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हर साल नालों की सफाई फिर भी होता है जलभराव

Sat, 13 Jun 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 11:33 PM IST
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Water logging is still carried out every year.
शामली में गंदगी से आटा पड़ा शहर का नाला। - फोटो : SHAMLI
हर साल नालों की सफाई फिर भी होता है जलभराव
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शामली। हर साल बरसात से पूर्व शहर के नालों की सफाई का कार्य होता है, लेकिन फिर भी बारिश होते ही कई स्थानों पर सड़कें और बाजार पानी से लबालब भर जाते हैं। लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। लोगों को बारिश होते ही पानी से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका है।
जून का आधा माह बीत चुका है। मौसम विशेषज्ञों द्वारा करीब दस दिन बाद जनपद में मानसून पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। मानूसन आते ही बरसात का सीजन शुरू हो जाएगा। मानसूनी बारिश लोगों के लिए आफत बन जाती है। इसकी वजह कई स्थानों पर जलभराव की समस्या है। नगरपालिका हर साल नाले और नालियों की सफाई कराने के दावे करती है, लेकिन फिर भी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। शहर में एक मुख्य नाला है। इसके अलावा 10 छोटे नाले हैं, जो इसी मुख्य नाले में आकर गिरते हैं। पालिका अधिकारियों का कहना है कि नाले और नालियों की सफाई का कार्य चल रहा है।
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इन स्थानों पर होता है जलभराव
शहर में मुख्य रूप से नेहरू मार्केट, कबाड़ी बाजार, दयानंद नगर, भिक्की मोड़, बड़ी आल, टंकी रोड, मिल रोड आदि ऐसे स्थान हैं, जहां पर बारिश होते ही पानी भर जाता है। लोगों को घंटों तक पानी निकलने का इंतजार करना पड़ता है।
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ठेके पर चल रही नालों की सफाई
पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी का कहना है कि शहर के नालों की सफाई के कार्य का ठेका पूरे साल के लिए दिया गया है। पालिका की तरफ से करीब 2900 रुपये प्रति ट्राली 45 क्विंटल वजन कूड़े का भुगतान किया जाता है। बरसात से पूर्व नालों की विशेष सफाई का कार्य चल रहा है। मुख्य नाला समेत कई स्थानों पर सफाई कार्य चल रहा है।

कोट
शहर में भारी बारिश होने पर कुछ स्थानों पर पानी भर जाता है, लेकिन बारिश थमने के बाद निकल जाता है। नाले व नालियों की पानी निकासी की एक क्षमता होती है, उस क्षमता से ज्यादा बारिश होने की वजह से पानी भर जाता है। उनका मानना है बारिश थमने के बाद भी अगर पानी नहीं निकलता तो वह जलभराव माना जाता है। शहर में कहीं पर ऐसा स्थान नहीं है जहां पर बारिश थमने के बाद पानी भरा रहता है। नाले-नालियों की सफाई का कार्य चल रहा है। बरसात से पूर्व सभी नाले-नालियों की सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा।
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
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