{"_id":"5f6774cd8ebc3eb70c5edbae","slug":"5-40-lakh-embezzlement-institution-black-list-srawasti-news-lko5411036130","type":"story","status":"publish","title_hn":"5.40 लाख का गबन, संस्था ब्लैक लिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5.40 लाख का गबन, संस्था ब्लैक लिस्ट
विज्ञापन
श्रावस्ती। सीएसआर फंड के तहत जिले में हैंडपंप लगना था। इसके लिए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड को कार्यदाई संस्था बनाया गया था। संस्था ने मानक विहीन हैंडपंप लगाने के साथ साथ पैसे का भी गबन कर लिया। इसी के बाद सीडीओ ने संस्था को ब्लैक लिस्ट किया है।
जिले में पेयजल का संकट बना रहता है। इसलिए सीएसआर निधि से बीस हैंडपंप लगाने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड इलाहाबाद को कार्यदाई संस्था बनाया गया था। इसके लिए बीस हैंडपंपों के सापेक्ष 720460 रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था।
इस बजट के सापेक्ष 75 प्रतिशत यानी 541095 रुपये संस्था को दे दिए गए, लेकिन संस्था ने निर्धारित समय में हैंडपंप न लगवाकर पैसा अपने पास ही रोके रखा। यही नहीं संस्था ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के बारह इंडिया मार्का हैंडपंप निर्धारित सूची के अनुसार न लगाकर मनमाने ढंग से स्थापित करा दिया।
विज्ञापन
इस मामले में सीडीओ ने नोटिस जारी करके संस्था को अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद भी संस्था ने इस पर अपना कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में विभाग की ओर से कराई गई जांच में कार्रदायी संस्था की ओर से 12 हैंडपंपों की राशि का गबन करना, आठ हैंडपंपों की स्थापना में एक को छोड़ कर शेष मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसे शासकीय धन का दुरुपयोग मानते हुए 541095 रुपये का दुरुपयोग करने की पुष्टि होने पर सीडीओ कुमार हर्ष ने कार्रदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया।
विज्ञापन
जिले में पेयजल का संकट बना रहता है। इसलिए सीएसआर निधि से बीस हैंडपंप लगाने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड इलाहाबाद को कार्यदाई संस्था बनाया गया था। इसके लिए बीस हैंडपंपों के सापेक्ष 720460 रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था।
विज्ञापन
इस बजट के सापेक्ष 75 प्रतिशत यानी 541095 रुपये संस्था को दे दिए गए, लेकिन संस्था ने निर्धारित समय में हैंडपंप न लगवाकर पैसा अपने पास ही रोके रखा। यही नहीं संस्था ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के बारह इंडिया मार्का हैंडपंप निर्धारित सूची के अनुसार न लगाकर मनमाने ढंग से स्थापित करा दिया।
विज्ञापन
इस मामले में सीडीओ ने नोटिस जारी करके संस्था को अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद भी संस्था ने इस पर अपना कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे में विभाग की ओर से कराई गई जांच में कार्रदायी संस्था की ओर से 12 हैंडपंपों की राशि का गबन करना, आठ हैंडपंपों की स्थापना में एक को छोड़ कर शेष मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसे शासकीय धन का दुरुपयोग मानते हुए 541095 रुपये का दुरुपयोग करने की पुष्टि होने पर सीडीओ कुमार हर्ष ने कार्रदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया।