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आश्वासन देकर मुकरे एसडीएम, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:03 AM IST
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बाढ़ में हुई क्षति व फसल नुकसान की मांग कर रहे थे ग्रामीण
श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को बांसकुड़ी के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि बाढ़ में हुई क्षति व फसल नुकसान देने का आश्वासन देकर एसडीएम अपनी बात से मुकर गए। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
डीएम दीपक मीणा को सौंपे ज्ञापन में हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के ग्राम बांसकुड़ी के ग्रामीणों ने प्रतिनिधि शिवपूजन यादव के नेतृत्व में कहा है कि उनका गांव दो नदियों के बीच में है। अगस्त में आई भीषण बाढ़ के दौरान न सिर्फ उनके खेतों में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हुई।
बल्कि लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक न तो कोई क्षतिपूर्ति मिली और न ही नुकसान का आकलन ही कराया गया। वहीं तत्कालीन लेखपाल मुनीजर लाल यादव द्वारा चोरीछिपे कुछ लोगों का नाम क्षतिपूर्ति सूची में अंकित किया गया था।
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इसकी शिकायत कई बार एसडीएम भिनगा से मिलकर की गई। जिस पर एसडीएम ने 53 ग्रामीणों का नाम सूची में सम्मलित करने का आश्वासन दिया था। जबकि अब एसडीएम अपने वादे से मुकर रहे हैं। एसडीएम ने अपने बस में कुछ न होने की बात कह बिना निष्पक्ष जांच कराए ही मामले को निस्तारित कर दिया।
जिससे ग्रामीणों को अपूर्णनीय क्षति हुई है। वहीं इसके विपरीत बैरागीजोत, लखाही बेनी नगर व सेमरी चकपिहानी में बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की गई। इससे बांसकुड़ी वंचित है।
ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप कर अपने स्तर से जांच कराकर बाढ़ में हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में लहरी, बाबू, रामअधार, सलीम, मिश्रीलाल, रामचंदर, बुद्धन, सुजीत कुमार आदि शामिल थे।
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श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को बांसकुड़ी के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि बाढ़ में हुई क्षति व फसल नुकसान देने का आश्वासन देकर एसडीएम अपनी बात से मुकर गए। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
डीएम दीपक मीणा को सौंपे ज्ञापन में हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के ग्राम बांसकुड़ी के ग्रामीणों ने प्रतिनिधि शिवपूजन यादव के नेतृत्व में कहा है कि उनका गांव दो नदियों के बीच में है। अगस्त में आई भीषण बाढ़ के दौरान न सिर्फ उनके खेतों में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हुई।
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बल्कि लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक न तो कोई क्षतिपूर्ति मिली और न ही नुकसान का आकलन ही कराया गया। वहीं तत्कालीन लेखपाल मुनीजर लाल यादव द्वारा चोरीछिपे कुछ लोगों का नाम क्षतिपूर्ति सूची में अंकित किया गया था।
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इसकी शिकायत कई बार एसडीएम भिनगा से मिलकर की गई। जिस पर एसडीएम ने 53 ग्रामीणों का नाम सूची में सम्मलित करने का आश्वासन दिया था। जबकि अब एसडीएम अपने वादे से मुकर रहे हैं। एसडीएम ने अपने बस में कुछ न होने की बात कह बिना निष्पक्ष जांच कराए ही मामले को निस्तारित कर दिया।
जिससे ग्रामीणों को अपूर्णनीय क्षति हुई है। वहीं इसके विपरीत बैरागीजोत, लखाही बेनी नगर व सेमरी चकपिहानी में बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की गई। इससे बांसकुड़ी वंचित है।
ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम से हस्तक्षेप कर अपने स्तर से जांच कराकर बाढ़ में हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में लहरी, बाबू, रामअधार, सलीम, मिश्रीलाल, रामचंदर, बुद्धन, सुजीत कुमार आदि शामिल थे।