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शिक्षा को हथियार बना आगे बढ़ें छात्राएं
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श्रावस्ती। देश की आधी आबादी जब तक स्वस्थ, निर्भीक व शिक्षित नहीं होती, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण की कल्पना अधूरी है। यह बातें पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भयापुरवा में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुई परिचर्चा में जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन ने कहीं।
वहीं प्रधान शिक्षिका कादंबिनी सिंह ने छात्राओं से शिक्षा को हथियार बना कर आगे बढ़ने को कहा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने छात्राओं को स्वस्थ व सुरक्षित रह कर आगे बढ़ने के टिप्स सुझाए। अधिकारियों ने छात्राओं से स्वस्थ शरीर व मन से शिक्षित हो देश व समाज के विकास में योगदान करने की बात कही।
प्रभारी निरीक्षक भिनगा दद्दन सिंह ने छात्राओं को निर्भीक व सशक्त बनने के टिप्स देते हुए उसे अपने जीवन में अपनाने की सलाह दी। साथ ही महिला उत्पीड़न से निपटने व दूसरी महिलाओं व बच्चियों को बचाने के लिए खुले मन से आगे आने तथा पुलिस की मदद लेने की बात कही।
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सीएचसी भिनगा के चिकित्सक डॉ. विनय वर्मा ने किशोरियों के शारीरिक व मानसिक परिवर्तन के दौरान व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उपाय सुझाते हुए उन्हें स्वस्थ रहने के बारे में जानकारी दी।
जब तक हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होंगे तब तक बेहतर तरीके से शिक्षित नहीं हो सकते। शिक्षा ही सही राह व लक्ष्य चुनने में सभी के लिए सहायक साबित होती है।
- काव्या
जब इंसान का मन व मस्तिष्क कुपोषित होता है तो वह हिंसक हो जाता है। स्वस्थ व परिपक्व इंसान कभी हिंसा का सहारा नहीं लेता। ऐसे में हमें स्वस्थ व शिक्षित रहना चाहिए।
- अंजनी वर्मा
कमजोर के साथ हिंसा की संभावना अधिक रहती है। वह कमजोरी चाहे शारीरिक हो अथवा शिक्षा की। यदि आप हिंसा से बचना चाहते हैं तो इसके लिए शिक्षित व स्वस्थ होना होगा।
- अंजनी गौतम
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन व मस्तिष्क का विकास होता है। ऐसे में माता पिता को चाहिए कि वह अपने बेटे व बेटी में भेद न कर उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें व उन्हें शिक्षित बनाएं।
- रीता यादव
महिलाओं की सुरक्षा व शिक्षित बनाने के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। मदद के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। इनका लाभ तभी मिलेगा जब हम जागरूक होंगे।
- गीता यादव
बेटियों को स्वस्थ व शिक्षित बनाने के साथ उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में कैंप भी लगाए जाते हैं। हमें भी चाहिए कि हम इनमें प्रतिभाग करें।
- मोहिनी
हमें दूसरों पर आश्रित न रह कर खुद को इतना सशक्त बनाना होगा कि कोई भी हमारा शोषण नहीं कर सके। यह तभी संभव है जब हम मजबूती के साथ हर मुश्किल का सामना करें।
- मनीषा
लैंगिक भेद करना, बालिकाओं की अपेक्षा बालकों को अधिक महत्व देना, कम उम्र में लड़कियों का विवाह करना कानून अपराध है। ऐसे में माता पिता को इससे बचना चाहिए।
- शाहीन
कन्या भ्रूण हत्या, महिला हिंसा, दहेज समाज के लिए आज भी कलंक बने हैं। इसे रोकने के लिए कानून बना है। हम इसका विरोध नहीं करते। अब इसे रोकने के लिए आगे आना होगा।
- सनम
