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Shamli News: बागपत, देहरादून, दिल्ली बाॅर्डर पर भी धरने की चेतावनी
Fri, 25 Oct 2024 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 25 Oct 2024 01:27 AM IST
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शामली के गांव भाज्जू में आयोजित महापंचायत में भाग लेते खाप चौधरी व भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्
बाबरी (शामली)। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भाज्जू गांव में कट की मांग को लेकर किसानों ने बृहस्पतिवार को हाईवे पर ही महापंचायत की। दो घंटे तक चली पंचायत में किसानों, खाप चौधरियों ने कहा कि यदि जल्द ही कट की मांग पूरी नहीं की गई तो बागपत, देहरादून और दिल्ली बाॅर्डर पर किसान धरना देने के साथ काम को भी रुकवा देंगे। वहीं मांग को लेकर क्रांति यात्रा की भी तैयारी कर ली है।
महापंचायत में भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि अब कट बिना काम नहीं चलेगा। प्रतिष्ठा यदि प्रशासन की है तो किसानों की भी है। सभी के भरोसे ही हम पूर्व में भी कड़े निर्णय लेते आए हैं। सभी जिलों का सहयोग है। आज संकट की घड़ी है, इसमें सभी को साथ देना होगा। प्रशासन का कानून है तो हमारा भी कानून है। उतार-चढ़ाव आए हैं। चेतावनी दी कि यदि कट नहीं मिला तो शामली के अलावा बागपत, देहरादून और दिल्ली हाईवे पर एक भी पहिया नहीं चलने दिया जाएगा। किसानों ने सोने के भाव की जमीन दी है। मगर उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा है। यदि एनएचएआई के अधिकारियों ने एक किसान को जमीन के बदले दस लाख रुपये दिए हैं तो हम उन्हें 30 लाख देंगे।
सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके को मजदूर बनाने की नियत सरकार की है। यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि कट का विरोध करने वालों को समझाओ। कट की हर किसी को जरूरत है, कोई भी विरोध नहीं करें। मनमुटाव भुलाकर एकजुटता का परिचय दें। मुजफ्फरनगर की तरह ही शामली से बागपत की तरफ भी जल्द ही एक यात्रा निकलनी चाहिए।
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भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि भाज्जू कट हर हाल में लेकर रहेंगे। जल्द ही क्रांति यात्रा निकाली जाएगी। गन्ने का रेट 550 रुपये प्रति क्विंंटल कराने की भी मांग की गई।
खाप चौधरियों, किसानों से वार्ता के बाद धरने का आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। एसडीएम हामिद हुसैन ने कट की मांग पूरी कराने के लिए समिति गठित कर दो दिन में वार्ता करने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसानों ने स्वीकार कर लिया। दो दिन बाद प्रशासन से किसानों की वार्ता होगी।
महापंचायत में शामली के अलावा मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, देहरादून, दिल्ली के किसानों ने भाग लिया। महापंचायत की अध्यक्षता बहावड़ी थांबेदार बाबा श्याम सिंह और संचालन ओमपाल सिंह ने किया।
महापंचायत में यह मांगें भी उठाई
: स्मार्ट मीटरों के नाम पर किसानों का किया जा रहा उत्पीड़न बंद किया जाए
: किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए
: गन्ना का रेट इस बार 550 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए
जल्द शुरू करा दिया जाएगा धरना
भाकियू शामली के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक ने कहा कि यदि जल्द ही मांग को पूरा नहीं किया गया तो बागपत, देहरादून, दिल्ली बाॅर्डर पर भी धरना शुरू किया जाएगा। जल्द प्रशासन से भी वार्ता की जाएगी।
महापंचायत स्थल पर ही चला लंगर, 500 ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर कराई खाने की व्यवस्था
