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गेहूं ने संभाली किसानों की अर्थव्यवस्था
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गढ़ीपुख्ता खरीद केंद्र पर रखा गेहूं। फाइल फोटो।
- फोटो : SHAMLI
गेहूं ने संभाली किसानों की अर्थव्यवस्था
शामली। गन्ना बेल्ट में इस बार गेहूं ने भी किसानों का खूब साथ दिया। इस बार गेहूं की बंपर खरीद हुई है। किसानों को भुगतान भी तीन से चार दिनों के अंदर ही मिलता रहा। इससे गन्ना भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से थोड़ी राहत मिली है। इस बार जिले में गेहूं की रिकार्ड तोड़ खरीद हुई है और अभी 15 जून तक खरीद जारी रहेगी।
बीते सीजन में जिले में गन्ने का रकबा 79737 हेक्टेयर, जबकि गेहूं का रकबा लगभग 48 हजार हेक्टेयर था। जिले में 23 लाख सात हजार 600 क्विंटल के आसपास गेहूं का उत्पादन होने की उम्मीद है। इसमें से अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर दो लाख 25 हजार क्विंटल गेहूं की बिक्री हो चुकी है, जबकि अभी 15 जून तक खरीद होनी है। गेहूं की इतनी सरकारी खरीद कभी नहीं हुई। खुले बाजार में गेहूं के दाम कम होने के कारण भी गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ी है। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का मूल्य लगभग 44.43 करोड़ रुपये होता है, जिसमें से लगभग 85 प्रतिशत से अधिक का भुगतान हो चुका है। किसानों को गेहूं का भुगतान समय पर मिल रहा है, जबकि गन्ने का भुगतान अभी पूरा नहीं हो पाया है। गन्ना भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से परेशान किसानों को गेहूं के भुगतान ने बड़ी राहत दी है।
गन्ने का 790.58 करोड़ बकाया
शामली। जिले में गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति बेहद खराब है। तीनों शुगर मिलों ने पूरे सीजन में तीनों शुगर मिलों ने 352 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। गेहूं उत्पादक किसानों को तो समय पर भुगतान मिल गया लेकिन गन्ना उत्पादकों के भुगतान का ठिकाना नहीं है।
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सहारनपुर मंडल में 300 करोड़ रुपये का खरीदा गेहूं
शामली। इस बार वेस्ट यूपी के किसानों का गेहूं हरियाणा की मंडियों में नहीं गया, तो सहारनपुर मंडल में गेहूं खरीद का रिकार्ड टूट रहा है। मंडल में 47 हजार किसानों से 15.50 हजार क्विंटल गेहूूं की खरीद हो चुकी है। इनमें से 37 हजार किसानों का भुगतान खातों में जा चुका है।
शामली और सहारनपुर से बड़ी संख्या में किसान हरियाणा की सोनीपत, पानीपत, सिंभालका, करनाल, घरोंडा, यमुनानगर मंडियों में गेहूं बेचते हैं, लेकिन इस बार मंडल के बहुत कम किसान ही हरियाणा की मंडियों में गेहूं लेकर गए। इससे सहारनपुर मंडल में 2018 में सबसे ज्यादा हुई दस लाख क्विंटल गेहूं की खरीद का रिकार्ड टूट गया है। पांच जून तक मंडल में 15.50 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। सहारनपुर जिले में 9.50 लाख, शामली में 2.25 लाख तथा मुजफ्फरनगर में 3.70 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। मंडल के कार्यवाहक क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रिंस चौधरी बताते हैं कि अगले नौ दिन में गेहूं की खरीद 18 लाख क्विंटल तक होने की संभावना है। वह बताते हैं कि हरियाणा में 15 मई से वेस्ट यूपी के गेहूं की खरीद व्यापारियों के माध्यम से बंद कर दी गई तथा लॉकडाउन के कारण भी हरियाणा में कम गेहूं गया।
एक दिन में एक किसान बेच सकेगा 50 क्विंटल गेहूं
शामली। सोमवार से एक दिन में एक किसान से 50 क्विंटल गेहूं खरीदा जाएगा। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रिंस चौधरी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को किसान इस सीमा से मुक्त रहेंगे। अभी तक एक किसान एक दिन में 30 क्विंटल गेहूं बेच पा रहा था।
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शामली। गन्ना बेल्ट में इस बार गेहूं ने भी किसानों का खूब साथ दिया। इस बार गेहूं की बंपर खरीद हुई है। किसानों को भुगतान भी तीन से चार दिनों के अंदर ही मिलता रहा। इससे गन्ना भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से थोड़ी राहत मिली है। इस बार जिले में गेहूं की रिकार्ड तोड़ खरीद हुई है और अभी 15 जून तक खरीद जारी रहेगी।
बीते सीजन में जिले में गन्ने का रकबा 79737 हेक्टेयर, जबकि गेहूं का रकबा लगभग 48 हजार हेक्टेयर था। जिले में 23 लाख सात हजार 600 क्विंटल के आसपास गेहूं का उत्पादन होने की उम्मीद है। इसमें से अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर दो लाख 25 हजार क्विंटल गेहूं की बिक्री हो चुकी है, जबकि अभी 15 जून तक खरीद होनी है। गेहूं की इतनी सरकारी खरीद कभी नहीं हुई। खुले बाजार में गेहूं के दाम कम होने के कारण भी गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ी है। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का मूल्य लगभग 44.43 करोड़ रुपये होता है, जिसमें से लगभग 85 प्रतिशत से अधिक का भुगतान हो चुका है। किसानों को गेहूं का भुगतान समय पर मिल रहा है, जबकि गन्ने का भुगतान अभी पूरा नहीं हो पाया है। गन्ना भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से परेशान किसानों को गेहूं के भुगतान ने बड़ी राहत दी है।
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गन्ने का 790.58 करोड़ बकाया
शामली। जिले में गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति बेहद खराब है। तीनों शुगर मिलों ने पूरे सीजन में तीनों शुगर मिलों ने 352 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। गेहूं उत्पादक किसानों को तो समय पर भुगतान मिल गया लेकिन गन्ना उत्पादकों के भुगतान का ठिकाना नहीं है।
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सहारनपुर मंडल में 300 करोड़ रुपये का खरीदा गेहूं
शामली। इस बार वेस्ट यूपी के किसानों का गेहूं हरियाणा की मंडियों में नहीं गया, तो सहारनपुर मंडल में गेहूं खरीद का रिकार्ड टूट रहा है। मंडल में 47 हजार किसानों से 15.50 हजार क्विंटल गेहूूं की खरीद हो चुकी है। इनमें से 37 हजार किसानों का भुगतान खातों में जा चुका है।
शामली और सहारनपुर से बड़ी संख्या में किसान हरियाणा की सोनीपत, पानीपत, सिंभालका, करनाल, घरोंडा, यमुनानगर मंडियों में गेहूं बेचते हैं, लेकिन इस बार मंडल के बहुत कम किसान ही हरियाणा की मंडियों में गेहूं लेकर गए। इससे सहारनपुर मंडल में 2018 में सबसे ज्यादा हुई दस लाख क्विंटल गेहूं की खरीद का रिकार्ड टूट गया है। पांच जून तक मंडल में 15.50 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। सहारनपुर जिले में 9.50 लाख, शामली में 2.25 लाख तथा मुजफ्फरनगर में 3.70 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। मंडल के कार्यवाहक क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रिंस चौधरी बताते हैं कि अगले नौ दिन में गेहूं की खरीद 18 लाख क्विंटल तक होने की संभावना है। वह बताते हैं कि हरियाणा में 15 मई से वेस्ट यूपी के गेहूं की खरीद व्यापारियों के माध्यम से बंद कर दी गई तथा लॉकडाउन के कारण भी हरियाणा में कम गेहूं गया।
एक दिन में एक किसान बेच सकेगा 50 क्विंटल गेहूं
शामली। सोमवार से एक दिन में एक किसान से 50 क्विंटल गेहूं खरीदा जाएगा। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रिंस चौधरी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को किसान इस सीमा से मुक्त रहेंगे। अभी तक एक किसान एक दिन में 30 क्विंटल गेहूं बेच पा रहा था।