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खनन अनुमति की आड़ में धड़ल्ले से शुरू हुआ बालू का अवैध खनन
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:52 AM IST
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पट्टे की आड़ में धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन
अमर उजाला ब्यूरो
इकौना (श्रावस्ती)। जिले में बालू खनन के लिए पट्टा होने के बावजूद अवैध खनन जारी है। इकौना क्षेत्र के कई घाटों के पास राप्ती नदी से खुलेआम बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। जिसकी जानकारी के बाद भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन है।
इकौना तहसील क्षेत्र के भुतहा व गौहनिया में बालू खनन के लिए पट्टा जारी किया गया है। जिसकी आड़ में खनन माफियाओं द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से राप्ती नदी के कोंड़री, कोलाभार व पुरुषोत्तमपुर में अवैध बालू खनन किया जा रहा है। अवैध खनन की बालू प्रतिदिन ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर सेमगढ़ा, गोविंदपुर, परसौरा, मोहनीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बेची जा रही है। दिनदहाड़े हो रहे अवैध खनन की जानकारी के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं। इससे जहां सरकार को लाखों रुपये प्रतिमाह राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं, किसानों की जमीन से बालू खनन कर उनके खेतों को बेकार बनाया जा रहा है। बालू खनन करने वालों को स्थानीय अधिकारियों व सत्तादल के लोगों का प्रश्रय प्राप्त होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो बरसात में कटान का खतरा बढ़ेगा। वहीं, लोगों को बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ सकता है।
कोड़री निवासी नीबर तथा सिसवारा निवासी रामसमुझ व श्यामलाल बताते हैं कि राप्ती के कछार में खनन माफिया पांच से दस फिट गहराई तक बालू खनन करते हैं। इससे कटान बढ़ने के साथ ही राप्ती की धारा भी बदलती रही है। इससे प्रतिवर्ष सैकड़ों परिवार बेघर हो रहे हैं। वहीं, हजारों एकड़ कृषि भूमि भी नदी की धारा में विलीन हो जाती है। ग्रामीणों ने डीएम दीपक मीणा से मौका मुआयना करने व अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
इकौना (श्रावस्ती)। जिले में बालू खनन के लिए पट्टा होने के बावजूद अवैध खनन जारी है। इकौना क्षेत्र के कई घाटों के पास राप्ती नदी से खुलेआम बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। जिसकी जानकारी के बाद भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन है।
इकौना तहसील क्षेत्र के भुतहा व गौहनिया में बालू खनन के लिए पट्टा जारी किया गया है। जिसकी आड़ में खनन माफियाओं द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से राप्ती नदी के कोंड़री, कोलाभार व पुरुषोत्तमपुर में अवैध बालू खनन किया जा रहा है। अवैध खनन की बालू प्रतिदिन ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर सेमगढ़ा, गोविंदपुर, परसौरा, मोहनीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बेची जा रही है। दिनदहाड़े हो रहे अवैध खनन की जानकारी के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं। इससे जहां सरकार को लाखों रुपये प्रतिमाह राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं, किसानों की जमीन से बालू खनन कर उनके खेतों को बेकार बनाया जा रहा है। बालू खनन करने वालों को स्थानीय अधिकारियों व सत्तादल के लोगों का प्रश्रय प्राप्त होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो बरसात में कटान का खतरा बढ़ेगा। वहीं, लोगों को बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ सकता है।
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कोड़री निवासी नीबर तथा सिसवारा निवासी रामसमुझ व श्यामलाल बताते हैं कि राप्ती के कछार में खनन माफिया पांच से दस फिट गहराई तक बालू खनन करते हैं। इससे कटान बढ़ने के साथ ही राप्ती की धारा भी बदलती रही है। इससे प्रतिवर्ष सैकड़ों परिवार बेघर हो रहे हैं। वहीं, हजारों एकड़ कृषि भूमि भी नदी की धारा में विलीन हो जाती है। ग्रामीणों ने डीएम दीपक मीणा से मौका मुआयना करने व अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
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