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Shravasti News: 121 साल पुराने भवन में पढ़ रहे बच्चे

Thu, 17 Aug 2023 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Thu, 17 Aug 2023 11:12 PM IST
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Children studying in 121 year old building
केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय इकौना में व्याप्त जल भराव
प्रशासन ने नहीं दिया साथ तो प्रधान शिक्षक ने सोशल मीडिया पर मांगी मदद
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संवाद न्यूज एजेंसी
इकौना (श्रावस्ती)। केंद्रीय विद्यालय इकौना का भवन 1902 में बना था। इस भवन निर्माण को करीब एक सौ इक्कीस वर्ष हो चुके है। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। पूरे कैंपस में जलभराव है। इस स्कूल को ध्वस्त करने के लिए सितंबर 2022 से ही प्रक्रिया चल रही है। इसके बावजूद इस स्कूल को ध्वस्त नहीं किया जा सका। अभी यहां 206 बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल कर पढ़ रहे है। वहीं इस प्रशासनिक उदासीनता से परेशान स्कूल के प्रधान शिक्षक ने स्कूल परिसर से जलभराव खत्म करने के लिए सोशल मीडिया पर क्यू आर कोड जारी कर सौ-सौ रूपए जन सहयोग की अपील की है।
केंद्रीय विद्यालय इकौना का निर्माण 1902 में हुआ था। इस स्कूल का अपना दौर था। जब यहां बच्चों के ककहरा की आवाज दूर तक गूंजती थी। अभी भी इस स्कूल में 112 बच्चे पंजीकृत है। इसी विद्यालय में महामाया राजकीय इंटर कॉलेज भी संचालित है। इसमें भी 94 बच्चे अध्ययनरत है। लेकिन इस स्कूल का कैंपस जर्जर हो चुका है। कभी भी स्कूल की छत गिर सकती है। इसके बावजूद कोई विकल्प न होने के कारण बच्चे यहां प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डाल कर पढ़ने आते है।
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इस जर्जर विद्यालय का ध्वस्त कर इसके स्थान पर नया विद्यालय बनाने का आदेश डीएम ने 9 सितंबर 2022 को ही कमेटी गठित करके दे दिया था। इसके बाद ही बीएसए ने भी पत्र जारी किया। इस पत्राचार को भी करीब एक वर्ष बीत गया। इसके बावजूद इस जर्जर स्कूल व इसके कैंपस में होने वाले जलभराव को लेकर कोई ठोस कार्य नहीं हो पाया। आज भी बच्चे जलभराव वाले जर्जर स्कूल में ही बैठकर ही पढ़ने को मजबूर है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी लिया था संज्ञान
जर्जर स्कूल ने जोखिम के साथ पढ़ाई के मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया था। इसी के बाद 17 नवंबर को सीएम कार्यालय से आख्या भी मांगी गई थी। विभाग ने अपना दामन बचाने के लिए आख्या तो भेज दिया लेकिन इसके बाद भी बच्चों को जर्जर स्कूल से मुक्ति नहीं मिली।
बाक्स में
नगर पंचायत ने टेंडर तो निकाला लेकिन नहीं बनाया स्कूल
नगर पंचायत इकौना नगर राज्य वित्त से इस स्कूल को बनाने के लिए 30 मई 2022 को ही टेंडर निकाला था, लेकिन स्कूल का निर्माण नहीं हो सका। इस टेंडर का पैसा कहां चला गया किसी को पता नहीं।

प्रशासन ने नहीं दिया साथ तो सोशल मीडिया पर गुहार
केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय इकौना के पूरे कैंपस में जलभराव है। लगातार पत्राचार के बाद भी इस समस्या का समाधान न होने से परेशान प्रधान शिक्षक ने सोशल मीडिया पर क्यूआर कोड पोस्ट कर १००-१०० रुपये का सहयोग देने की अपील की, ताकि कैंपस से जलभराव को हटाया जा सके।


केंद्रीय विद्यालय इकौना के पुराने भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया जाएगा। जहां तक क्यूआर कोड से जन सहयोग मांगने का मामला है, इसकी जानकारी नहीं है। पता करके ही कुछ बताया जा सकता है। अमिता सिंह, बीएसए
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