{"_id":"5f4953a98ebc3e3cec6c3a7e","slug":"urea-reached-committees-farmers-face-blossomed-shamli-news-mrt4985262154","type":"story","status":"publish","title_hn":"समितियों पर पहुंचा यूरिया, किसानों के चेहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समितियों पर पहुंचा यूरिया, किसानों के चेहरे
विज्ञापन
बाबरी। क्षेत्र की दो सहकारी समितियों पर यूरिया पहुंच गया है। खाद पहुंचते ही किसानों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने यूरिया खरीदना शुरू कर दिया। यूरिया की किल्लत का मुद्दा उठाने पर किसानों ने अमर उजाला का आभार जताया है।
रायपुर और महाबतपुर समिति पर बृहस्पतिवार को यूरिया पहुंच गया। समिति के सचिव तरुण राणा ने बताया कि दोनों समितियों पर खाद की एक-एक गाड़ी पहुंच गई हैं। एक गाड़ी में 400 बोरे यूरिया आया है। महाबतपुर पर शुक्रवार दोपहर तक करीब 50 बैग व रायपुर समिति से करीब 200 बैग यूरिया किसान ले जा चुके थे। गोंगवान निवासी किसान जयभगवान बुग्गी से रायपुर समिति पर खाद लेने पहुंचे जो कई दिनों से खाद के लिए परेशान थे।
हिरनवाड़ा निवासी मोनू राणा ने तीन बैग यूरिया लिया जो गन्ने की फसल में डालना है। हिरनवाड़ा के भोपाल ने एक बैग खाद लिया, जो कई दिन से धान में डालने को लेकर परेशान हो रहे थे। भारतीय किसान संघ के प्रांत मंत्री दुष्यंत पुंडीर ने किसानों की आवाज उठाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया है। अमर उजाला ने 27 अगस्त के अंक में क्षेत्र की समितियों पर यूरिया नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
रायपुर और महाबतपुर समिति पर बृहस्पतिवार को यूरिया पहुंच गया। समिति के सचिव तरुण राणा ने बताया कि दोनों समितियों पर खाद की एक-एक गाड़ी पहुंच गई हैं। एक गाड़ी में 400 बोरे यूरिया आया है। महाबतपुर पर शुक्रवार दोपहर तक करीब 50 बैग व रायपुर समिति से करीब 200 बैग यूरिया किसान ले जा चुके थे। गोंगवान निवासी किसान जयभगवान बुग्गी से रायपुर समिति पर खाद लेने पहुंचे जो कई दिनों से खाद के लिए परेशान थे।
विज्ञापन
हिरनवाड़ा निवासी मोनू राणा ने तीन बैग यूरिया लिया जो गन्ने की फसल में डालना है। हिरनवाड़ा के भोपाल ने एक बैग खाद लिया, जो कई दिन से धान में डालने को लेकर परेशान हो रहे थे। भारतीय किसान संघ के प्रांत मंत्री दुष्यंत पुंडीर ने किसानों की आवाज उठाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया है। अमर उजाला ने 27 अगस्त के अंक में क्षेत्र की समितियों पर यूरिया नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
विज्ञापन