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Shamli News: मामौर झील की टूटी मेढ़ पर मिट्टी के बोरे रखकर रोका पानी
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कैराना में मामौर झील टूटने पर मौके पर पहुंची एसडीएम व तहसीलदार-विभाग
किसानों को मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश से मामौर झील ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिसके चलते झील का पानी कई किसानों की फसलों और कई ग्रामीणों के मकानों में घुस गया। तहसील प्रशासन ने टूटी मेढ़ पर मिट्टी के बोरे लगवाकर पानी का बहाव रुकवाया। इस प्रयास से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
शनिवार रात झील की मेढ़ टूटते ही खेतों में पानी भर गया, जिससे जाहिद, हनीफ, मुख्तार सिंह, सोनू, कर्नेल, शेर सिंह, शहाबुद्दीन, मिनिस्टर आदि किसानों की धान, उड़द, मिर्च और बैंगन की फसलें जलमग्न हो गईं। वहीं, शराफल, जाहिद, अय्यूब, जुर्राह और सरदार लख्खा समेत कई ग्रामीणों के मकानों में भी झील का पानी घुस गया। स्थिति गंभीर होने पर एसडीएम निधि भारद्वाज और तहसीलदार अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने झील ठेकेदार के माध्यम से झील की टूटी मेढ़ पर मिट्टी के बोरे लगवाकर पानी का बहाव रोकवाया। इस प्रयास से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
ग्रामीण सरदार लख्खा सिंह ने बताया कि उनके घर के चारों ओर अब भी पानी ही पानी भरा है। बाहर निकलना मुश्किल है और मकान गिरने का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से झील टूटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। तहसीलदार अर्जुन सिंह ने बताया कि झील की मेढ़ की मरम्मत करा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। क्षेत्र में हुई मूसलधार बारिश से मामौर झील ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिसके चलते झील का पानी कई किसानों की फसलों और कई ग्रामीणों के मकानों में घुस गया। तहसील प्रशासन ने टूटी मेढ़ पर मिट्टी के बोरे लगवाकर पानी का बहाव रुकवाया। इस प्रयास से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
शनिवार रात झील की मेढ़ टूटते ही खेतों में पानी भर गया, जिससे जाहिद, हनीफ, मुख्तार सिंह, सोनू, कर्नेल, शेर सिंह, शहाबुद्दीन, मिनिस्टर आदि किसानों की धान, उड़द, मिर्च और बैंगन की फसलें जलमग्न हो गईं। वहीं, शराफल, जाहिद, अय्यूब, जुर्राह और सरदार लख्खा समेत कई ग्रामीणों के मकानों में भी झील का पानी घुस गया। स्थिति गंभीर होने पर एसडीएम निधि भारद्वाज और तहसीलदार अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने झील ठेकेदार के माध्यम से झील की टूटी मेढ़ पर मिट्टी के बोरे लगवाकर पानी का बहाव रोकवाया। इस प्रयास से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
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ग्रामीण सरदार लख्खा सिंह ने बताया कि उनके घर के चारों ओर अब भी पानी ही पानी भरा है। बाहर निकलना मुश्किल है और मकान गिरने का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से झील टूटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। तहसीलदार अर्जुन सिंह ने बताया कि झील की मेढ़ की मरम्मत करा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

कैराना में मामौर झील टूटने पर मौके पर पहुंची एसडीएम व तहसीलदार-विभाग
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