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हड़ताल ने बढ़ाई परेशानी, दिनभर भटके लोग
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श्रावस्ती। बैंक, पावर कॉर्पोरेशन व राज्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बुधवार को भी आंदोलित रहे। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकों का शटर दिन भर गिरा रहा। इससे दो दिनों में जिले में करीब नौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
उधर, पावर कॉर्पोरेशन दफ्तर में भी कर्मचारी व अधिकारी आंदोलित दिखे। राज्य कर्मचारियों ने भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए आवाज उठाई।
बैंक में ताला बंदी व एटीएम में धन न होने के कारण लोगों को मामूली जरूरतों को पूरा करने के लिए भी परेशान होना पड़ा। वहीं राज्य व विद्युत कर्मचारियों के काम न करने से लोगों की समस्याओं का निपटारा नहीं हो सका।
बैंक कर्मी ऑल इंडिया इंप्लाइज एसोसिएशन, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते जिले में 10 बैंकों की 70 शाखाओं में तालाबंदी रही।
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लगातार दो दिन बैंक बंदी के कारण जिले में लगभग नौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं इसका सीधा असर कारोबार पर भी पड़ा।
जिन व्यापारियों को बाहर से सामान मंगवाने के लिए आर्डर लगाना था, वह धन नहीं भेज पाए। यही नहीं बैंक में हड़ताल का असर एटीएम पर भी दिखा।
जिले के 18 एटीएम पैसा न होने के कारण बंद रहे। इससे लोगों को सामान्य जरूरतों के लिए भी भटकना पड़ा। एलडीएम अनंत खरे ने बताया कि हड़ताल के चलते दो दिन में लगभग नौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
उधर, जिले के विद्युत कर्मी व अभियंताओं की राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। कर्मचारी व अधिकारियों ने बिजली निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन करने की मांग की।
आगरा व ग्रेटर नोएडा की फ्रेंचाइजी निरस्त करने, 2000 के बाद भर्ती सभी कर्मियों की पुरानी पेंशन लागू करने, वेतन विसंगति दूर कर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, सरकारी क्षेत्र के बिजली घरों का नवीनीकरण करने को आवाज उठाई।
विद्युत कर्मचारियों ने जुलूस निकाल कर उपकेंद्र भिनगा में जनसभा की। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि मजदूरों का भला हो।
मजदूर संगठन भी अपनी मांगे मनवाने के लिए सब कुछ करेंगे। वहीं राज्य कर्मचारी दूसरे दिन भी अपनी पुरानी पेंशन योजना को बहाल कराने के लिए आंदोलित दिखे।
राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की सेवा पूरी उम्र की जाती है, ऐसे में रिटायर होने पर सामाजिक सुरक्षा जरूरी है। जब सरकार बुजुर्ग लोगों को पेंशन देती हैं तो कर्मचारियों को पेंशन देने में क्या समस्या है।
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उधर, पावर कॉर्पोरेशन दफ्तर में भी कर्मचारी व अधिकारी आंदोलित दिखे। राज्य कर्मचारियों ने भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए आवाज उठाई।
बैंक में ताला बंदी व एटीएम में धन न होने के कारण लोगों को मामूली जरूरतों को पूरा करने के लिए भी परेशान होना पड़ा। वहीं राज्य व विद्युत कर्मचारियों के काम न करने से लोगों की समस्याओं का निपटारा नहीं हो सका।
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बैंक कर्मी ऑल इंडिया इंप्लाइज एसोसिएशन, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते जिले में 10 बैंकों की 70 शाखाओं में तालाबंदी रही।
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लगातार दो दिन बैंक बंदी के कारण जिले में लगभग नौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं इसका सीधा असर कारोबार पर भी पड़ा।
जिन व्यापारियों को बाहर से सामान मंगवाने के लिए आर्डर लगाना था, वह धन नहीं भेज पाए। यही नहीं बैंक में हड़ताल का असर एटीएम पर भी दिखा।
जिले के 18 एटीएम पैसा न होने के कारण बंद रहे। इससे लोगों को सामान्य जरूरतों के लिए भी भटकना पड़ा। एलडीएम अनंत खरे ने बताया कि हड़ताल के चलते दो दिन में लगभग नौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
उधर, जिले के विद्युत कर्मी व अभियंताओं की राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। कर्मचारी व अधिकारियों ने बिजली निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन करने की मांग की।
आगरा व ग्रेटर नोएडा की फ्रेंचाइजी निरस्त करने, 2000 के बाद भर्ती सभी कर्मियों की पुरानी पेंशन लागू करने, वेतन विसंगति दूर कर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, सरकारी क्षेत्र के बिजली घरों का नवीनीकरण करने को आवाज उठाई।
विद्युत कर्मचारियों ने जुलूस निकाल कर उपकेंद्र भिनगा में जनसभा की। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि मजदूरों का भला हो।
मजदूर संगठन भी अपनी मांगे मनवाने के लिए सब कुछ करेंगे। वहीं राज्य कर्मचारी दूसरे दिन भी अपनी पुरानी पेंशन योजना को बहाल कराने के लिए आंदोलित दिखे।
राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की सेवा पूरी उम्र की जाती है, ऐसे में रिटायर होने पर सामाजिक सुरक्षा जरूरी है। जब सरकार बुजुर्ग लोगों को पेंशन देती हैं तो कर्मचारियों को पेंशन देने में क्या समस्या है।