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एक्सईएन पर लगा जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:10 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। किसान का गलत बिजली बिल निरस्त करने और भविष्य में कोई भी धनराशि न वसूलने का निर्देश दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में कांधला के मोहल्ला मिर्दगान निवासी मकसूद हसन ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लखनऊ के चेयरमैन को आरोपी बनाते हुए वाद दायर कराया था। मकसूद ने ने घरेलू उपयोग के लिए 1987 में विद्युत कनेक्शन लिया था।
जिसके बिल का लगातार भुगतान किया गया। लेकिन विद्युत निगम ने कनेक्शन शुरू होने की तिथि से ही 1,14583 रुपये बिल उनके पास भेज दिया। उसने बिल को निरस्त कराने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमेन एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने इस मामले की सुनवाई की।
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जिसके बाद विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता पर मानसिक क्षति पूर्ति 5000 रुपये, वाद व्यय 3000 रुपये एक माह में पीड़ित को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
फोरम ने पीड़ित किसान के पास भेजे गए बिजली बिल को निरस्त कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी कि आरोपी को पीड़ित के विद्युत कनेक्शन के विरुद्ध कोई भी धनराशि वसूलने या भविष्य में कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं होगा। फोरम ने चूक होने पर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरणखंड द्वितीय खंड के विरुद्ध धारा 27 के तहत पीड़ित को कार्रवाई करने का सुझाव दिया है।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में कांधला के मोहल्ला मिर्दगान निवासी मकसूद हसन ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लखनऊ के चेयरमैन को आरोपी बनाते हुए वाद दायर कराया था। मकसूद ने ने घरेलू उपयोग के लिए 1987 में विद्युत कनेक्शन लिया था।
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जिसके बिल का लगातार भुगतान किया गया। लेकिन विद्युत निगम ने कनेक्शन शुरू होने की तिथि से ही 1,14583 रुपये बिल उनके पास भेज दिया। उसने बिल को निरस्त कराने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमेन एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने इस मामले की सुनवाई की।
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जिसके बाद विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता पर मानसिक क्षति पूर्ति 5000 रुपये, वाद व्यय 3000 रुपये एक माह में पीड़ित को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
फोरम ने पीड़ित किसान के पास भेजे गए बिजली बिल को निरस्त कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी कि आरोपी को पीड़ित के विद्युत कनेक्शन के विरुद्ध कोई भी धनराशि वसूलने या भविष्य में कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं होगा। फोरम ने चूक होने पर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरणखंड द्वितीय खंड के विरुद्ध धारा 27 के तहत पीड़ित को कार्रवाई करने का सुझाव दिया है।