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Shamli News: दिल्ली- देहरादून ग्रीन फील्ड इकॉनमिक काॅरिडोर पर एक साल बाद दौडेंगे वाहन
Wed, 10 Jul 2024 03:32 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 10 Jul 2024 03:32 AM IST
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शामली। दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर का निर्माण कार्य कई जगह अधर में लटका होने के कारण अपने निर्धारित समय 31 अगस्त 2024 तक पूरा नही हो पाएगा। हालांकि एक साल बाद काॅरिडोर पर दिल्ली से लेकर देहरादून तक वाहन दौड़ सकेंगे। जिसकी तैयारी विभागीय अधिकारियों ने कर ली है। निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में हो सकेगा।
दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर तीन राज्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून तक प्रस्तावित है। बागपत से लेकर सहारनपुर जिले तक चार फेस में इकॉनमिक काॅरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर से एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लक्ष्य 31 अगस्त 2024 का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन लक्ष्य तक काम पूरा होना संभव नहीं है। फेस दो और चतुर्थ में ज्यादातर कार्य अधर में लटका हुआ है। काॅरिडोर का पहला फेस बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर लोहड्डा गांव तक, दूसरा फेस बागपत के लोहड्डा गांव से शुरू हाेकर शामली जिले के मेरठ-करनाल हाईवे के लांक और मुजफ्फरनगर जिले के कराेदा महाजन गांव पर खत्म हो रहा है।
तीसरा फेस मेरठ-करनाल हाईवे के लांक से शुरू होकर थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव की सीमा और चतुर्थ फेस के लिए ख्यावड़ी गांव से लेकर सहारनपुर बाईपास तक के निर्माण का ठेका दिया हुआ है।
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शामली जिले में काॅरिडोर का बुटराड़ा गांव में बिजलीघर की भूमि शिफ्टिंग न होने और निर्माण एजेंसी को एक्सप्रेसवे की भूमि हस्तांतरित नहीं हो पाई है। भाकियू के विरोध के चलते भाजू गांव में एक्सप्रेसवे का कार्य रुका पड़ा है। फेस दो और चतुर्थ में काॅरिडोर का कार्य पचास-साठ फीसदी तक कार्य पूरा हो पाया है।
प्रोजेक्ट मैनेजर सोनू सांगवान का कहना है कि उनके फेस का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। भाजू में भाकियू के विरोध के चलते कार्य रुका हुआ है। बुटराड़ा इंटरचेंज में बिजलीघर की भूमि दूसरी जगह हस्तांतरित न होने और काॅरिडोर की भूमि जिला प्रशासन की ओर से हस्तांतरित न होने से निर्माण कार्य अधूरा है। काॅरिडोर का कार्य पूरा होने में करीब एक साल का समय लग जाएगा। संवाद
जल्द हो सर्विस लेन का निर्माण कार्य
शामली। दिल्ली- देहरादून ग्रीन फील्ड इकॉनमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि एक इंटर चेंज से लेकर दूसरे इंटर चेंज तक सर्विस लेन का निर्माण किए जाने, अंडरपास को पक्का करने, बारिश का पानी निकासी के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू करने की माग की है।
प्लांट का सामान किया जा रहा शिफ्ट
शामली। एक्सप्रेसवे की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर सोनू सांगवान का कहना है कि एक्सप्रेसवे का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। प्लांट का सामान दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।
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दिल्ली- देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर तीन राज्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून तक प्रस्तावित है। बागपत से लेकर सहारनपुर जिले तक चार फेस में इकॉनमिक काॅरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर से एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लक्ष्य 31 अगस्त 2024 का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन लक्ष्य तक काम पूरा होना संभव नहीं है। फेस दो और चतुर्थ में ज्यादातर कार्य अधर में लटका हुआ है। काॅरिडोर का पहला फेस बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर लोहड्डा गांव तक, दूसरा फेस बागपत के लोहड्डा गांव से शुरू हाेकर शामली जिले के मेरठ-करनाल हाईवे के लांक और मुजफ्फरनगर जिले के कराेदा महाजन गांव पर खत्म हो रहा है।
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तीसरा फेस मेरठ-करनाल हाईवे के लांक से शुरू होकर थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव की सीमा और चतुर्थ फेस के लिए ख्यावड़ी गांव से लेकर सहारनपुर बाईपास तक के निर्माण का ठेका दिया हुआ है।
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शामली जिले में काॅरिडोर का बुटराड़ा गांव में बिजलीघर की भूमि शिफ्टिंग न होने और निर्माण एजेंसी को एक्सप्रेसवे की भूमि हस्तांतरित नहीं हो पाई है। भाकियू के विरोध के चलते भाजू गांव में एक्सप्रेसवे का कार्य रुका पड़ा है। फेस दो और चतुर्थ में काॅरिडोर का कार्य पचास-साठ फीसदी तक कार्य पूरा हो पाया है।
प्रोजेक्ट मैनेजर सोनू सांगवान का कहना है कि उनके फेस का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। भाजू में भाकियू के विरोध के चलते कार्य रुका हुआ है। बुटराड़ा इंटरचेंज में बिजलीघर की भूमि दूसरी जगह हस्तांतरित न होने और काॅरिडोर की भूमि जिला प्रशासन की ओर से हस्तांतरित न होने से निर्माण कार्य अधूरा है। काॅरिडोर का कार्य पूरा होने में करीब एक साल का समय लग जाएगा। संवाद
जल्द हो सर्विस लेन का निर्माण कार्य
शामली। दिल्ली- देहरादून ग्रीन फील्ड इकॉनमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि एक इंटर चेंज से लेकर दूसरे इंटर चेंज तक सर्विस लेन का निर्माण किए जाने, अंडरपास को पक्का करने, बारिश का पानी निकासी के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू करने की माग की है।
प्लांट का सामान किया जा रहा शिफ्ट
शामली। एक्सप्रेसवे की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर सोनू सांगवान का कहना है कि एक्सप्रेसवे का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। प्लांट का सामान दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।