कटरा (श्रावस्ती)। सिक्किम के अनुयायियों का 30 सदस्यीय दल दर्शन-पूजन के लिए मंगलवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में जेतवन महाविहार में पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि बुद्ध की शक्ति आध्यात्मिक ज्ञान, गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन से उत्पन्न होती है। बौद्ध धर्म में शक्तियां मुख्य रूप से अनुभव, ज्ञान, विवेक, प्रज्ञा और करुणा के रूप में प्रकट होती हैं, जो मुक्ति की ओर ले जाने में सक्षम बनाती हैं। बुद्ध ने अपने ज्ञान और विवेक का उपयोग अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सच्चाई का मार्ग दिखाने के लिए किया है। अपनी करुणा और प्रेम के बल पर बुद्ध ने अनगिनत रूपों में प्रकट होकर सभी प्राणियों को मुक्त करने के तरीके सिखाए, जो उनके कुशल साधनों का प्रतीक हैं। अनुयायियों ने बौद्ध तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।