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कब पूरा होगा दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन का सपना

Sun, 26 Feb 2017 12:13 AM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली Updated Sun, 26 Feb 2017 12:13 AM IST
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When will accomplish the dream of four-lane Delhi-Yamunotri
road - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन हाईवे के तहत शामली जनपद में भी कोई खास काम नहीं हो सका। कुछ स्थानों पर पुलियों का आधा अधूरा निर्माण कराया गया, जो अब हादसों का सबब बन रहा है। खास बात यह है कि पुरानी निर्माण एजेंसी का टेंडर निरस्त होने के सात महीने बीतने के बावजूद नई निर्माण एजेंसी का निर्धारण नहीं हो पा रहा। इस कारण अधर में लटके हाईवे निर्माण के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। 
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दिल्ली- यमुनोत्री फोरलेन का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में होना है। वर्ष 2011 में हैदराबाद की प्राइवेट कंपनी   एसईडब्लू को इसका टेंडर मिला था, लेकिन पांच साल बाद भी जब कंपनी निर्माण पूरा नहीं कर सकी, तो न्यायालय ने उसका टेंडर निरस्त कर दिया था।  सात महीना पूर्व टेंडर निरस्त हुए थे, जिसके बाद नई निर्माण एजेंसी का निर्धारण होना था। निर्माण एजेंसी के निर्धारण में भी हीलाहवाली बरती जा  रही है। 
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गौरतलब है कि शुरुआत में यह प्रोजेक्ट 1500 करोड़ का था, लेकिन बाद में इसकी लागत अनुमानित धनराशि 3100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, मगर धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हो सका। पूर्व की निर्माण एजेंसी एसईडब्लू द्वारा 14 बैंकों से 455 करोड़ रुपये ऋण लेने पर कंपनी के अधिकारियों तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ लखनऊ में केस दर्ज होने के बाद फिर से मामला सुर्खियों में आ गया है। 
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वहीं, दिल्ली यमुनोत्री फोरलेन हाईवे के तहत शामली जनपद की बात करें, तो यहां की स्थिति बेहद दयनीय बनी है। बागपत बॉर्डर से लेकर सहारनपुर बॉर्डर तक इस मार्ग पर गड्ढे ही नजर आते हैं। दिल्ली से सहारनपुर सड़क मार्ग से जाने वालों के लिए यह सीधा रास्ता है, मगर रास्ते की खस्ताहाल बदनुमा दाग बनी हुई है। मार्ग पर शामली जनपद में करीब 50 पुलिया का निर्माण भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया है।


पुलिया का अधूरा निर्माण सड़क के बीच हुआ, जिस कारण अक्सर सड़क हादसे भी हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना महाप्रबंधक शिवकुमार  अवधिया ने बताया कि प्रदेश में नई सरकार का गठन के बाद कैबिनेट की बैठक में ही दिल्ली- यमुनोत्री फोरलेन की नई निर्माण एजेंसी के टेंडर का रास्ता खुल सकेगा।
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