{"_id":"5f91b5ae8ebc3e9b813495f4","slug":"do-not-spend-laxity-in-finding-the-patient-srawasti-news-lko5466125159","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षय रोगी खोजने में न बरतें शिथिलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षय रोगी खोजने में न बरतें शिथिलता
विज्ञापन
श्रावस्ती। जिले में दो से 11 नवंबर तक सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षय रोगी खोज अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी टीके शिबु ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के सफल संचालन को चुनौती के रूप में लेना होगा। इस बार यह भी प्रयास होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति इससे छूटने न पाए। अभियान के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन भी किया जाए, ताकि स्वयं भी सुरक्षित रहें व बीमारी को और फैलने से रोका जा सके। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्ष चिह्नित क्षेत्रों में अपने माध्यम से आम जनमानस में अभियान की जानकारी पहुंचाए।
जिससे अभियान के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सके। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि इस अभियान के तहत सभी मापदंडों को ध्यान में रखकर कार्य किया जाएगा। घर-घर भ्रमण के दौरान कोविड-19 के सभी नियमों को भी ध्यान में रखा जाए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने कहा कि पूरे विश्व में टीबी एक बड़े खतरे के रुप में अपने पैर पसार रही है। विश्व के औसत से सिर्फ भारत में ही 27 प्रतिशत मरीज है। सीधे शब्दों में कहे तो हर चौथा टीबी का मरीज भारत का है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाया जाए। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी क्रम में सिरसिया की 51 हजार, भिनगा की 20 हजार, भंगहा की 20 हजार एवं मल्हीपुर की 40 हजार की आबादी चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों की तीन सदस्यीय टीम चयनित गांव एवं पुरवे में जाकर घर घर भ्रमण करेगी। साथ ही घर के प्रत्येक सदस्य में टीबी के लक्षण के अनुसार स्वास्थ्य का परीक्षण कर संभावित मरीजों को खोजेगी। 02 से 11 नवंबर तक चलने वाले अभियान में टीमें कुल एक लाख 31 हजार आबादी में मरीज खोजेंगी। बैठक में डीपीआरओ किरन, डीपीओ आशा सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डॉ. प्रवीन, डॉ. रवींद्र सोनकर, डॉ विनय वर्मा, डॉ. एसके मिश्रा, डीपीसी रवि कुमार मिश्र, अनुपम श्रीवास्तव, संदीप सिंह, अल्ताफ हुसैन व पंकज शर्मा सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक के दौरान जिलाधिकारी टीके शिबु ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के सफल संचालन को चुनौती के रूप में लेना होगा। इस बार यह भी प्रयास होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति इससे छूटने न पाए। अभियान के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन भी किया जाए, ताकि स्वयं भी सुरक्षित रहें व बीमारी को और फैलने से रोका जा सके। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्ष चिह्नित क्षेत्रों में अपने माध्यम से आम जनमानस में अभियान की जानकारी पहुंचाए।
विज्ञापन
जिससे अभियान के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सके। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि इस अभियान के तहत सभी मापदंडों को ध्यान में रखकर कार्य किया जाएगा। घर-घर भ्रमण के दौरान कोविड-19 के सभी नियमों को भी ध्यान में रखा जाए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने कहा कि पूरे विश्व में टीबी एक बड़े खतरे के रुप में अपने पैर पसार रही है। विश्व के औसत से सिर्फ भारत में ही 27 प्रतिशत मरीज है। सीधे शब्दों में कहे तो हर चौथा टीबी का मरीज भारत का है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाया जाए। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी क्रम में सिरसिया की 51 हजार, भिनगा की 20 हजार, भंगहा की 20 हजार एवं मल्हीपुर की 40 हजार की आबादी चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों की तीन सदस्यीय टीम चयनित गांव एवं पुरवे में जाकर घर घर भ्रमण करेगी। साथ ही घर के प्रत्येक सदस्य में टीबी के लक्षण के अनुसार स्वास्थ्य का परीक्षण कर संभावित मरीजों को खोजेगी। 02 से 11 नवंबर तक चलने वाले अभियान में टीमें कुल एक लाख 31 हजार आबादी में मरीज खोजेंगी। बैठक में डीपीआरओ किरन, डीपीओ आशा सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डॉ. प्रवीन, डॉ. रवींद्र सोनकर, डॉ विनय वर्मा, डॉ. एसके मिश्रा, डीपीसी रवि कुमार मिश्र, अनुपम श्रीवास्तव, संदीप सिंह, अल्ताफ हुसैन व पंकज शर्मा सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।