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नहीं सहेंगे, अब लड़ेंगे अन्याय के खिलाफ
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शामली सरतीदेवी राजा राम पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता अभियान में हैदराबाद की घटना पर वि
- फोटो : SHAMLI
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हैदराबाद में डॉक्टर बिटिया की दुष्कर्म के बाद हत्या से जनमानस में आक्रोश है। हर कोई इंसाफ की दुहाई देने वालों से खासा नाराज है। पहले निर्भया अब डॉक्टर बिटिया की साथ हुई घटना से महिलाओं में भय का माहौल है। खुद महिलाएं स्वयं और अपने परिवार की बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित ग्रुप चर्चा में महिलाओं ने अन्याय के खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज उठाने का संकल्प लिया।
शामली। अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत शहर के सरती देवी राजाराम स्कूल में हुई चर्चा में न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे देश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर चिंता जाहिर की गई। इस दौरान छात्राओं ने ऐसा वहशीपन करने वालों को तो सरेआम चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए। हैदराबाद में हुई घटना ने मानवता को भी शर्मशार कर दिया है। दिल दहलाने वाली इस घटना से पूरा समाज आहत है। महिलाएं भी इस शर्मनाक घटना को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द सजा की मांग कर रही हैं। लोग धर्म जाति भूल बीटिया को जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
अब अपराजिता बनेंगी हम
बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है तो फिर कब तक निर्भया बनती रहेंगी। वह खुद में इतनी क्षमता पैदा करें कि कोई उनकी तरफ आंख उठाकर भी देेखने की जरूरत ना कर सके। वे अपराजिता बनें। - मुस्कान कपूर, छात्रा
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फांसी से भी बड़ी सजा मिले
दुष्कर्म के बाद जलाकर मार डालने से बड़ा वहशीपन कुछ नहीं हो सकता। ऐसे दरिंदों के लिए फांसी भी कम है। इनके लिए तो सरकार को फांसी भी सख्त कोई सजा तलाशनी चाहिए ताकि कोई ऐसा वहशीपन करने की जरूरत ना कर सके। - श्रुति जैन, छात्रा
बेटों से भी पूछने चाहिए सवाल
आज भी परिजन बेटियों को रोकते टोकते हैं। घर जरा भी लेट हो जाएं तो 10 सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन बेटों से कोई सवाल जवाब नहीं करता। बेटा रात के 10 बजे भी घर आए तो उनसे कोई नहीं पूछता कि इतनी देर कहां हुई। जिस दिन बेटों से सवाल जवाब होने लगे तो इस तरह की घटनाएं खुद रुक जाएंगी। - अंजली तोमर, छात्रा
बचपन से ही अच्छे संस्कार दें
एक मां की कोख से जन्मे इंसान ने ही ये वहशीपन किया है। उसकी मां आज अपने बेटे को कोस रही है। अच्छा ये है कि बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। उनकी हरकतों पर ध्यान दें तो इस तरह की घटनाएं खुद ही रुक जाएंगी। - अक्षिता बालियान, छात्रा
बीच चौराहे फांसी दो
बिटिया डॉक्टर के साथ घटना के बाद सबूत मिटाने को उसे जलाया गया इससे बड़ा वहशीपन कुछ नही हो सकता। इसके लिए तो फांसी की सजा भी कम है। अच्छा होगा कि ऐसे वहशियों को तो बीच चौराहे फांसी दे दी जाए। - निशा शर्मा, शिक्षिका
तुरंत सजा का हो प्रावधान
कई देश में तुरंत सजा का प्रावधान है। हमारे देेश में भी ऐसा ही होना चाहिए। ऐसी दरिंदगी करने वालों को तुरंत सजा देनी चाहिए। जो उन्होंने अपराध किया ठीक वैसी ही सजा उन्हें मिलनी चाहिए। - बबीता खैवाल, शिक्षिका
सूरज जैसा तेज भी दो
अपनी बेटियों को चांद तो बनाओ लेकिन उनमें सूरज जैसा तेज भी भरो। चांद को तो सब देखते हैं लेकिन सूरज की तरफ देखते ही आंख भी बंद हो जाती हैं। इसलिए बेटियों को सूरज की तरह सशक्त और तेज बनाना चाहिए। - शुमि चौहान, शिक्षिका
सख्त कानून बनाए सरकार
दरिंदों को उनके किए की ऐसी सजा मिले कि औरों की भी रूह कांपे। उन्हें बीच चौराहे फांसी पर लटका देना चाहिए । हमारी देश की सरकार को अब ऐसे जघन्य अपराध के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है। - सन्या चौधरी, शिक्षिका
मम्मी पापा से हर बात शेयर करनी चाहिए
शामली। सरती देवी राजाराम के डायरेक्टर डॉ. नितिन अरविंद टंडन ने छात्राओं से कहा कि यदि उन्हें स्कूल या बाहर कहीं भी ऐसा लगे कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है या कोई गलत हरकत महसूस हो तो तुरंत अपने स्कूल टीचर, प्रधानाचार्य या माता पिता को ये बात बतानी चाहिए, क्योंकि कभी कभी बात दबाने से बड़ी बनती है। प्रधानाचार्य मधु शर्मा ने छात्राओं को बताया कि वह सेल्फ डिफेंस सीखे ताइक्वांडो, जूडो सीखें। मन से मजबूत बनें। हेयर पिन, पानी की बोतल, उनके नाखून उनके हथियार हैं। यदि कुछ गलत हो तो इनका प्रयोग करें। मम्मी पापा से अपनी बातें शेयर करें।
