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श्रावस्ती में मिले कोरोना पाजिटिव के तीन मरीज
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श्रावस्ती। जिले का नाम अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों वाले जिलों की सूची में जुड़ गया है। बुधवार देर रात इन मरीजों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली। पॉजिटिव पाए गये तीनों मरीज पिछले दिनों बाहर से घर लौटे थे।
यहां तीनों को क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। तीन मरीज पॉजिटिव मिलने के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति है। डीएम व एसपी ने उन क्वारंटीन स्थलों का निरीक्षण किया। जहां तीनों रखे गये थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग इनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार करने में जुट गया।
अब तक जिले में कोविड-19 का एक भी मरीज नहीं था। लेकिन गुरुवार सुबह उस समय जिले में हड़कंप मच गया जब जमुनहा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय व इकौना के खरगौरा बस्ती के लोहनिया क्वारंटीन स्थल पर रखे गये तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
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तीनों की रिपोर्ट बुधवार देर रात स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई थी। इसके अनुसार जमुनहा के आलागांव निवासी दो युवकों (दोनों भाई) के साथ ही इकौना के खरगौरा बस्ती निवासी एक युवक कोरोना पॉजिटिव है।
कोरोना पॉजिटिव मिले युवकों ने बताया कि वह अपने अन्य भाइयों के साथ नागपुर में रहते हैं। और वहां जूस का ठेला लगाते हैं। 15 अप्रैल को नागपुर से पांचों एक साथ एक ट्रक में बैठकर कानपुर के लिए निकले थे। 16 अप्रैल की रात दस बजे वह कानपुर पहुंचे। उस ट्रक में कुछ अन्य लोग भी थे।
कानपुर में पैदल चल कर वह शहर से बाहर आ गये। जहां इन लोगों ने एक पिकप छह हजार रुपये किराए पर ली और घर आ गयेे। इनका दावा है कि पूरी रात यह घर के अंदर नहीं घुसे।
सुबह 19 अप्रैल को गांव के प्रधान व एक अन्य ने इन पांचों को दो मोटरसाइकिलों से इमिलिया करनपुर चेक पोस्ट पर जांच के लिए पहुंचाया। जहां इनको संदिग्ध मानते हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बनाए गये क्वारंटीन सेंटर में भेजा दिया गया।
इकौना के ग्राम खरगौरा बस्ती निवासी युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। वह आगरा में रह कर मजदूरी कर रहा था। उसका कहना है कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन बढ़ जाने के बाद वह पैदल ही घर के लिए निकला था।
उसके साथ कुल 25 लोग थे। इसमें से पांच जिले के ही राधानगर गांव के थे। कुछ बहराइच के थे। जब वह आगरा से निकले तो पुलिस ने एक गाड़ी पर लखनऊ तक के लिए बैठा दिया था।
लखनऊ से दूसरे वाहन से बाराबंकी तक आए। वहां से कोई साधन न मिलने से जरवल रोड तक पैदल आए। जरवल में अपने बहनोई की बाइक से 18 अप्रैल को घर पहुंचा। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने परीक्षण कर गांव के स्कूल में उसे क्वारंटीन कर दिया।
जमुनहा के क्वारंटीन स्थल कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 27 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। यहां सभी मरीजों के अलग-अलग कमरे में रहने की व्यवस्था है। लेकिन सभी के बरामदा व बैठने के लिए मैदान एक ही है।
जिसके चलते यह सभी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में जिन छह लोगों की जांच हुई थी। उसमें चार निगेटिव हैं। दो ही पॉजिटिव हैं। ऐसे में अन्य लोग भी सशंकित हैं। स्वास्थ्य विभाग अब अन्य लोगों की जांच कराने की बात कह रहा है।
डॉ. एपी भार्गव जमुनहा में दो व इकौना में एक मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह सभी बाहर से लौटे हैं। पॉजिटिव पाए तीनों मरीजों को बहराइच के चित्तौरा सीएचसी में कोविड-19 हास्पिटल एल वन में भेजा जा रहा है।