शामली। महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई थी। किसानों ने बताया कि भाज्जू और आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से दिनभर लंगर चलता रहा। लंगर में पूडी से लेकर सब्जी आदि बनवाई थी। हालांकि महापंचायत के दौरान ही भाकियू सुप्रीमो ने महापंचायत और धरने के आयोजक कर्ताओं को 21 हजार रुपये देने की पेशकश की मगर किसानों ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। कहा कि जब जरूरत होगी वह खुद ही रुपये लेने के लिए मुजफ्फरनगर पहुंच जाएंगे।
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महापंचायत में भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि अब कट बिना काम नहीं चलेगा। प्रतिष्ठा यदि प्रशासन की है तो किसानों की भी है। सभी के भरोसे ही हम पूर्व में भी कड़े निर्णय लेते आए हैं। सभी जिलों का सहयोग है। आज संकट की घड़ी है, इसमें सभी को साथ देना होगा। प्रशासन का कानून है तो हमारा भी कानून है। उतार-चढ़ाव आए हैं। चेतावनी दी कि यदि कट नहीं मिला तो शामली के अलावा बागपत, देहरादून और दिल्ली हाईवे पर एक भी पहिया नहीं चलने दिया जाएगा। किसानों ने सोने के भाव की जमीन दी है। मगर उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा है। यदि एनएचएआई के अधिकारियों ने एक किसान को जमीन के बदले दस लाख रुपये दिए हैं तो हम उन्हें 30 लाख देंगे।
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सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके को मजदूर बनाने की नियत सरकार की है। यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि कट का विरोध करने वालों को समझाओ। कट की हर किसी को जरूरत है, कोई भी विरोध नहीं करें। मनमुटाव भुलाकर एकजुटता का परिचय दें। मुजफ्फरनगर की तरह ही शामली से बागपत की तरफ भी जल्द ही एक यात्रा निकलनी चाहिए।
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भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि भाज्जू कट हर हाल में लेकर रहेंगे। जल्द ही क्रांति यात्रा निकाली जाएगी। गन्ने का रेट 550 रुपये प्रति क्विंंटल कराने की भी मांग की गई।
खाप चौधरियों, किसानों से वार्ता के बाद धरने का आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। एसडीएम हामिद हुसैन ने कट की मांग पूरी कराने के लिए समिति गठित कर दो दिन में वार्ता करने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसानों ने स्वीकार कर लिया। दो दिन बाद प्रशासन से किसानों की वार्ता होगी।
महापंचायत में शामली के अलावा मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, देहरादून, दिल्ली के किसानों ने भाग लिया। महापंचायत की अध्यक्षता बहावड़ी थांबेदार बाबा श्याम सिंह और संचालन ओमपाल सिंह ने किया।
महापंचायत में यह मांगें भी उठाई
: स्मार्ट मीटरों के नाम पर किसानों का किया जा रहा उत्पीड़न बंद किया जाए
: किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए
: गन्ना का रेट इस बार 550 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए
जल्द शुरू करा दिया जाएगा धरना
भाकियू शामली के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक ने कहा कि यदि जल्द ही मांग को पूरा नहीं किया गया तो बागपत, देहरादून, दिल्ली बाॅर्डर पर भी धरना शुरू किया जाएगा। जल्द प्रशासन से भी वार्ता की जाएगी।
महापंचायत स्थल पर ही चला लंगर, 500 ग्रामीणों ने आपस में चंदा कर कराई खाने की व्यवस्था
शामली। महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई थी। किसानों ने बताया कि भाज्जू और आसपास के ग्रामीणों के सहयोग से दिनभर लंगर चलता रहा। लंगर में पूडी से लेकर सब्जी आदि बनवाई थी। हालांकि महापंचायत के दौरान ही भाकियू सुप्रीमो ने महापंचायत और धरने के आयोजक कर्ताओं को 21 हजार रुपये देने की पेशकश की मगर किसानों ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। कहा कि जब जरूरत होगी वह खुद ही रुपये लेने के लिए मुजफ्फरनगर पहुंच जाएंगे।