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ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: के जाप से कल्याण
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 21 Feb 2016 01:17 AM IST
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शामली। भारतीय विद्यार्थी संगम के तत्वावधान श्रीमद्भागवत कथा विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गई। व्यास अरविंद दृष्टा जी महाराज ने कहा कि ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र मनुष्य के जीवन का कल्याण करने वाला है। गुरु की कृपा से भगवान को प्राप्त कर सकते है।
शनिवार को श्री हनुमान धाम पर भारतीय विद्यार्थी संगम के तत्वावधान में स्वामी विशुद्धानंद जी महाराज की पुण्य स्मृति में श्रीमद्भागवत कथा व्यास अरविंद दृष्टा जी महाराज ने बताया कि गुरु ही शिष्य को परमात्मा का ज्ञान कराता है। गुरु के ज्ञान से मोक्ष का द्वार और परमात्मा को मनुष्य की जानकारी प्राप्त होती है।
महाराज श्री ने कहा कि भगवान को पहचानना है तो जीव को आत्मा स्वरूप में जाना पडे़गा। भगवान जाति-धर्म समाज से परे है। वह सभी पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। वह गोर्वधन पर्वत को उठाकर गिरधारी बन गए। उन्होंने मित्र सुदामा के कष्टों को दूर करके मित्रता का कर्तव्य निभाया। संदेश दिया कि मित्रता के दायरे में कोई छोटा-बड़ा नहीं है।
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मित्रता के दायरे से उन्होंने गरीब ब्राह्मण सुुदामा को दो लोक का राज्य प्रदान कर दिया था। श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन मनीष चौहान, जिला पंचायत सदस्य शैफाली चौहान, हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, डा. राजीव बंसल, सुधीर सिंघल, दिव्य प्रभाकर, राजकुमार बालियान, मुकेश कुमार गर्ग, मनोज मित्तल, सुमन तायल, घनश्याम तायल, प्रदीप बंसल, अनिल बंसल, साधना संगल, नरेंद्र गोयल मौजूद रहे।
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शनिवार को श्री हनुमान धाम पर भारतीय विद्यार्थी संगम के तत्वावधान में स्वामी विशुद्धानंद जी महाराज की पुण्य स्मृति में श्रीमद्भागवत कथा व्यास अरविंद दृष्टा जी महाराज ने बताया कि गुरु ही शिष्य को परमात्मा का ज्ञान कराता है। गुरु के ज्ञान से मोक्ष का द्वार और परमात्मा को मनुष्य की जानकारी प्राप्त होती है।
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महाराज श्री ने कहा कि भगवान को पहचानना है तो जीव को आत्मा स्वरूप में जाना पडे़गा। भगवान जाति-धर्म समाज से परे है। वह सभी पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। वह गोर्वधन पर्वत को उठाकर गिरधारी बन गए। उन्होंने मित्र सुदामा के कष्टों को दूर करके मित्रता का कर्तव्य निभाया। संदेश दिया कि मित्रता के दायरे में कोई छोटा-बड़ा नहीं है।
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मित्रता के दायरे से उन्होंने गरीब ब्राह्मण सुुदामा को दो लोक का राज्य प्रदान कर दिया था। श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन मनीष चौहान, जिला पंचायत सदस्य शैफाली चौहान, हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी, डा. राजीव बंसल, सुधीर सिंघल, दिव्य प्रभाकर, राजकुमार बालियान, मुकेश कुमार गर्ग, मनोज मित्तल, सुमन तायल, घनश्याम तायल, प्रदीप बंसल, अनिल बंसल, साधना संगल, नरेंद्र गोयल मौजूद रहे।