उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए। इससे अपराधियों में खौफ पैदा हो गया। वहीं यूपी में बीते चार सालों में अलग-अलग शहरों में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए तो अपराधियों की रूह कांपने लगी। हालांकि यह खौफ अभी भी अपराधियों में कायम है। इसका अंदाजा शामली जिले में अपराधियों द्वारा थाने में आत्मसमर्पण करने से लगाया जा सकता है। जहां बीते शुक्रवार को तीन आरोपियों ने थाने में सरेंडर किया तो आज यानी बुधवार को छह आरोपियों ने एनकाउंटर के डर से कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं एक आंकड़े के अनुसार मेरठ जोन में एक साल के भीतर पुलिस अफसरों ने 51 बदमाशों को ढेर किया, जबकि मुठभेड़ में बदमाशों के पैरों में गोली लगने का आंकड़ा एक हजार के करीब था। प्रदेश में अन्य सात जोन लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर एनकाउंटर के मामले में काफी पीछे रहे थे। इसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ जोन पुलिस की पीठ थपथपा चुके हैं।
51 एनकाउंटर: यूपी में अपराधियों के बोल... अब शांति से जीना चाहते हैं, हाथ उठाकर अपराध से किया तौबा-तौबा, देखें तस्वीरें
शामली में करीब पांच महीने पहले कैराना कोतवाली में सपा विधायक नाहिद हसन व उनकी माता पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सहित 40 लोगों पर दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे छह आरोपियों ने कोतवाली में हाथ उठाकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपियों ने अपराध से तौबा कर शांति से जीवन जीने की कसम खाई।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस के दबाव के चलते बुधवार को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपी फुरकान, फरमान, तासीम, इनाम, नौशाद व हाशिम निवासी गांव रामड़ा कैराना थाने पहुंचे। सभी आरोपियों ने पुलिस के सामने हाथ उठाकर आत्मसमर्पण किया। आरोपियों ने बताया कि वे गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे थे। उन्होंने स्वयं थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि वे अपराध से तौबा करते हैं और आगे से अपराध नहीं करने की कसम खाते हैं। उन्होंने जेल से आने के बाद शांति से अपना जीवन जीने की बात कही। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले पुलिस-प्रशासन ने सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन व उनकी माता पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सहित 40 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी, जिनमें आठ आरोपियों को पुलिस ने पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई और पुलिस के लगातार गिरफ्तारी के दबाव से डर कर 16 आरोपी पहले आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
सीओ कैराना जितेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित छह आरोपियों ने कोतवाली में आत्मसमर्पण किया है। इस मुकदमे में कुल 40 आरोपियों में से अभी तक 30 आरोपी जेल जा चुके हैं।
मेरठ में मुठभेड़ में मारे गए थे ये बदमाश
- 26 सितंबर 2017 : रुड़की रोड पर गांधी बाग के पास सदर बाजार पुलिस ने 50 हजार के इनामी मंसूर उर्फ मच्छू पहलवान निवासी बेहट, सहारनपुर को मारा।
- 28 सितंबर 2017 : एसटीएफ और सरूरपुर पुलिस ने मुकीम काला के भाई वसीम काला को मारा। वसीम पर 50 हजार का इनाम था।
- 30 दिसंबर 2017 : शताब्दीनगर परतापुर में 50 हजार का इनामी हसीन मोटा मारा गया।
- 29 मई 2018 : दुल्हन की हत्या करने पर 50-50 हजार के इनामी हिमांशु उर्फ नरसी और धीरज की मुठभेड़ में मौत।
- 04 मार्च 2018 : सरूरपुर में चश्मदीद गवाह सवित्री की हत्या में 50 हजार का इनामी सुजीत जाट ढेर हुआ।
- 27 नवंबर 2018 : सरधना में 50 हजार का इनामी इरशाद निवासी नंगला रियावली रतनपुरी मुजफ्फरनगर का एनकाउंटर।
- 05 मई 2019 : दौराला में एक लाख के इनामी जुबैर निवासी लिसाड़ीगेट को पुलिस ने मार गिराया।
- 11 जुलाई 2019 पल्लवपुरम में एक लाख के इनामी शकील और 25 हजार के इनामी भूरा की मुठभेड़ में मौत।
- 16 जुलाई 2019: दौराला में एक लाख का इनामी रविंद्र उर्फ कालिया और 50 हजार का इनामी अमित उर्फ शेरू मुठभेड़ में ढेर।