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बौद्ध अनुयायियों ने की पूजा
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जेतवन परिसर में पूजा अर्चना करते अनुयायी।
- फोटो : SRAWASTI
कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती स्थित जेतवन परिसर शनिवार को बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रहा। इस दौरान श्रीलंका से आए बौद्ध अनुयायियों ने विशेष वर्षावास पूजा की। अनुयायियों ने तपोस्थली के विभिन्न मूमेंटों में जाकर विश्व शांति की कामना की।
बौद्ध तपोस्थली शनिवार को श्रीलंकाई बौद्ध अनुयायियों ने गुलजार रही। अनुयायियों ने जेतवन परिसर में विशेष वर्षावास पूजन की। इस दौरान समूची तपोस्थली बुद्धम् शरणम् गच्छाम्,ि संघम् शरणम् गच्छाम्,ि धम्मम् शरणम् गच्छाम् िके उद्घोष से गूंजायमान रही।
इस मौके पर बौद्ध भिक्षु दीपालोक ने कहा कि भगवान बुद्ध ने यहां 24 वर्षावास व्यतीत किया। इसके चलते श्रावस्ती का कण कण पूजनीय है। इस दौरान अनुयायियों ने जेतवन परिसर में भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। मौके पर धम्म सागर, नागसागर, नागलोक, आनंद सागर, नागरत्न, इंद्रसेन, सीलसागर, माता विद्यावती सहित अन्य भिक्षु मौजूद रहे।
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बौद्ध तपोस्थली शनिवार को श्रीलंकाई बौद्ध अनुयायियों ने गुलजार रही। अनुयायियों ने जेतवन परिसर में विशेष वर्षावास पूजन की। इस दौरान समूची तपोस्थली बुद्धम् शरणम् गच्छाम्,ि संघम् शरणम् गच्छाम्,ि धम्मम् शरणम् गच्छाम् िके उद्घोष से गूंजायमान रही।
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इस मौके पर बौद्ध भिक्षु दीपालोक ने कहा कि भगवान बुद्ध ने यहां 24 वर्षावास व्यतीत किया। इसके चलते श्रावस्ती का कण कण पूजनीय है। इस दौरान अनुयायियों ने जेतवन परिसर में भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। मौके पर धम्म सागर, नागसागर, नागलोक, आनंद सागर, नागरत्न, इंद्रसेन, सीलसागर, माता विद्यावती सहित अन्य भिक्षु मौजूद रहे।
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