{"_id":"5b4652b64f1c1b07278b6012","slug":"work-done-by-children-instead-of-studies","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ाई की जगह बच्चों से कराया जा रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ाई की जगह बच्चों से कराया जा रहा काम
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
गढ़ीपुख्ता थाने से पानी लेकर आते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली के गढ़ीपुख्ता में सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। ऐसा ही मामला गढ़ीपुख्ता के प्राथमिक स्कूल नंबर दो में सामने आया है। यहां बच्चों से पढ़ाई न कराकर उनके हाथों में बाल्टियां देकर 500 मीटर दूर से पानी मंगवाया जा रहा है। कारण है कि स्कूल में लगा सरकारी हैंडपंप खराब पड़ा है। बुधवार को दो बच्चे बाल्टी के बीच डंडा लगाकर थाने के हैंडपंप से पानी ढोते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल खुलने से पहले ही शिक्षा निदेशक बेसिक ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर दो दिन पूर्व सभी परिषदीय स्कूलों में पेयजल व्यवस्था, परिसर और शौचालयों की साफ- सफाई कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कई स्कूलों में व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। इसका खामियाजा स्कूल के बच्चे भुगत रहे है। ऐसा ही कुछ नजारा बुधवार को गढ़ीपुख्ता के प्राथमिक स्कूल नंबर दो में देखने को मिला। स्कूल खुले नौ दिन बीत गए है, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई है। स्कूल में लगा हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। इस कारण शिक्षक द्वारा बच्चों को पढ़ाने के स्थान पर उनसे स्कूल से 500 मीटर दूर से बाल्टियां देकर पानी मंगवाया जा रहा है। स्कूल के दो बच्चे पढ़ाई छोड़कर बाल्टी लेकर गढ़ीपुख्ता थाने से पानी ढोते नजर आए। इसके अलावा स्कूल के शौचालयों की हालत खराब है। वहीं, स्कूल प्रधानाध्यापक इंचार्ज सचिन गर्ग ने बताया कि हैंडपंप जर युक्त पानी दे रहा है। इसकी शिकायत नगर पंचायत कार्यालय में की गई थी। अभी तक ठीक नहीं कराया गया है।
सभी स्कूलों को पहले ही शिक्षा निदेशक के निर्देश पर व्यवस्था दुुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। अगर ऐसा हुआ है तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली।
विज्ञापन
विज्ञापन