फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Drought in May, less than average rainfall in June

Shravasti News: मई गया सूखा, जून में भी औसत से कम हुई बारिश

Wed, 28 Jun 2023 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Wed, 28 Jun 2023 10:57 PM IST
विज्ञापन
Drought in May, less than average rainfall in June
श्रावस्ती। तराई में किसानों से मेघ नाराज हैं। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में औसत से कम बारिश होने से जहां धान की नर्सरी प्रभावित है। वहीं जून के अंतिम सप्ताह में भी किसान धान की रोपाई न कर उसकी नर्सरी डालते देखे जा रहे हैं।प्री मानसून की बरसात से देश व प्रदेश के अन्य जिले पानी-पानी हो चुके हैं। जबकि तराई के खेतों में धूल उड़ रही है।
विज्ञापन

जनवरी व फरवरी में पानी की एक बूंद भी जिले में नहीं पड़ी। जबकि मार्च में 18.70 व अप्रैल में मात्र 3.50 एमएम बारिश हुई। वहीं मई भी पूरी तरह से सूखा रहा। जून में मात्र चार एमएम पानी बरसा। जो औसत 149.70 एमएम की अपेक्षा न के बराबर है। ऐसे में जिले की धरती तप रही है। शाम को खेतों में भरा जाने वाला पानी सुबह तक गायब हो जाता है। वहीं अब जब जून खत्म होने वाला है। तब भी खेतों में हरियाली के स्थान पर धूल उड़ रही है।
विज्ञापन

ताल-तलैयों के सूखने व जलस्तर के नीचे जाने के कारण सिंचाई के बावजूद खेतों की नमी कम हो रही है। ऐसे में पंपिंग सेट के सहारे धान की नर्सरी डाल चुके किसान बरसात न होने के कारण धान की रोपाई नहीं कर पा रहे है। वहीं हरिहरपुररानी व सिरसिया विकास क्षेत्र के ज्यादातर किसान अभी धान की नर्सरी भी नहीं डाल सके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए किसान आसमान की ओर निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि यदि एक सप्ताह में बरसात न हुई तो धान की पैदावार काफी प्रभावित होगी। वहीं आसमान पर घुमड़ रहे काले बादलों के बिना बरसे लौट जाने से किसान परेशान हैं।

तराई में दिख रहा सूखे का आसार
माह औसत बरसात 2020 2021 2022 2023
जनवरी 21 00 00 45.70 00
फरवरी 21.70 36.90 1.30 34.90 00
मार्च 10.60 2.50 1.60 00 18.70
अप्रैल 7.90 10.50 12.50 00 3.50
मई 27.50 20.70 177.30 30.10 00
जून 149.70 316.60 432.60 69 04

इस वर्ष औसत से काफी कम बरसात हुई है। फिर भी अभी बरसात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। किसान धान की नर्सरी डाल दें। संभव हो तो बिना रोपाई वाले मोटे धान बीज की बोआई करें, लाभ
करें, फायदा मिलेगा।
- डॉ. अवधेश कुमार यादव जिला कृषि अधिकारी संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed