांव निवासी रोज अली, सिराज अहमद, सुबराती व हारुन आदि ने बताया कि बिजली न होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और रात में आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर न तो जनप्रतिनिधि सुनते हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी।
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सौभाग्य योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर घर में बिजली पहुंचाना था, लेकिन तराई की रामपुर बस्ती ग्राम पंचायत के कचेरहियनपुरवा मजरे में यह योजना पूरी तरह असफल साबित हुई। जिम्मेदारों ने योजना के तहत गांव में बड़े-बड़े खंभे के साथ ट्रांसफार्मर भी लगवा दिए थे, लेकिन फिर भी बिजली नहीं पहुंची।
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ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि राम बघैल यादव ने बताया कि अब तो योजना के तहत लगाए गए खंभे भी जर्जर होने लगे हैं। बिजली न होने से गांव की पांच सौ से अधिक आबादी आज भी रात अंधेरे में ही काट रही है।
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ग्रामीण बोले- हमारे लिए आधुनिकता मतलब अंधेरा
गांव निवासी रोज अली, सिराज अहमद, सुबराती व हारुन आदि ने बताया कि बिजली न होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और रात में आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर न तो जनप्रतिनिधि सुनते हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारी।