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अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
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श्रावस्ती। इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी किशोरी को एक युवक ने अपने तीन साथियों के सहयोग से अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जहां साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। वहीं मुख्य आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न अदा कर पाने पर आरोपी को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी एक किशोरी को थाना क्षेत्र के पसियनपुरवा निवासी श्यामता ने 23 नवंबर 2004 की मध्य रात घर से अपहरण कर लिया था। इस दौरान उसके साथी बंशीलाल, रामसेवक व माता प्रसाद ने अपहरण करने में आरोपी श्यामता का सहयोग किया था। मामले में किशोरी के पिता ने चारों के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। मामले में अभियोजन पत्र की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह कर रहे थे।
पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अभियोजन के तर्कों के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद ने साक्ष्य के अभाव में बंशीलाल, रामसेवक व माता प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया। जबकि मुख्य आरोपी श्यामता को दस वर्ष का सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड का 25 हजार रुपया पीड़िता को देने का आदेश दिया है। साथ ही अर्थदंड न अदा कर पाने पर आरोपी श्यामता को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच में निरुद्ध किया गया है।
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इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी एक किशोरी को थाना क्षेत्र के पसियनपुरवा निवासी श्यामता ने 23 नवंबर 2004 की मध्य रात घर से अपहरण कर लिया था। इस दौरान उसके साथी बंशीलाल, रामसेवक व माता प्रसाद ने अपहरण करने में आरोपी श्यामता का सहयोग किया था। मामले में किशोरी के पिता ने चारों के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। मामले में अभियोजन पत्र की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह कर रहे थे।
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पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अभियोजन के तर्कों के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद ने साक्ष्य के अभाव में बंशीलाल, रामसेवक व माता प्रसाद को दोषमुक्त कर दिया। जबकि मुख्य आरोपी श्यामता को दस वर्ष का सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड का 25 हजार रुपया पीड़िता को देने का आदेश दिया है। साथ ही अर्थदंड न अदा कर पाने पर आरोपी श्यामता को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच में निरुद्ध किया गया है।
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