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धर्म छिपाकर सात साल पहले रचाई शादी फिर दिया धोखा
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श्रावस्ती। बलरामपुर अस्पताल में आया का काम कर रही एक विधवा से जमुनहा के डिलवा निवासी युवक ने अपना धर्म छिपाकर शादी रचाई। फिर सात साल बाद धोखा देकर फरार हो गया। किसी तरह युवक का पता लगा कर जब महिला बच्चों के साथ उसके पास पहुंची तो वह अब उसे अपने रखने से साफ इंकार कर रहा है। लव जिहाद से जुड़ा यह मामला उजागर होने के बाद पीड़िता परेशानहाल है। इस मामले की शिकायत लेकर जब वह जमुनहा पुलिस चौकी पहुंची तो पुलिस मामले को लखनऊ से जुड़ा बताकर चुप्पी साधे रही।
जमुनहा चौकी पुलिस को दी तहरीर में पीड़िता उर्मिला ने बताया कि वह लखनऊ के बलरामपुर हास्पिटल में आया का कार्य कर अपने 2 बच्चों पप्पू (13) व प्रेम (09) पुत्रगण रामानंद को लालन पालन कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात हसनगंज मोहल्ला निवासी राजू पुत्र अली अहमद से हुई जो लखनऊ में अपना नाम और धर्म बदल कर रहा रहा था। बताया कि सात साल पहले उसने अपने को हिंदू बताते हुए सात साल पहले पूरे हिन्दू रीति रिवाज के साथ मंदिर में विवाह किया था। शादी के बाद उसे एक लड़का हुआ। लखनऊ के हसनगंज थाने में राजू के नाम से मामला दर्ज होने के बाद वह भागकर अपने घर जमुनहा पुलिस चौकी क्षेत्र के बरगदहा आ गया।
बताया कि जब हसनगंज पुलिस ने पति राजू को हाजिर करने का उस पर दबाव डाला तो राजू ने उर्मिला का मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। उसके बाद राजू के कुछ कागजात में आधार की रजिस्ट्रेशन नंबर मिला। उसके आधार नंबर से उसका नाम व पता सफीक अहमद पुत्र अली अहमद निवासी डिलवा बरगदहा होने की जानकारी हुई। घर पहुंचने पर पीड़िता को पति के पिता अली अहमद ने घर में जाने से रोक दिया। महिला अपने पति से मिलने जब बूढ़ी राप्ती नदी के रामपुर घाट पहुंची तो अली अहमद के परिजनों ने लाठी डंडे से मारने के लिए दौड़ा लिए। पीड़िता व बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने आकर उसकी जान बचाया। बाद में बाद में महिला को बच्चों सहित जमुनहा चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं जमुनहा पुलिस चौकी प्रभारी ने मामला लखनऊ का होने की बात कह महिला को लौटा दिया है।
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जमुनहा चौकी पुलिस को दी तहरीर में पीड़िता उर्मिला ने बताया कि वह लखनऊ के बलरामपुर हास्पिटल में आया का कार्य कर अपने 2 बच्चों पप्पू (13) व प्रेम (09) पुत्रगण रामानंद को लालन पालन कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात हसनगंज मोहल्ला निवासी राजू पुत्र अली अहमद से हुई जो लखनऊ में अपना नाम और धर्म बदल कर रहा रहा था। बताया कि सात साल पहले उसने अपने को हिंदू बताते हुए सात साल पहले पूरे हिन्दू रीति रिवाज के साथ मंदिर में विवाह किया था। शादी के बाद उसे एक लड़का हुआ। लखनऊ के हसनगंज थाने में राजू के नाम से मामला दर्ज होने के बाद वह भागकर अपने घर जमुनहा पुलिस चौकी क्षेत्र के बरगदहा आ गया।
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बताया कि जब हसनगंज पुलिस ने पति राजू को हाजिर करने का उस पर दबाव डाला तो राजू ने उर्मिला का मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। उसके बाद राजू के कुछ कागजात में आधार की रजिस्ट्रेशन नंबर मिला। उसके आधार नंबर से उसका नाम व पता सफीक अहमद पुत्र अली अहमद निवासी डिलवा बरगदहा होने की जानकारी हुई। घर पहुंचने पर पीड़िता को पति के पिता अली अहमद ने घर में जाने से रोक दिया। महिला अपने पति से मिलने जब बूढ़ी राप्ती नदी के रामपुर घाट पहुंची तो अली अहमद के परिजनों ने लाठी डंडे से मारने के लिए दौड़ा लिए। पीड़िता व बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने आकर उसकी जान बचाया। बाद में बाद में महिला को बच्चों सहित जमुनहा चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं जमुनहा पुलिस चौकी प्रभारी ने मामला लखनऊ का होने की बात कह महिला को लौटा दिया है।
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