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नियम दरकिनार, ट्रैक्टर-ट्रॉली से ढो रहे सवारी
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भिनगा सिरसिया मार्ग पर कुछ इस तरह सवारी बैठा कर फर्राटा भराते वाहन
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से शनिवार को 26 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद शासन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों पर सख्ती करने व उनसे 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का आदेश जारी किया गया है। जिसकी जिले में पहले दिन ही हवा निकल गई। कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराने के बाद न सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। बल्कि उनसे सवारियां भी ढोई जा रही हैं।
कानपुर व सीतापुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई मौतों के बाद भले ही सरकार गंभीर हो गई हो। लेकिन जिले में इसका कोई खौफ व असर देखने को नहीं मिल रहा है। कानपुर में हुई घटना पर मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद हरकत में आए यातायात विभाग की ओर से 10 दिन का विशेष अभियान चलाने व ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों से 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का फरमान जारी किया गया है। जिसका जिले में पहले दिन कोई असर नहीं दिखा। एक तरफ जहां नवरात्रि पर लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां बैठाकर देवी मंदिरों को जाते दिखे। वहीं अन्य भार वाहनों पर भी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते देखा जा रहा है। जिन पर कार्रवाई करना तो दूर इन्हें टोकना भी यातायात पुलिस व परिवहन विभाग मुनासिब नहीं समझ रहा है।
रजिस्ट्रेशन के नियमों की हो रही अनदेखी
जिले में देखा जाए तो जुलाई माह तक खरीदे गए सभी 11,411 ट्रैक्टरों का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराया गया है। इनमें नगर पालिका व नगर पंचायत की भी ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। जिनका उपयोग कूड़ा उठाने में किया जाता है। इसके साथ ही जिले के करीब 116 ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जबकि उनका भी पंजीयन केवल कृषि कार्य के लिए है। इतना ही नहीं वन निगम में लकड़ी ढुलाई के लिए लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली का भी कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराकर उनका कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जिनसे सामान की ढुलाई के साथ ही सवारियां भी ढोई जा रही हैं। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। बल्कि लोगों की जिंदगी भी दांव पर लग रही है।
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यह है पंजीयन का नियम
ट्रैक्टर का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराने में कोई फीस नहीं देनी पड़ती। सिर्फ फाइनेंस का 1500 रुपये ही देना पड़ता है। जबकि ट्रॉली का कॉमर्शियल रजिस्ट्रेशन कराने पर 1500 रुपये पंजीयन शुल्क, 800 रुपये फिटनेस व पांच वर्ष के लिए परमिट के लिए 13 हजार रुपये जमा करना पड़ता है। इसके साथ ही दो पहिया ट्रॉली पर 5,358 रुपये, चार पहिया ट्रॉली पर 8,037 रुपये व छह पहिया ट्रॉली पर 10,716 रुपये वार्षिक टैक्स के रूप में जमा करना पड़ता है। पूरे जिले में पंाच ट्रॉली ही कॉमर्शियल रूप से पंजीकृत हैं। जिन पर काफी टैक्स बाकी होने के कारण उनके संचालन पर रोक है।
यहां भी पैसा बचाने के चक्कर में जा चुकी कई जान
सिरसिया थाना क्षेत्र के रनियापुर से चार वर्ष पूर्व मजदूरों को लेकर लखनऊ जा रही डीसीएम बहराइच के घाघरा घाट पर नदी में पलट गई थी। जिसमें सात मजदूरों की मौत हो गई थी। पांच वर्ष पूर्व देवीपाटन मंदिर से मुंडन कराकर बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र लौट रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बौद्ध परिपथ पर इकौना थाना क्षेत्र में पलट गई थी। जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। उसी वर्ष इकौना में ही एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। गिलौला के राजापुर गांव के निकट तीन वर्ष पूर्व ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से प्रसव के लिए अस्पताल जा रही गर्भवती की मौत हो गई थी। जिले में शायद ही कोई वर्ष ऐसा बीता हो जब भार वाहनों पर सवार यात्रियों की मौत न हुई हो। इसके बावजूद लोग हैं कि सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
