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बोले व्यापारी, मानवाधिकार आयोग की बात में सच्चाई
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:29 AM IST
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कैराना (ब्यूरो)। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा बुधवार को गुंडागर्दी व रंगदारी के कारण कैराना से एक समुदाय के पलायन के मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी से जवाब तलब किए जाने पर भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा चार माह पूर्व कैराना से पलायन करने का मामला सच साबित हो गया।
व्यापारी जिया लाल मित्तल का कहना है कि उनकी उम्र 68 साल की है। उन्होंने अपने जीवन में इतने खराब हालात नहीं देखे। पुलिस प्रशासन ईमानदारी से कार्रवाई नहीं कर पाया। कस्बे की जनता में भय का माहौल बना है। इसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। जनता का खोया हुआ विश्वास वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन को ईमानदारी से कार्य करना होगा।
व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता का कहना है कि सरकारी तन्त्र पूरी तरह फेल हो गया है। तत्कालीन पुलिस प्रशासन की गलतियों का खमियाजा कस्बे की जनता को भुगतना पड़ा रहा है।
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कंफेक्शनरी की दुकान करने वाले अंशुल गोयल का कहना है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की बात पूरी तरह सच है। मामले में सारी गलती पुलिस की लापरवाही है। इलेक्ट्रानिक का दुकान करने वाले अनिल गोयल का कहना है कि आये दिन की गुंडा गर्दी के कारण व्यापारियों के साथ ही आम जनता भी दुखी है। पलायन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन, नेताओं व धार्मिक गुरुओं को एक साथ आना होगा।
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व्यापारी जिया लाल मित्तल का कहना है कि उनकी उम्र 68 साल की है। उन्होंने अपने जीवन में इतने खराब हालात नहीं देखे। पुलिस प्रशासन ईमानदारी से कार्रवाई नहीं कर पाया। कस्बे की जनता में भय का माहौल बना है। इसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। जनता का खोया हुआ विश्वास वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन को ईमानदारी से कार्य करना होगा।
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व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता का कहना है कि सरकारी तन्त्र पूरी तरह फेल हो गया है। तत्कालीन पुलिस प्रशासन की गलतियों का खमियाजा कस्बे की जनता को भुगतना पड़ा रहा है।
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कंफेक्शनरी की दुकान करने वाले अंशुल गोयल का कहना है कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की बात पूरी तरह सच है। मामले में सारी गलती पुलिस की लापरवाही है। इलेक्ट्रानिक का दुकान करने वाले अनिल गोयल का कहना है कि आये दिन की गुंडा गर्दी के कारण व्यापारियों के साथ ही आम जनता भी दुखी है। पलायन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन, नेताओं व धार्मिक गुरुओं को एक साथ आना होगा।