उत्पीड़न व प्रताड़ना अन्याय है। इसका शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी होते हैं। जिसका मूल कारण अशिक्षा व कमजोरी है। ऐसे में हमें स्वस्थ व शिक्षित बन कर विरोध करना होगा।
- सुधा वर्मा
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वहीं प्रधान शिक्षिका कादंबिनी सिंह ने छात्राओं से शिक्षा को हथियार बना कर आगे बढ़ने को कहा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने छात्राओं को स्वस्थ व सुरक्षित रह कर आगे बढ़ने के टिप्स सुझाए। अधिकारियों ने छात्राओं से स्वस्थ शरीर व मन से शिक्षित हो देश व समाज के विकास में योगदान करने की बात कही।
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प्रभारी निरीक्षक भिनगा दद्दन सिंह ने छात्राओं को निर्भीक व सशक्त बनने के टिप्स देते हुए उसे अपने जीवन में अपनाने की सलाह दी। साथ ही महिला उत्पीड़न से निपटने व दूसरी महिलाओं व बच्चियों को बचाने के लिए खुले मन से आगे आने तथा पुलिस की मदद लेने की बात कही।
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सीएचसी भिनगा के चिकित्सक डॉ. विनय वर्मा ने किशोरियों के शारीरिक व मानसिक परिवर्तन के दौरान व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उपाय सुझाते हुए उन्हें स्वस्थ रहने के बारे में जानकारी दी।
जब तक हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं होंगे तब तक बेहतर तरीके से शिक्षित नहीं हो सकते। शिक्षा ही सही राह व लक्ष्य चुनने में सभी के लिए सहायक साबित होती है।
- काव्या
जब इंसान का मन व मस्तिष्क कुपोषित होता है तो वह हिंसक हो जाता है। स्वस्थ व परिपक्व इंसान कभी हिंसा का सहारा नहीं लेता। ऐसे में हमें स्वस्थ व शिक्षित रहना चाहिए।
- अंजनी वर्मा
कमजोर के साथ हिंसा की संभावना अधिक रहती है। वह कमजोरी चाहे शारीरिक हो अथवा शिक्षा की। यदि आप हिंसा से बचना चाहते हैं तो इसके लिए शिक्षित व स्वस्थ होना होगा।
- अंजनी गौतम
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन व मस्तिष्क का विकास होता है। ऐसे में माता पिता को चाहिए कि वह अपने बेटे व बेटी में भेद न कर उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें व उन्हें शिक्षित बनाएं।
- रीता यादव
महिलाओं की सुरक्षा व शिक्षित बनाने के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। मदद के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। इनका लाभ तभी मिलेगा जब हम जागरूक होंगे।
- गीता यादव
बेटियों को स्वस्थ व शिक्षित बनाने के साथ उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में कैंप भी लगाए जाते हैं। हमें भी चाहिए कि हम इनमें प्रतिभाग करें।
- मोहिनी
हमें दूसरों पर आश्रित न रह कर खुद को इतना सशक्त बनाना होगा कि कोई भी हमारा शोषण नहीं कर सके। यह तभी संभव है जब हम मजबूती के साथ हर मुश्किल का सामना करें।
- मनीषा
लैंगिक भेद करना, बालिकाओं की अपेक्षा बालकों को अधिक महत्व देना, कम उम्र में लड़कियों का विवाह करना कानून अपराध है। ऐसे में माता पिता को इससे बचना चाहिए।
- शाहीन
कन्या भ्रूण हत्या, महिला हिंसा, दहेज समाज के लिए आज भी कलंक बने हैं। इसे रोकने के लिए कानून बना है। हम इसका विरोध नहीं करते। अब इसे रोकने के लिए आगे आना होगा।
- सनम
उत्पीड़न व प्रताड़ना अन्याय है। इसका शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी होते हैं। जिसका मूल कारण अशिक्षा व कमजोरी है। ऐसे में हमें स्वस्थ व शिक्षित बन कर विरोध करना होगा।
- सुधा वर्मा