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विनय ने बताया अपनी सफलता का राज
Tue, 19 Feb 2019 11:23 PM IST
NAVEEN GUPTA
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Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Tue, 19 Feb 2019 11:23 PM IST
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- फोटो : amarujala
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पुलिस भर्ती परीक्षा में पद 41 हजार थे और आवेदन करने वाले 22 लाख। कंप्टीशन काफी मुश्किल था। विनय मलिक ने अपना पूरा ध्यान परीक्षा पर फोकस कर लिया। 12 घंटे पढ़ाई की। तेज धूप में छह किलोमीटर की दौड़ लगाई। परिवार के सदस्यों ने हरसंभव उसकी मदद की। उसने भी कामयाबी हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया।
पुलिस भर्ती परीक्षा में यूपी टॉप करने वाले विनय मलिक ने अपनी सफलता का राज बताया। विनय गांव भिक्कीदेह निवासी किसान सतेंद्र मलिक का इकलौता बेटा है। चार बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अब परिवार की उम्मीदें उन्हीं पर टिकी थी। उसके पिता सतेंद्र ने अंग्रेजी से बीए की हुई है, इसलिए वे भी उसे सर्विस में ही देखना चाहते थे। इस साल यूपी पुलिस की भर्ती निकली तो उसने फार्म भरा। उसके पापा नहीं चाहते थे कि खेतीबाड़ी की वजह से उसकी भर्ती की तैयारी प्रभावित हो। इसलिए बेटे को तैयारी के लिए उसे शामली में ताऊ जी के पास भेज दिया और खेती की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाल ली। उनके बेटे विनय ने यू ट्यूब पर ऑनलाइन कोचिंग की। दिन में करीब 12 घंटे पढ़ता था। इस तरह उसने फरवरी 2018 में हुई परीक्षा की अपनी तैयारी पूरी की। परीक्षा के बाद फिजिकल पर पूरा फोकस किया। उसे पता था कि फिजिकल में उसे 25 मिनट में 4800 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। इसलिए वह रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक धूप में ही छह किमी दौड़ लगाता था। अपनी फिटनेस कंट्रोल रखने को भी डाइट पर फोकस किया। सुबह नाश्ते में रोजाना 40 बादाम की गिरी भिगोकर खाई। काले उबले हुए चने खाए। रोज दो किलो दूध पिया। खाने में दाल और हरी सब्जियां अधिक खाई।
बीमारी ने तोड़ा सीए बनने का सपना
विनय मलिक ने बताया कि पहले कुड़ाना गांव में रहते थे। वहीं से प्राथमिक शिक्षा की। 10वीं और 12वीं वैदिक इंटर कालेज कुरमाली से सेकेंड डिवीजन से की। मैं सीए बनना चाहता था। इसी वजह से 12वीं के बाद दिल्ली से सीए करने चला गया। पहले ही प्रयास में उसने इंट्रेस पास कर लिया। हालांकि बीमारी ने उसे घेर लिया। इसके बाद मैंने ताऊजी के लड़के की सलाह पर मैंने कोचिंग की। इसके बाद यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा पर पूरा फोकस कर लिया। विनय ने बताया कि उसे टॉप 100 तक आने की उम्मीद थी। उसे पुलिस में चयन होने से ज्यादा खुशी यूपी टॉप करने की है। उसने कहा कि ये तो उसके कैरियर की पहली सीढ़ी का पहला डंडा है। अभी और आगे जाने का मन है। आगे पीसीएस एग्जाम देना प्राथमिकता है।
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ग्रामीणों ने विनय के घर पहुंचकर दी बधाई
शामली। विनय की कामयाबी पर घर में जश्न का माहौल है। गांव वालों ने उसके घर पहुंचकर उसे और परिजनों को बधाई दी। विनय ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे उसके दोस्त आदित्य ने मुजफ्फरनगर से इसकी जानकारी दी। उस वक्त तो ताऊ जी के यहां था। कुछ देर बाद ही अमर उजाला की टीम उनके गांव पहुंची तो उन्हें यकीन हो गया। मंगलवार को गांव पहुंचते ही उसके घर पर लोग जमा थे। गांव के मदनपाल, संजीव योगेंद्र सिंह ,अनिल सिंह ,यशवीर सिंह, अवनीश, मोहनीश, कपिल, मनोज ने बताया कि पूरे गांव को विनय की कामयाबी पर गर्व है।
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पुलिस भर्ती परीक्षा में यूपी टॉप करने वाले विनय मलिक ने अपनी सफलता का राज बताया। विनय गांव भिक्कीदेह निवासी किसान सतेंद्र मलिक का इकलौता बेटा है। चार बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अब परिवार की उम्मीदें उन्हीं पर टिकी थी। उसके पिता सतेंद्र ने अंग्रेजी से बीए की हुई है, इसलिए वे भी उसे सर्विस में ही देखना चाहते थे। इस साल यूपी पुलिस की भर्ती निकली तो उसने फार्म भरा। उसके पापा नहीं चाहते थे कि खेतीबाड़ी की वजह से उसकी भर्ती की तैयारी प्रभावित हो। इसलिए बेटे को तैयारी के लिए उसे शामली में ताऊ जी के पास भेज दिया और खेती की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाल ली। उनके बेटे विनय ने यू ट्यूब पर ऑनलाइन कोचिंग की। दिन में करीब 12 घंटे पढ़ता था। इस तरह उसने फरवरी 2018 में हुई परीक्षा की अपनी तैयारी पूरी की। परीक्षा के बाद फिजिकल पर पूरा फोकस किया। उसे पता था कि फिजिकल में उसे 25 मिनट में 4800 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। इसलिए वह रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक धूप में ही छह किमी दौड़ लगाता था। अपनी फिटनेस कंट्रोल रखने को भी डाइट पर फोकस किया। सुबह नाश्ते में रोजाना 40 बादाम की गिरी भिगोकर खाई। काले उबले हुए चने खाए। रोज दो किलो दूध पिया। खाने में दाल और हरी सब्जियां अधिक खाई।
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बीमारी ने तोड़ा सीए बनने का सपना
विनय मलिक ने बताया कि पहले कुड़ाना गांव में रहते थे। वहीं से प्राथमिक शिक्षा की। 10वीं और 12वीं वैदिक इंटर कालेज कुरमाली से सेकेंड डिवीजन से की। मैं सीए बनना चाहता था। इसी वजह से 12वीं के बाद दिल्ली से सीए करने चला गया। पहले ही प्रयास में उसने इंट्रेस पास कर लिया। हालांकि बीमारी ने उसे घेर लिया। इसके बाद मैंने ताऊजी के लड़के की सलाह पर मैंने कोचिंग की। इसके बाद यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा पर पूरा फोकस कर लिया। विनय ने बताया कि उसे टॉप 100 तक आने की उम्मीद थी। उसे पुलिस में चयन होने से ज्यादा खुशी यूपी टॉप करने की है। उसने कहा कि ये तो उसके कैरियर की पहली सीढ़ी का पहला डंडा है। अभी और आगे जाने का मन है। आगे पीसीएस एग्जाम देना प्राथमिकता है।
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ग्रामीणों ने विनय के घर पहुंचकर दी बधाई
शामली। विनय की कामयाबी पर घर में जश्न का माहौल है। गांव वालों ने उसके घर पहुंचकर उसे और परिजनों को बधाई दी। विनय ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे उसके दोस्त आदित्य ने मुजफ्फरनगर से इसकी जानकारी दी। उस वक्त तो ताऊ जी के यहां था। कुछ देर बाद ही अमर उजाला की टीम उनके गांव पहुंची तो उन्हें यकीन हो गया। मंगलवार को गांव पहुंचते ही उसके घर पर लोग जमा थे। गांव के मदनपाल, संजीव योगेंद्र सिंह ,अनिल सिंह ,यशवीर सिंह, अवनीश, मोहनीश, कपिल, मनोज ने बताया कि पूरे गांव को विनय की कामयाबी पर गर्व है।