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Shamli News: छात्र राजनीति से पनपी दुश्मनी... शुरू हुआ गैंगवार, गाने की वजह से निशाना बने अंकित
Fri, 28 Aug 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:51 AM IST
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शामली/लखनऊ। शामली गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा में लंबे समय से चल रही गैंगवार की कड़ियों को खंगाला है। गोगी और टिल्लू गैंग के बीच दुश्मनी अचानक नहीं हुई थी। इसकी शुरुआत कॉलेज की छात्र राजनीति से हुई और वर्चस्व की लड़ाई ने धीरे-धीरे संगठित अपराध का रूप ले लिया। समय के साथ दोनों गुटों के समर्थक बढ़ते गए और बदले की कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया। अब अंकित बालियान को निशाना बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि अंकित गोगी गैंग के विरोधियों के समर्थन में थे। गोगी से जुड़ी घटना पर गाना बनाने को लेकर भी गैंग उनसे नाराज था।
एसटीएफ हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों और गैंग के कुख्यात बदमाशें की तलाश शुरू कर दी है। कई गैंगस्टर रडार पर हैं। एसटीएफ ने गैंगों का पूरा इतिहास जुटाया है। जिसके मुताबिक जितेंद्र मान उर्फ गोगी और सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया दिल्ली के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज की छात्र राजनीति में सक्रिय थे। इसी दौरान दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ। शुरुआती टकराव बाद में व्यक्तिगत रंजिश में बदल गया। दोनों ने अपने-अपने समर्थक जुटाने शुरू किए और बाहरी दिल्ली के अलीपुर, नरेला, बवाना और रोहिणी के साथ हरियाणा के सोनीपत व गन्नौर क्षेत्र तक इसका असर पहुंच गया।
एक हत्या ने बदले का सिलसिला शुरू किया
24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने गोगी की हत्या कर दी। इस हत्या के बाद गोगी गैंग ने बदले की तैयारी शुरू कर दी। करीब डेढ़ साल बाद दो मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी। इस तरह दोनों गैंग के प्रमुख चेहरों की मौत के बाद भी गैंगवार का सिलसिला थमा नहीं।
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गोगी की मौत के बाद बदला गैंग का तरीका
गोगी की मौत के बाद उसका नेटवर्क खत्म होने के बजाय चलता रहा। दीपक बॉक्सर समेत दूसरे अपराधियों के नेतृत्व में नेटवर्क का विस्तार हुआ। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ से जुड़े अपराध सिंडिकेट तक भी पहुंचे। इसके बाद गैंगवार का दायरा दिल्ली-हरियाणा से आगे दूसरे राज्यों तक फैलता गया।
सीधे शूटर नहीं बनते नए लड़के
एसटीएफ ने गैंग की कार्यप्रणाली की भी जानकारी जुटाई है। नए युवकों को पहले रेकी, सूचना पहुंचाने, वाहन और हथियार उपलब्ध कराने, ठिकाना देने के कामों में लगाया जाता है। भरोसा बनने के बाद उन्हें शूटर की भूमिका दी जाती है। रंगदारी, प्रॉपर्टी विवाद और बेटिंग-टोल ऑपरेटरों से अवैध वसूली को गैंग की कमाई के प्रमुख जरिये बताया गया है।
हैशटैग का ये है मतलब
हत्या की जिम्मेदारी वाले वायरल पोस्ट में #Gogi_Group, #Gogi_Bhai और #Fazze_Bhai जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए गए। पुलिस के मुताबिक फज्जा से आशय कुलदीप मान उर्फ फज्जा से है, जो मार्च 2021 में जीटीबी अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था और बाद में मुठभेड़ में मारा गया।
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एसटीएफ हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों और गैंग के कुख्यात बदमाशें की तलाश शुरू कर दी है। कई गैंगस्टर रडार पर हैं। एसटीएफ ने गैंगों का पूरा इतिहास जुटाया है। जिसके मुताबिक जितेंद्र मान उर्फ गोगी और सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया दिल्ली के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज की छात्र राजनीति में सक्रिय थे। इसी दौरान दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ। शुरुआती टकराव बाद में व्यक्तिगत रंजिश में बदल गया। दोनों ने अपने-अपने समर्थक जुटाने शुरू किए और बाहरी दिल्ली के अलीपुर, नरेला, बवाना और रोहिणी के साथ हरियाणा के सोनीपत व गन्नौर क्षेत्र तक इसका असर पहुंच गया।
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एक हत्या ने बदले का सिलसिला शुरू किया
24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने गोगी की हत्या कर दी। इस हत्या के बाद गोगी गैंग ने बदले की तैयारी शुरू कर दी। करीब डेढ़ साल बाद दो मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी। इस तरह दोनों गैंग के प्रमुख चेहरों की मौत के बाद भी गैंगवार का सिलसिला थमा नहीं।
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गोगी की मौत के बाद बदला गैंग का तरीका
गोगी की मौत के बाद उसका नेटवर्क खत्म होने के बजाय चलता रहा। दीपक बॉक्सर समेत दूसरे अपराधियों के नेतृत्व में नेटवर्क का विस्तार हुआ। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ से जुड़े अपराध सिंडिकेट तक भी पहुंचे। इसके बाद गैंगवार का दायरा दिल्ली-हरियाणा से आगे दूसरे राज्यों तक फैलता गया।
सीधे शूटर नहीं बनते नए लड़के
एसटीएफ ने गैंग की कार्यप्रणाली की भी जानकारी जुटाई है। नए युवकों को पहले रेकी, सूचना पहुंचाने, वाहन और हथियार उपलब्ध कराने, ठिकाना देने के कामों में लगाया जाता है। भरोसा बनने के बाद उन्हें शूटर की भूमिका दी जाती है। रंगदारी, प्रॉपर्टी विवाद और बेटिंग-टोल ऑपरेटरों से अवैध वसूली को गैंग की कमाई के प्रमुख जरिये बताया गया है।
हैशटैग का ये है मतलब
हत्या की जिम्मेदारी वाले वायरल पोस्ट में #Gogi_Group, #Gogi_Bhai और #Fazze_Bhai जैसे हैशटैग इस्तेमाल किए गए। पुलिस के मुताबिक फज्जा से आशय कुलदीप मान उर्फ फज्जा से है, जो मार्च 2021 में जीटीबी अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था और बाद में मुठभेड़ में मारा गया।