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गन्ना भ़ुगतान न करने पर चीनी मिलों का क्षेत्रफल कम करने की चेतावनी
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डीएम ने जिले की चीनी मिलों के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में देरी से जिलाधिकारी सख्त नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। डीएम जसजीत कौर ने सोमवार को अपने कार्यालय में जिले की चीनी मिलों के अफसरों की बैठक बुलाकर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। भुगतान की धीमी गति से नाराज डीएम कहा कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नए पेराई सत्र चलने से पहले पूरा करें। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम कर दिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान डीएम को जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले की सभी चीनी मिलों ने कुल 33208 लाख क्विंटल गन्ना 1151.65 करोड़ रुपये का खरीदा था। पिछले माह खत्म हुए पेराई सत्र में सिर्फ 393.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। चीनी मिलों पर 757.85 करोड़ रुपये किसानों का गन्ना भुगतान बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 279 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 201.21 करोड़, थानाभवन चीनी मिल पर 277.75 करोड़ शेष हैं। चीनी मिलों ने कुल 34.19 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान किया। जिसमें शामली चीनी मिल ने 25.53 प्रतिशत, ऊन चीनी मिल 40.29 प्रतिशत, थानाभवन मिल ने 36.87 प्रतिशत भुुगतान किया है। चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की धीमी गति पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने चीनी मिलों के अफसरों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नए पेराई सत्र 2022-23 से पूर्व 2021-22 का सपूंर्ण गन्ना मूल्य भुगतान किया जाए। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम करने की संस्तुति गन्ना सुरक्षण बैठक में की जाएगी। समीक्षा बैठक में शामली चीनी मिल के वाइस प्रेसीडेंट प्रदीप कुमार, एजीएम केपी सरोहा, अकाउंड हेड विजित जैन, ऊन चीनी मिल के जीएम डॉ. कुलदीप पिलनिया, अकाउंट हेड विक्रम सिंह, थानाभवन चीनी मिल के यूनिट हेड गजेंद्र वीर सिंह, एजीएम जितेंद्र सिंह कुमार आदि मौजूद रहे।ं
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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में देरी से जिलाधिकारी सख्त नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। डीएम जसजीत कौर ने सोमवार को अपने कार्यालय में जिले की चीनी मिलों के अफसरों की बैठक बुलाकर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। भुगतान की धीमी गति से नाराज डीएम कहा कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नए पेराई सत्र चलने से पहले पूरा करें। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम कर दिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान डीएम को जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले की सभी चीनी मिलों ने कुल 33208 लाख क्विंटल गन्ना 1151.65 करोड़ रुपये का खरीदा था। पिछले माह खत्म हुए पेराई सत्र में सिर्फ 393.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। चीनी मिलों पर 757.85 करोड़ रुपये किसानों का गन्ना भुगतान बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 279 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 201.21 करोड़, थानाभवन चीनी मिल पर 277.75 करोड़ शेष हैं। चीनी मिलों ने कुल 34.19 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान किया। जिसमें शामली चीनी मिल ने 25.53 प्रतिशत, ऊन चीनी मिल 40.29 प्रतिशत, थानाभवन मिल ने 36.87 प्रतिशत भुुगतान किया है। चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की धीमी गति पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने चीनी मिलों के अफसरों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि नए पेराई सत्र 2022-23 से पूर्व 2021-22 का सपूंर्ण गन्ना मूल्य भुगतान किया जाए। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम करने की संस्तुति गन्ना सुरक्षण बैठक में की जाएगी। समीक्षा बैठक में शामली चीनी मिल के वाइस प्रेसीडेंट प्रदीप कुमार, एजीएम केपी सरोहा, अकाउंड हेड विजित जैन, ऊन चीनी मिल के जीएम डॉ. कुलदीप पिलनिया, अकाउंट हेड विक्रम सिंह, थानाभवन चीनी मिल के यूनिट हेड गजेंद्र वीर सिंह, एजीएम जितेंद्र सिंह कुमार आदि मौजूद रहे।ं
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