जिले में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह भार वाहनों पर बैठकर कदापि सफर न करें। यदि ट्रॉली पर सवारी बैठाकर ले जाया गया तो जुर्माना वसूल किया जाएगा। -विनीत कुमार मिश्र, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करें। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली अथवा भार वाहनों पर यात्री बैठे मिले तो उनके विरुद्ध कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया जाए। -प्रवीण कुमार यादव, एएसपी
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कानपुर व सीतापुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई मौतों के बाद भले ही सरकार गंभीर हो गई हो। लेकिन जिले में इसका कोई खौफ व असर देखने को नहीं मिल रहा है। कानपुर में हुई घटना पर मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद हरकत में आए यातायात विभाग की ओर से 10 दिन का विशेष अभियान चलाने व ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी बैठाने वालों से 10 हजार रुपये जुर्माना वसूल करने का फरमान जारी किया गया है। जिसका जिले में पहले दिन कोई असर नहीं दिखा। एक तरफ जहां नवरात्रि पर लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां बैठाकर देवी मंदिरों को जाते दिखे। वहीं अन्य भार वाहनों पर भी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते देखा जा रहा है। जिन पर कार्रवाई करना तो दूर इन्हें टोकना भी यातायात पुलिस व परिवहन विभाग मुनासिब नहीं समझ रहा है।
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रजिस्ट्रेशन के नियमों की हो रही अनदेखी
जिले में देखा जाए तो जुलाई माह तक खरीदे गए सभी 11,411 ट्रैक्टरों का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराया गया है। इनमें नगर पालिका व नगर पंचायत की भी ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। जिनका उपयोग कूड़ा उठाने में किया जाता है। इसके साथ ही जिले के करीब 116 ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जबकि उनका भी पंजीयन केवल कृषि कार्य के लिए है। इतना ही नहीं वन निगम में लकड़ी ढुलाई के लिए लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली का भी कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराकर उनका कॉमर्शियल उपयोग हो रहा है। जिनसे सामान की ढुलाई के साथ ही सवारियां भी ढोई जा रही हैं। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। बल्कि लोगों की जिंदगी भी दांव पर लग रही है।
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यह है पंजीयन का नियम
ट्रैक्टर का केवल कृषि कार्य के लिए पंजीयन कराने में कोई फीस नहीं देनी पड़ती। सिर्फ फाइनेंस का 1500 रुपये ही देना पड़ता है। जबकि ट्रॉली का कॉमर्शियल रजिस्ट्रेशन कराने पर 1500 रुपये पंजीयन शुल्क, 800 रुपये फिटनेस व पांच वर्ष के लिए परमिट के लिए 13 हजार रुपये जमा करना पड़ता है। इसके साथ ही दो पहिया ट्रॉली पर 5,358 रुपये, चार पहिया ट्रॉली पर 8,037 रुपये व छह पहिया ट्रॉली पर 10,716 रुपये वार्षिक टैक्स के रूप में जमा करना पड़ता है। पूरे जिले में पंाच ट्रॉली ही कॉमर्शियल रूप से पंजीकृत हैं। जिन पर काफी टैक्स बाकी होने के कारण उनके संचालन पर रोक है।
यहां भी पैसा बचाने के चक्कर में जा चुकी कई जान
सिरसिया थाना क्षेत्र के रनियापुर से चार वर्ष पूर्व मजदूरों को लेकर लखनऊ जा रही डीसीएम बहराइच के घाघरा घाट पर नदी में पलट गई थी। जिसमें सात मजदूरों की मौत हो गई थी। पांच वर्ष पूर्व देवीपाटन मंदिर से मुंडन कराकर बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र लौट रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बौद्ध परिपथ पर इकौना थाना क्षेत्र में पलट गई थी। जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। उसी वर्ष इकौना में ही एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। गिलौला के राजापुर गांव के निकट तीन वर्ष पूर्व ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से प्रसव के लिए अस्पताल जा रही गर्भवती की मौत हो गई थी। जिले में शायद ही कोई वर्ष ऐसा बीता हो जब भार वाहनों पर सवार यात्रियों की मौत न हुई हो। इसके बावजूद लोग हैं कि सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
जिले में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह भार वाहनों पर बैठकर कदापि सफर न करें। यदि ट्रॉली पर सवारी बैठाकर ले जाया गया तो जुर्माना वसूल किया जाएगा। -विनीत कुमार मिश्र, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करें। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली अथवा भार वाहनों पर यात्री बैठे मिले तो उनके विरुद्ध कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया जाए। -प्रवीण कुमार यादव, एएसपी