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वेतन न मिला तो करेंगे बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार
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्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सोंपते रमसा शिक्षक।
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राजकीय हाईस्कूलों में तैनात शिक्षकों को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि वेतन भुगतान की मांग को लेकर शिक्षकों ने जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक धरना प्रदर्शन भी किया गया। इसके बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में शनिवार को रमसा शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इसमें शिक्षकों ने वेतन न मिलने पर बोर्ड परीक्षा ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव को सौंपे ज्ञापन में राजकीय शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सरोज गिरी ने कहा है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के राजकीय हाईस्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की गई थी। सभी राजकीय हाईस्कूल एकल शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। इससे शिक्षकों पर कार्य का भार अधिक है।
यदि शिक्षक एक भी दिन विद्यालय न जाए तो विद्यालय में ताला बंदी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में जब बोर्ड परीक्षा प्रारंभ हो रही है, तो शिक्षक अवकाश लेकर घर भी नहीं जा पा रहें हैं। इसके बावजूद रमसा शिक्षकों को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षकों की ओर से लखनऊ में धरना प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद मात्र एक माह का वेतन भुगतान करने की बात कही जा रही है।
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छह माह से वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट है। यदि राजकीय शिक्षकों को सोमवार तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो राजकीय शिक्षक यूपी बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में डाली, बीना, प्रतिभा रावत, अर्पणा, प्रीती, कमल कांत यादव सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव को सौंपे ज्ञापन में राजकीय शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सरोज गिरी ने कहा है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले के राजकीय हाईस्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की गई थी। सभी राजकीय हाईस्कूल एकल शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। इससे शिक्षकों पर कार्य का भार अधिक है।
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यदि शिक्षक एक भी दिन विद्यालय न जाए तो विद्यालय में ताला बंदी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में जब बोर्ड परीक्षा प्रारंभ हो रही है, तो शिक्षक अवकाश लेकर घर भी नहीं जा पा रहें हैं। इसके बावजूद रमसा शिक्षकों को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षकों की ओर से लखनऊ में धरना प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद मात्र एक माह का वेतन भुगतान करने की बात कही जा रही है।
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छह माह से वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट है। यदि राजकीय शिक्षकों को सोमवार तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो राजकीय शिक्षक यूपी बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में डाली, बीना, प्रतिभा रावत, अर्पणा, प्रीती, कमल कांत यादव सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद रहे।