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शिक्षकों की पेंशन बहाल करने वाले दल को देंगे समर्थन: नवनीत
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- शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चलाया हस्ताक्षर अभियान
- राष्ट्रीय किसान इंटर कालेज में अभियान चलाकर मुख्यमंत्री से पेंशन बहाली की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगर के राष्ट्रीय किसान इंटर कालेज में अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले शिक्षकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों ने एलान किया कि जो दल पेंशन बहाली करने का वादा करेगा उसे ही इस बार वोट देंगे। वह अपना उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से पेंशन बहाली की मांग उठाई।
इस मौके पर जिला संयोजक नवनीत कुमार ने कहा कि सरकार को तत्काल उनकी पेंशन को बहाल करना चाहिए। वह अपनी उम्र बच्चों को शिक्षा देने में लगा देते है। सरकार ने नई पेंशन स्कीम एनपीएस को लागू करके शिक्षकों का उत्पीड़न करने का कार्य किया है। सरकार को एनपीएस को बंद कर उनकी पुरानी पेंशन ही बहाल करनी चाहिए। जब पांच साल तक विधायक, सांसद, राज्यसभा व एमएलसी रहने पर एक व्यक्ति को चार-चार पेंशन मिल सकती है, तो शिक्षकों को एक पेंशन क्यों नहीं मिल सकती। नेताओं की पेंशन भी बंद कर देनी चाहिए।
जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने कांग्रेस को पेंशन बहाली करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन आज वह प्रधानमंत्री बन गए तो इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में वह पेंशन बहाली का वादा करने वाले दल को ही अपना समर्थन देकर केंद्र की सत्ता में बैठाने का कार्य करेंगे। शिक्षक के साथ एक नहीं बल्कि लाखों वोट जुड़ी हैं, सरकार उन्हें कमजोर न समझे।
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मंडल संरक्षक रजनीश कुमार ने कहा कि पांच राज्यों में पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया, लेकिन प्रदेश सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इससे पता चलता है कि यह सरकार शिक्षकों का उत्पीड़न कर रही है। इस मौके पर जिला महिला प्रभारी अमृता चौधरी, मनीष मिश्रा, फूलचंद, मंजीत सिंह, संजीव कुमार, प्रीति बालियान, ज्योति, बेबी देवी, शीनू जायसवाल, शशि, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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- राष्ट्रीय किसान इंटर कालेज में अभियान चलाकर मुख्यमंत्री से पेंशन बहाली की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगर के राष्ट्रीय किसान इंटर कालेज में अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले शिक्षकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों ने एलान किया कि जो दल पेंशन बहाली करने का वादा करेगा उसे ही इस बार वोट देंगे। वह अपना उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से पेंशन बहाली की मांग उठाई।
इस मौके पर जिला संयोजक नवनीत कुमार ने कहा कि सरकार को तत्काल उनकी पेंशन को बहाल करना चाहिए। वह अपनी उम्र बच्चों को शिक्षा देने में लगा देते है। सरकार ने नई पेंशन स्कीम एनपीएस को लागू करके शिक्षकों का उत्पीड़न करने का कार्य किया है। सरकार को एनपीएस को बंद कर उनकी पुरानी पेंशन ही बहाल करनी चाहिए। जब पांच साल तक विधायक, सांसद, राज्यसभा व एमएलसी रहने पर एक व्यक्ति को चार-चार पेंशन मिल सकती है, तो शिक्षकों को एक पेंशन क्यों नहीं मिल सकती। नेताओं की पेंशन भी बंद कर देनी चाहिए।
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जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने कांग्रेस को पेंशन बहाली करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन आज वह प्रधानमंत्री बन गए तो इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में वह पेंशन बहाली का वादा करने वाले दल को ही अपना समर्थन देकर केंद्र की सत्ता में बैठाने का कार्य करेंगे। शिक्षक के साथ एक नहीं बल्कि लाखों वोट जुड़ी हैं, सरकार उन्हें कमजोर न समझे।
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मंडल संरक्षक रजनीश कुमार ने कहा कि पांच राज्यों में पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया गया, लेकिन प्रदेश सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। इससे पता चलता है कि यह सरकार शिक्षकों का उत्पीड़न कर रही है। इस मौके पर जिला महिला प्रभारी अमृता चौधरी, मनीष मिश्रा, फूलचंद, मंजीत सिंह, संजीव कुमार, प्रीति बालियान, ज्योति, बेबी देवी, शीनू जायसवाल, शशि, राजकुमार आदि मौजूद रहे।