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शामली। अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत शहर के सरती देवी राजाराम स्कूल में हुई चर्चा में न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे देश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर चिंता जाहिर की गई। इस दौरान छात्राओं ने ऐसा वहशीपन करने वालों को तो सरेआम चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए। हैदराबाद में हुई घटना ने मानवता को भी शर्मशार कर दिया है। दिल दहलाने वाली इस घटना से पूरा समाज आहत है। महिलाएं भी इस शर्मनाक घटना को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द सजा की मांग कर रही हैं। लोग धर्म जाति भूल बीटिया को जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
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अब अपराजिता बनेंगी हम
बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है तो फिर कब तक निर्भया बनती रहेंगी। वह खुद में इतनी क्षमता पैदा करें कि कोई उनकी तरफ आंख उठाकर भी देेखने की जरूरत ना कर सके। वे अपराजिता बनें। - मुस्कान कपूर, छात्रा
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फांसी से भी बड़ी सजा मिले
दुष्कर्म के बाद जलाकर मार डालने से बड़ा वहशीपन कुछ नहीं हो सकता। ऐसे दरिंदों के लिए फांसी भी कम है। इनके लिए तो सरकार को फांसी भी सख्त कोई सजा तलाशनी चाहिए ताकि कोई ऐसा वहशीपन करने की जरूरत ना कर सके। - श्रुति जैन, छात्रा
बेटों से भी पूछने चाहिए सवाल
आज भी परिजन बेटियों को रोकते टोकते हैं। घर जरा भी लेट हो जाएं तो 10 सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन बेटों से कोई सवाल जवाब नहीं करता। बेटा रात के 10 बजे भी घर आए तो उनसे कोई नहीं पूछता कि इतनी देर कहां हुई। जिस दिन बेटों से सवाल जवाब होने लगे तो इस तरह की घटनाएं खुद रुक जाएंगी। - अंजली तोमर, छात्रा
बचपन से ही अच्छे संस्कार दें
एक मां की कोख से जन्मे इंसान ने ही ये वहशीपन किया है। उसकी मां आज अपने बेटे को कोस रही है। अच्छा ये है कि बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। उनकी हरकतों पर ध्यान दें तो इस तरह की घटनाएं खुद ही रुक जाएंगी। - अक्षिता बालियान, छात्रा
बीच चौराहे फांसी दो
बिटिया डॉक्टर के साथ घटना के बाद सबूत मिटाने को उसे जलाया गया इससे बड़ा वहशीपन कुछ नही हो सकता। इसके लिए तो फांसी की सजा भी कम है। अच्छा होगा कि ऐसे वहशियों को तो बीच चौराहे फांसी दे दी जाए। - निशा शर्मा, शिक्षिका
तुरंत सजा का हो प्रावधान
कई देश में तुरंत सजा का प्रावधान है। हमारे देेश में भी ऐसा ही होना चाहिए। ऐसी दरिंदगी करने वालों को तुरंत सजा देनी चाहिए। जो उन्होंने अपराध किया ठीक वैसी ही सजा उन्हें मिलनी चाहिए। - बबीता खैवाल, शिक्षिका
सूरज जैसा तेज भी दो
अपनी बेटियों को चांद तो बनाओ लेकिन उनमें सूरज जैसा तेज भी भरो। चांद को तो सब देखते हैं लेकिन सूरज की तरफ देखते ही आंख भी बंद हो जाती हैं। इसलिए बेटियों को सूरज की तरह सशक्त और तेज बनाना चाहिए। - शुमि चौहान, शिक्षिका
सख्त कानून बनाए सरकार
दरिंदों को उनके किए की ऐसी सजा मिले कि औरों की भी रूह कांपे। उन्हें बीच चौराहे फांसी पर लटका देना चाहिए । हमारी देश की सरकार को अब ऐसे जघन्य अपराध के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है। - सन्या चौधरी, शिक्षिका
मम्मी पापा से हर बात शेयर करनी चाहिए
शामली। सरती देवी राजाराम के डायरेक्टर डॉ. नितिन अरविंद टंडन ने छात्राओं से कहा कि यदि उन्हें स्कूल या बाहर कहीं भी ऐसा लगे कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है या कोई गलत हरकत महसूस हो तो तुरंत अपने स्कूल टीचर, प्रधानाचार्य या माता पिता को ये बात बतानी चाहिए, क्योंकि कभी कभी बात दबाने से बड़ी बनती है। प्रधानाचार्य मधु शर्मा ने छात्राओं को बताया कि वह सेल्फ डिफेंस सीखे ताइक्वांडो, जूडो सीखें। मन से मजबूत बनें। हेयर पिन, पानी की बोतल, उनके नाखून उनके हथियार हैं। यदि कुछ गलत हो तो इनका प्रयोग करें। मम्मी पापा से अपनी बातें शेयर करें।

शामली में सरतीदेवी राजा राम पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता अभियान में हैदराबाद की घटना ?- फोटो : SHAMLI