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जनपद में वायरल बुखार का प्रकोप, डेंगू ने दी दस्तक
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जनपद में वायरल बुखार का प्रकोप, डेंगू ने दी दस्तक
शामली। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। साथ ही डेंगू ने भी जिले में दस्तक दे दी है। किशोरी में डेंगू बुखार की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक महिला की बुखार से मौत हुई है। जिले में रोजाना सरकारी अस्पतालों में 200 से 250 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
सितंबर के महीने में बरसात चलने के कारण वायरल बुखार ने पांव पसार रखे हैं। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ सरकारी और निजी अस्पतालों में लगी हुई है। सीएचसी शामली समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना 200 से 250 मरीज रोजाना वायरल के सामने आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, जुुकाम व खांसी के मरीजों की संख्या भी ज्यादा रहती है। जिले में मलेरिया के भी करीब 13 केस सामने आ चुुके हैं। टायफाइड के भी केस मिल रहे हैं। डेंगू बुखार के एक केस की पुष्टि हो चुकी है।
गांव बंतीखेड़ा निवासी 14 वर्षीय किशोरी को 10 दिन पहले बुखार आया था। सैंपल की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव आया था। एक सप्ताह पहले कच्ची गढ़ी में एक महिला की बुखार से मौत हुई है। एंटीजन रैपिड किट से जांच में डेंगू पॉजिटिव आया था, लेकिन एलाइजा जांच न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने महिला की मौत डेंगू से नहीं होना माना था। जिले में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के लक्षण मिलने पर सैंपल को एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजा जाता है।
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पहले सैंपल मेरठ मेडिकल में जांच के लिए भेजे जाते थे। जांच रिपोर्ट के लिए कई दिन तक इंतजार करना पड़ता है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी पर बुखार के उपचार व जांच के साथ पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। जिले में बुखार की स्थिति सामान्य है और कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।
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शामली। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। साथ ही डेंगू ने भी जिले में दस्तक दे दी है। किशोरी में डेंगू बुखार की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक महिला की बुखार से मौत हुई है। जिले में रोजाना सरकारी अस्पतालों में 200 से 250 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं।
सितंबर के महीने में बरसात चलने के कारण वायरल बुखार ने पांव पसार रखे हैं। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ सरकारी और निजी अस्पतालों में लगी हुई है। सीएचसी शामली समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना 200 से 250 मरीज रोजाना वायरल के सामने आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, जुुकाम व खांसी के मरीजों की संख्या भी ज्यादा रहती है। जिले में मलेरिया के भी करीब 13 केस सामने आ चुुके हैं। टायफाइड के भी केस मिल रहे हैं। डेंगू बुखार के एक केस की पुष्टि हो चुकी है।
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गांव बंतीखेड़ा निवासी 14 वर्षीय किशोरी को 10 दिन पहले बुखार आया था। सैंपल की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव आया था। एक सप्ताह पहले कच्ची गढ़ी में एक महिला की बुखार से मौत हुई है। एंटीजन रैपिड किट से जांच में डेंगू पॉजिटिव आया था, लेकिन एलाइजा जांच न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने महिला की मौत डेंगू से नहीं होना माना था। जिले में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के लक्षण मिलने पर सैंपल को एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजा जाता है।
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पहले सैंपल मेरठ मेडिकल में जांच के लिए भेजे जाते थे। जांच रिपोर्ट के लिए कई दिन तक इंतजार करना पड़ता है। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी पर बुखार के उपचार व जांच के साथ पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। जिले में बुखार की स्थिति सामान्य है और कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।