इसके साथ ही इनके साथ रहने वाले सभी क्वारंटीन व्यक्तियों का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। अब हम इनके संपर्क में आए लोगों का ब्यौरा जुटा रहे हैं।
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यहां तीनों को क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। तीन मरीज पॉजिटिव मिलने के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति है। डीएम व एसपी ने उन क्वारंटीन स्थलों का निरीक्षण किया। जहां तीनों रखे गये थे। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग इनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार करने में जुट गया।
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अब तक जिले में कोविड-19 का एक भी मरीज नहीं था। लेकिन गुरुवार सुबह उस समय जिले में हड़कंप मच गया जब जमुनहा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय व इकौना के खरगौरा बस्ती के लोहनिया क्वारंटीन स्थल पर रखे गये तीन लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
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तीनों की रिपोर्ट बुधवार देर रात स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई थी। इसके अनुसार जमुनहा के आलागांव निवासी दो युवकों (दोनों भाई) के साथ ही इकौना के खरगौरा बस्ती निवासी एक युवक कोरोना पॉजिटिव है।
कोरोना पॉजिटिव मिले युवकों ने बताया कि वह अपने अन्य भाइयों के साथ नागपुर में रहते हैं। और वहां जूस का ठेला लगाते हैं। 15 अप्रैल को नागपुर से पांचों एक साथ एक ट्रक में बैठकर कानपुर के लिए निकले थे। 16 अप्रैल की रात दस बजे वह कानपुर पहुंचे। उस ट्रक में कुछ अन्य लोग भी थे।
कानपुर में पैदल चल कर वह शहर से बाहर आ गये। जहां इन लोगों ने एक पिकप छह हजार रुपये किराए पर ली और घर आ गयेे। इनका दावा है कि पूरी रात यह घर के अंदर नहीं घुसे।
सुबह 19 अप्रैल को गांव के प्रधान व एक अन्य ने इन पांचों को दो मोटरसाइकिलों से इमिलिया करनपुर चेक पोस्ट पर जांच के लिए पहुंचाया। जहां इनको संदिग्ध मानते हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बनाए गये क्वारंटीन सेंटर में भेजा दिया गया।
इकौना के ग्राम खरगौरा बस्ती निवासी युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। वह आगरा में रह कर मजदूरी कर रहा था। उसका कहना है कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन बढ़ जाने के बाद वह पैदल ही घर के लिए निकला था।
उसके साथ कुल 25 लोग थे। इसमें से पांच जिले के ही राधानगर गांव के थे। कुछ बहराइच के थे। जब वह आगरा से निकले तो पुलिस ने एक गाड़ी पर लखनऊ तक के लिए बैठा दिया था।
लखनऊ से दूसरे वाहन से बाराबंकी तक आए। वहां से कोई साधन न मिलने से जरवल रोड तक पैदल आए। जरवल में अपने बहनोई की बाइक से 18 अप्रैल को घर पहुंचा। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने परीक्षण कर गांव के स्कूल में उसे क्वारंटीन कर दिया।
जमुनहा के क्वारंटीन स्थल कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में 27 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। यहां सभी मरीजों के अलग-अलग कमरे में रहने की व्यवस्था है। लेकिन सभी के बरामदा व बैठने के लिए मैदान एक ही है।
जिसके चलते यह सभी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में जिन छह लोगों की जांच हुई थी। उसमें चार निगेटिव हैं। दो ही पॉजिटिव हैं। ऐसे में अन्य लोग भी सशंकित हैं। स्वास्थ्य विभाग अब अन्य लोगों की जांच कराने की बात कह रहा है।
डॉ. एपी भार्गव जमुनहा में दो व इकौना में एक मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह सभी बाहर से लौटे हैं। पॉजिटिव पाए तीनों मरीजों को बहराइच के चित्तौरा सीएचसी में कोविड-19 हास्पिटल एल वन में भेजा जा रहा है।
इसके साथ ही इनके साथ रहने वाले सभी क्वारंटीन व्यक्तियों का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। अब हम इनके संपर्क में आए लोगों का ब्यौरा जुटा रहे हैं।