फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   While working as a labourer, he had set up a big gang in West UP

Shamli News: मजदूरी करते करते खड़े कर दिए थे वेस्ट यूपी के बड़े गैंग

Thu, 23 Jan 2025 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
While working as a labourer, he had set up a big gang in West UP
शामली। झिंझाना थाना क्षेत्र के उदपुर गांव के ईंट भट्ठे के पास चार बदमाशों के मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद मुकीम उर्फ काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग पूरी तरह से चर्चाओं में है। कग्गा हो या फिर मुकीम दोनों ही गैंगों ने वेस्ट यूपी मेंं खूब आतंक मचाया था।
विज्ञापन

मुस्तफा और मुकीम शुरुआत में चिनाई और रेत से भरे ट्रैक्टर चलाते थे। मजदूरी करते करते अमीर बनने के सपने ने उनकी गिनती वेस्ट यूपी के बड़े बदमाशों में करा दी। दोनों ने एक के बाद एक रंगदारी और लूट की वारदातों को अंजाम दिया। दोनों चंद दिनों में ही वेस्ट यूपी के बड़े गैंग बनाने में कामयाब रहे। अभी भी दोनों गैंगों में 20 सदस्य एसटीएफ ने चिह्नित किए हैं, जिन पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
विज्ञापन

सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के बढ़ी माजरा का रहने वाला मुस्तफा उर्फ कग्गा डेढ़ दशक पहले तक चिनाई कर परिवार का पालन पोषण करता था। बाद में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर ही नहीं आसपास के अन्य जिलों में भी कग्गा लूट से लेकर अन्य वारदातों को अंजाम देता था। मुस्तफा ने गिरोह में शुरुआत में सिर्फ एक सदस्य आसिफ को शामिल किया था, जो बढ़कर चार हो गए थे। इसके बाद गिरोह ने हर जिले में सदस्य बना लिए थे। गिरोह थानों के सामने ही गाड़ी लगाकर लूट की वारदात को अंजाम देता था। कग्गा की खासियत थी कि वह पुलिस की हत्या करने से भी पीछे नहीं रहता था, उसने झिंझाना में सिपाही सचिन को गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। गंगोह में सिपाही बलबीर की हत्या कर दी थी। पुलिस को देखते ही वह फायरिंग करता था। वर्ष 2011 में बीनपुर के जंगल में एसओजी प्रभारी प्रशांत कपिल और उनकी टीम ने एनकाउंटर में मुस्तफा को मार गिराया था। इसके अलावा वाजिद उर्फ काला और साबिर जंधेड़ी प्रमुख शार्प शूटर भी थे, जिन्हें बाद में मार गिराया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


-गैंग ऑफ कैराना भी कहा जाने लगा था
इनामी रहा वेस्ट यूपी का बदमाश मुकीम उर्फ काला शामली के कैराना क्षेत्र के जहानपुरा गांव का रहने वाला था। ग्रामीणों के अनुसार वह पहले चिनाई करता था। इसके बाद रेत से भरे ट्रैक्टर चलाने लगा था। इसके बाद उसने कग्गा गैंग के संपर्क में आकर गांव में ही तमंचे बेचने शुरू कर दिए थे। 16 साल की उम्र में वर्ष 2008 में वह पहली बार आर्म्स एक्ट के तहत जेल गया था। पानीपत के ठेकेदार के यहां पर मजदूरी करते समय ही मुकीम ने अपराधिक दुनिया में कदम रख दिया था। करनाल जेल में मुकीम बंद रहा, जो उसके लिए अपराध की पाठशाला साबित हुई। जेल में उसकी मुलाकात कग्गा और अन्य गिरोह के सदस्यों से हुई थी। मुकीम ने शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, सहानपुर में भी वारदातों को अंजाम दिया। मुकीम काला गैंग ने 15 फरवरी 2015 को सहारनपुर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में डकैती डाली थी, जबकि उसी दौरान तीतरो मेंं दो सगे भाइयों की हत्या और सहारनपुर शहर में सिपाही राहुल ढाका की हत्या कर दी थी।

-मुस्तफा की मौत के बाद बदला था गैंग का नाम
मुस्फता के मारे जाने के बाद मुकीम ने कग्गा गैंग का नाम मुकीम रख दिया था। इसे गैंग ऑफ कैराना भी कहा जाने लगा था। वर्ष 2013 में उसने हरियाणा की सीमा में पेट्रोल पंप लूटा था। बाद में बचने के लिए मुकीम हवा में नोट उड़ाकर फरार हो जाता था। 14 मई 2021 को मुकीम की गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने चित्रकूट की जेल में हत्या कर दी थी।

मुकीम गैंग में बदमाश अरशद के अलावा रिजवान, वाजिद, सादर, हैदर, नीरज, सुनील, आसिफ, हारुण, अजरू, मनोज, अरशद महताब आदि शामिल रहे।


-अब कौन संभालेगा गिरोह की कमान, अरशद या कोई और
एक लाख के इनामी अरशद की मौत के बाद अब मुकीम गिरोह की कमान कौन संभालेगा। यह सवाल हर किसी के दिमाग में है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरोह का दूसरा सदस्य अरशद गिरोह की कमान संभाल सकता है। पुलिस ने गिरोह के सभी सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed