{"_id":"57d464f64f1c1b3d3b31bea5","slug":"waterflow-problem-at-railway-underpass","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे अंडरपास बन गया रजवाहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे अंडरपास बन गया रजवाहा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
जलभ्ाराव के बाद थानाभवन में अंडरपास में बनी दलदल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली के थानाभवन में रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए गए तीन अंडरपास के निर्माण को दो माह बीतने के बाद भी पानी निकासी न होने के कारण कई गांवों के लोगों को गांव पहुंचने के लिए पांच-छह किलोमीटर ज्यादा लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। अंडरपास में जलभराव और गंदगी के कारण लोग परेशान हैं।
नगर की सीमा से जुड़ी रेलवे लाइन पर रसीदगढ नौजल रेलवे फाटक, हसनपुर यारपुर रेलवे फाटक और खानपुर मनट रेलवे फाटक पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इन पर आवागमन तो शुरू कर दिया गया। मगर जलनिकासी का इंतजाम न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण अंचलों से स्कूलों को जाने वाले बच्चे को भी दिक्कतें हो रही हैं।
आसपास के गांवों के निवासी देशपाल सैनी, मांगे सिंह सैनी, वतन सिहं सैनी, धर्मपाल सैनी, अनिरुद्ध राणा, रवींद्र राणा, प्रमोद त्यागी, अमरीश त्यागी, रजनीश कुमार, इंद्र चौधरी, चंद्रपाल, बिजेंद्र चौधरी और सुशील मलिक का कहना है कि अंडरपास में जलभराव के कारण गांवों में जाने वालों को दूसरे रास्तों से पांच-दस किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर की सीमा से जुड़ी रेलवे लाइन पर रसीदगढ नौजल रेलवे फाटक, हसनपुर यारपुर रेलवे फाटक और खानपुर मनट रेलवे फाटक पर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इन पर आवागमन तो शुरू कर दिया गया। मगर जलनिकासी का इंतजाम न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण अंचलों से स्कूलों को जाने वाले बच्चे को भी दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
आसपास के गांवों के निवासी देशपाल सैनी, मांगे सिंह सैनी, वतन सिहं सैनी, धर्मपाल सैनी, अनिरुद्ध राणा, रवींद्र राणा, प्रमोद त्यागी, अमरीश त्यागी, रजनीश कुमार, इंद्र चौधरी, चंद्रपाल, बिजेंद्र चौधरी और सुशील मलिक का कहना है कि अंडरपास में जलभराव के कारण गांवों में जाने वालों को दूसरे रास्तों से पांच-दस किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन