{"_id":"64b049f52f16e20535007764","slug":"villagers-surrounded-the-ae-of-drainage-after-stumbling-block-expressed-anger-over-the-disorder-shamli-news-c-26-1-sal1002-5725-2023-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: ठोकर टूटने पर ड्रेनेज के एई को ग्रामीणों ने घेरा,अव्यवस्था पर आक्रोश जताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: ठोकर टूटने पर ड्रेनेज के एई को ग्रामीणों ने घेरा,अव्यवस्था पर आक्रोश जताया
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। गुरुवार को बारिश के साथ साथ यमुना काक उफान भी कम होता नजर आया। लक्ष्मीपुरा में पिलखन स्थित 50 साल पुराने ठोकी पर विकट परिस्थिति के कारण ड्रेनेज विभाग के एई मौके पर पहुंचें तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और विरोध किया। आरोप है कि रेत खनन के पट्टों के कारण गांव के निकट यमुना में गहरे कुंड बन गए जिससे आज गांव में बाढ़ के हालात है।
लक्ष्मीपुरा में 50 साल पुरानी एक ठोकर है जिसमें गड्ढे बनने से यमुना का पानी घुस गया और वह टूट गया। ग्रामीण ठोकर बता रहे तो वहीं प्रशासन उसे अस्थाई रास्ता बताता आ रहा है। इसी बीच जांच को पहुॅचें ड्रेनेज के एई अशोक धीमान व ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवंटित रेत खनन पट्टों का पुरजोर विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं मानी और आज गांव में बाढ़ जैसे हालात है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को चेताया कि अगर बाढ़ का जरा भी पानी गांव मे आया तो मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को बाढ़ के मध्य ही बंधक बना लेंगे।कमल सिंह, राजबीर, दलवीर सिंह, गुरुमुख सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
चौसाना। गुरुवार को बारिश के साथ साथ यमुना काक उफान भी कम होता नजर आया। लक्ष्मीपुरा में पिलखन स्थित 50 साल पुराने ठोकी पर विकट परिस्थिति के कारण ड्रेनेज विभाग के एई मौके पर पहुंचें तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और विरोध किया। आरोप है कि रेत खनन के पट्टों के कारण गांव के निकट यमुना में गहरे कुंड बन गए जिससे आज गांव में बाढ़ के हालात है।
लक्ष्मीपुरा में 50 साल पुरानी एक ठोकर है जिसमें गड्ढे बनने से यमुना का पानी घुस गया और वह टूट गया। ग्रामीण ठोकर बता रहे तो वहीं प्रशासन उसे अस्थाई रास्ता बताता आ रहा है। इसी बीच जांच को पहुॅचें ड्रेनेज के एई अशोक धीमान व ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवंटित रेत खनन पट्टों का पुरजोर विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं मानी और आज गांव में बाढ़ जैसे हालात है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को चेताया कि अगर बाढ़ का जरा भी पानी गांव मे आया तो मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को बाढ़ के मध्य ही बंधक बना लेंगे।कमल सिंह, राजबीर, दलवीर सिंह, गुरुमुख सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन