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बरसात में भीगा धान, उठान न होने से धान खरीद प्रभावित
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सिरसिया (श्रावस्ती)। धान खरीद का कार्य समाप्त होने को है। ऐसे में किसान जैसे-तैसे अपनी उपज बेचने को बेताब हैं। वहीं उठान न होने के कारण जहां क्रय केंद्र के बाहर रखा धान बारिश में भीग गया, वहीं तौल न होने से किसान थक-हार कर अपनी उपज बिचौलियों के हाथ बेचने को विवश हैं।
सिरसिया क्षेत्र के साधन सहकारी समिति वीरपुर बगही की यह तस्वीर जिले में धान खरीद की स्थिति बयां कर रही है। केंद्र पर खरीदे गए धान की उठान न होने व केंद्र में स्थान न होने के कारण किसानों से खरीदा गया धान क्रय केंद्र के बाहर रखा गया है।
ऐसे में विगत दिनों हुई बारिश के कारण क्रय केंद्र के बाहर रखा धान भीग गया। वहीं यहां आने वाले किसानों से क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा जगह न होने के कारण पुरानी खरीद के धान के उठान के बाद ही नए धान की खरीद करने की बात कही जा रही है।
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ऐसे में जब धान खरीद का कार्य जल्द ही समाप्त होने वाला है तो किसान अपनी उपज बेचने के लिए क्रय केंद्र का चक्कर लगाने को विवश हैं।
धान खरीद न होने से जहां किसानों कि चिंता बढ़ती जा रही है। तमाम किसान अपनी दैनिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए अनाज बिचौलियों के हाथ बेचने को विवश हैं।
साधन सहकारी समिति वीरपुर बगही के सचिव रफीउल्ला बताते हैं कि मिल द्वारा धान का उठान नहीं किया जा रहा है। केंद्र पर न तो पैसा है और न ही बोरियां व स्थान। ऐसे में कैसे खरीद की जाए।
4959.42 एमटी धान पड़ा अब भी मैदान में
जिले में अब तक 16762.019 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है जिसमें से 12802.60 मीट्रिक टन धान का ही उठान हो सका है जबकि 4959.42 मीट्रिक टन धान अभी क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है।
इसका उठान नहीं हो सका है। ऐसे में विगत दिनों हुई बारिश के कारण वीरपुर बगही सहित अन्य केंद्र पर रखा धान भीग गया।
मिलो के भरोसे धान उठान
जिले में तीन एजेंसी पीसीएफ द्वारा बीस, खाद्य एवं विपणन विभाग द्वारा पांच व एफसीआई द्वारा एक क्रय केंद्र के माध्यम से धान खरीद कराई जा रही है।
इन एजेंसियों के माध्यम से 28400 मीट्रिक टन धान खरीद होनी थी जिसमें से अब तक 16762.019 एमटी धान की खरीद हो सकी है। खरीदे गए धान के उठान की जिम्मेदारी राइस मिलों पर है।
जहां पहले से ही धान डंप होने से धान नहीं उठाया जा रहा है, वहीं एजेंसियों के पास धान को सुरक्षित रखने का कोई प्रबंध नहीं है।
मिलों को धान उठान के लिए बार-बार पत्र लिखा जा रहा है। मिलों द्वारा जितना धान खपत हो रहा है, उसके सापेक्ष उठान की जा रही है।
-राजेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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सिरसिया क्षेत्र के साधन सहकारी समिति वीरपुर बगही की यह तस्वीर जिले में धान खरीद की स्थिति बयां कर रही है। केंद्र पर खरीदे गए धान की उठान न होने व केंद्र में स्थान न होने के कारण किसानों से खरीदा गया धान क्रय केंद्र के बाहर रखा गया है।
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ऐसे में विगत दिनों हुई बारिश के कारण क्रय केंद्र के बाहर रखा धान भीग गया। वहीं यहां आने वाले किसानों से क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा जगह न होने के कारण पुरानी खरीद के धान के उठान के बाद ही नए धान की खरीद करने की बात कही जा रही है।
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ऐसे में जब धान खरीद का कार्य जल्द ही समाप्त होने वाला है तो किसान अपनी उपज बेचने के लिए क्रय केंद्र का चक्कर लगाने को विवश हैं।
धान खरीद न होने से जहां किसानों कि चिंता बढ़ती जा रही है। तमाम किसान अपनी दैनिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए अनाज बिचौलियों के हाथ बेचने को विवश हैं।
साधन सहकारी समिति वीरपुर बगही के सचिव रफीउल्ला बताते हैं कि मिल द्वारा धान का उठान नहीं किया जा रहा है। केंद्र पर न तो पैसा है और न ही बोरियां व स्थान। ऐसे में कैसे खरीद की जाए।
4959.42 एमटी धान पड़ा अब भी मैदान में
जिले में अब तक 16762.019 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है जिसमें से 12802.60 मीट्रिक टन धान का ही उठान हो सका है जबकि 4959.42 मीट्रिक टन धान अभी क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है।
इसका उठान नहीं हो सका है। ऐसे में विगत दिनों हुई बारिश के कारण वीरपुर बगही सहित अन्य केंद्र पर रखा धान भीग गया।
मिलो के भरोसे धान उठान
जिले में तीन एजेंसी पीसीएफ द्वारा बीस, खाद्य एवं विपणन विभाग द्वारा पांच व एफसीआई द्वारा एक क्रय केंद्र के माध्यम से धान खरीद कराई जा रही है।
इन एजेंसियों के माध्यम से 28400 मीट्रिक टन धान खरीद होनी थी जिसमें से अब तक 16762.019 एमटी धान की खरीद हो सकी है। खरीदे गए धान के उठान की जिम्मेदारी राइस मिलों पर है।
जहां पहले से ही धान डंप होने से धान नहीं उठाया जा रहा है, वहीं एजेंसियों के पास धान को सुरक्षित रखने का कोई प्रबंध नहीं है।
मिलों को धान उठान के लिए बार-बार पत्र लिखा जा रहा है। मिलों द्वारा जितना धान खपत हो रहा है, उसके सापेक्ष उठान की जा रही है।
-राजेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी