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Shamli News: झाल गांव में बनेगा वाहनों का डंपिंग यार्ड, भूमि चिन्हित
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झाल गांव में बनेगा वाहनों का डंपिंग यार्ड, भूमि चिह्नित
शामली। केंद्र सरकार वाहन स्क्रैप नीति के तहत जिले में पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड झाल में बनेगा। इसके लिए गांव में गोशाला के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। डंपिंग यार्ड निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जिसे शासन को भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 के बजट सत्र में वाहन स्क्रैप नीति की घोषणा की थी। जिले में इस नीति पर अब काम शुरू हो गया है। पिछले वर्ष परिवहन आयुक्त धीरज शाहू ने डंपिंग यार्ड की स्थापना का आदेश जारी किया था, जिसके बाद तत्कालीन एआरटीओ ने डीएम से मिलकर डंपिंग यार्ड की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। जिसके बाद कई गांवों में भूमि की तलाश की गई। आखिरकार झाल गांव में भूमि चिह्नित कर ली गई है। अब शासन को प्रस्ताव भेजकर पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड बनाने के लिए बजट मांगा जाएगा। एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि झाल गांव में भूमि का चयन कर लिया गया है। जिसकी चहारदीवारी का निर्माण कराने के लिए शासन को जल्द ही एस्टीमेट भेजा जाएगा।
परिवहन चौकी भी बनेगी
एआरटीओ ने बताया कि डंपिंग यार्ड की भूमि उपलब्ध होने के बाद परिवहन चौकी संचालित की जाएगी। यार्ड में जिले के 10-15 साल पुराने वाहनों को परिवहन चौकी के सुपुर्द किया जाएगा। परिवहन चौकी में थाना प्रभारी और संबंधित स्टाफ तैनात होगा। उन्होंने बताया कि जिले में 10-15 साल हल्के-भारी डीजल और पेट्रोल के करीब दो हजार वाहन है।
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क्या है वाहन स्क्रैप नीति
इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। ये टेस्ट वाहनों के इंजन की हालत, प्रदूषण उत्सर्जन और ईंधन क्षमता, सुरक्षा जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में डंपिंग यार्ड भेज दिया जाएगा। व्यवसायिक वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
स्क्रैप के बदले मिलेगी छूट
पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर आपको डिपोजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के बदले वाहन कंपनियां नए वाहन पर करीब पांच फीसदी छूट देंगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।
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शामली। केंद्र सरकार वाहन स्क्रैप नीति के तहत जिले में पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड झाल में बनेगा। इसके लिए गांव में गोशाला के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। डंपिंग यार्ड निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जिसे शासन को भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 के बजट सत्र में वाहन स्क्रैप नीति की घोषणा की थी। जिले में इस नीति पर अब काम शुरू हो गया है। पिछले वर्ष परिवहन आयुक्त धीरज शाहू ने डंपिंग यार्ड की स्थापना का आदेश जारी किया था, जिसके बाद तत्कालीन एआरटीओ ने डीएम से मिलकर डंपिंग यार्ड की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। जिसके बाद कई गांवों में भूमि की तलाश की गई। आखिरकार झाल गांव में भूमि चिह्नित कर ली गई है। अब शासन को प्रस्ताव भेजकर पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड बनाने के लिए बजट मांगा जाएगा। एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि झाल गांव में भूमि का चयन कर लिया गया है। जिसकी चहारदीवारी का निर्माण कराने के लिए शासन को जल्द ही एस्टीमेट भेजा जाएगा।
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परिवहन चौकी भी बनेगी
एआरटीओ ने बताया कि डंपिंग यार्ड की भूमि उपलब्ध होने के बाद परिवहन चौकी संचालित की जाएगी। यार्ड में जिले के 10-15 साल पुराने वाहनों को परिवहन चौकी के सुपुर्द किया जाएगा। परिवहन चौकी में थाना प्रभारी और संबंधित स्टाफ तैनात होगा। उन्होंने बताया कि जिले में 10-15 साल हल्के-भारी डीजल और पेट्रोल के करीब दो हजार वाहन है।
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क्या है वाहन स्क्रैप नीति
इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। ये टेस्ट वाहनों के इंजन की हालत, प्रदूषण उत्सर्जन और ईंधन क्षमता, सुरक्षा जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में डंपिंग यार्ड भेज दिया जाएगा। व्यवसायिक वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
स्क्रैप के बदले मिलेगी छूट
पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर आपको डिपोजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के बदले वाहन कंपनियां नए वाहन पर करीब पांच फीसदी छूट देंगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।