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जेल में किसानों को धमका रहा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा: राकेश टिकैत
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शामली नगर पालिका में प्रेसवार्ता करते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।
- फोटो : SHAMLI
शामली। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का पुत्र आशीष मिश्रा अपने खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे में समझौते का दबाव बना रहा है और किसानों को जेल में धमका रहा है। ऐसा अपने पिता के पद के कारण कर रहा है। अजय मिश्रा इस मामले में 120बी के आरोपी है, उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर पद से बर्खास्त किया जाए।
नगर पालिका सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि ये गलत मानसिकता के लोग हैं। सरकार से जनता जवाब मांगती है, मीडिया जवाब मांगती है, लेकिन ये मीडियाकर्मियों को जवाब देने की बजाय उन पर हमला करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो समझौता किया है, उसे लागू करे। उन्होंने कहा कि गन्ने का भुगतान बड़ा मुद्दा है। गन्ना भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पहले गन्ना भुगतान तुरंत होता है। किसान के पास पैसा आता था तो बाजार भी मजबूत होता था। अब किसानों के पास पैसा न होने से बाजार भी कमजोर हो गया है। यहां का बाजार कृषि पर आधारित है और किसान सबसे ज्यादा परेशान है। शामली के गन्ना मंत्री हैं और उनके यहां की चीनी मिलें ही भुगतान नहीं कर रही हैं।
राकेश टिकैत ने कहा कि बिजली के रेट कम करने के लिए सरकार कदम उठाए। सोलर ऊर्जा पर सब्सिडी दें। एमएसपी की गारंटी पर कानून जरूर बनेगा। मंडियों से सरकार जो टैक्स वसूल रही है, उसे मंडी में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्र के विकास में लगाए। उन्होंने कहा कि टीईटी का पेपर लीक होना सरकार की साजिश हो सकती है। इसकी जांच होनी चाहिए। युवा रोजगार के लिए परेशान हैं। ये सरकार किसानों को रोजगार नहीं दे पा रही है। सरकारी संस्थानों का निजीकरण करने पर यह सरकार तुली हुई है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जनता भी इसका विरोध करे। चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव लड़ने आमंत्रण दिया है, उसके लिए धन्यवाद। लेकिन हम चुनाव नहीं लड़ेंगे। जो भी लोग चुनाव लड़ रहे हैं, वह भी हमारे हैं। हमारी चुनाव में कोई भूमिका नहीं है। हम सरकार की नीतियों की निगरानी करेंगे। भाजपा की हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से भी लोग बचकर रहें।
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भाजपा नेता वोट मांगेंगे, जनता जवाब
राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन के दौरान हमने किसानों को भाजपा नेताओं का विरोध करने के लिए नहीं कहा था। अब सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए हैं तो भाजपा नेता गांव में जाएंगे। ये लोग किसानों से वोट मांगेंगे और वह जवाब मांगेंगे। एमएसपी, महंगाई, रोजगार, गन्ना मूल्य भुगतान, महंगी बिजली के मुद्दे पर जवाब मांगेंगे।
राशन की दुकानों को लेकर करेंगे आंदोलन
राकेश टिकैत ने कहा कि राशन की दुकानों के आवंटन में बड़ा खेल किया जाता है। प्रभावशाली लोगों को ही लाइसेंस दिया जाता है। जो बाद में कालाबाजारी करता है। गरीब व्यक्ति को राशन नहीं मिल पाता है। हम इसे लेकर आंदोलन चलाएंगे। राशन की दुकान का लाइसेंस अकेले व्यक्ति को नहीं बल्कि पांच लोगों की समिति को मिले। जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
ये रहे मौजूद
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष राजवीर जादौन, जिलाध्यक्ष कपिल खटियान, डॉ. विक्रांत जावला, अनिल मलिक, योगेंद्र, शौकेंद्र पंवार, विनय पंवार, देवराज पहलवान आदि मौजूद रहे।
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नगर पालिका सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि ये गलत मानसिकता के लोग हैं। सरकार से जनता जवाब मांगती है, मीडिया जवाब मांगती है, लेकिन ये मीडियाकर्मियों को जवाब देने की बजाय उन पर हमला करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो समझौता किया है, उसे लागू करे। उन्होंने कहा कि गन्ने का भुगतान बड़ा मुद्दा है। गन्ना भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पहले गन्ना भुगतान तुरंत होता है। किसान के पास पैसा आता था तो बाजार भी मजबूत होता था। अब किसानों के पास पैसा न होने से बाजार भी कमजोर हो गया है। यहां का बाजार कृषि पर आधारित है और किसान सबसे ज्यादा परेशान है। शामली के गन्ना मंत्री हैं और उनके यहां की चीनी मिलें ही भुगतान नहीं कर रही हैं।
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राकेश टिकैत ने कहा कि बिजली के रेट कम करने के लिए सरकार कदम उठाए। सोलर ऊर्जा पर सब्सिडी दें। एमएसपी की गारंटी पर कानून जरूर बनेगा। मंडियों से सरकार जो टैक्स वसूल रही है, उसे मंडी में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्र के विकास में लगाए। उन्होंने कहा कि टीईटी का पेपर लीक होना सरकार की साजिश हो सकती है। इसकी जांच होनी चाहिए। युवा रोजगार के लिए परेशान हैं। ये सरकार किसानों को रोजगार नहीं दे पा रही है। सरकारी संस्थानों का निजीकरण करने पर यह सरकार तुली हुई है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जनता भी इसका विरोध करे। चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव लड़ने आमंत्रण दिया है, उसके लिए धन्यवाद। लेकिन हम चुनाव नहीं लड़ेंगे। जो भी लोग चुनाव लड़ रहे हैं, वह भी हमारे हैं। हमारी चुनाव में कोई भूमिका नहीं है। हम सरकार की नीतियों की निगरानी करेंगे। भाजपा की हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से भी लोग बचकर रहें।
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भाजपा नेता वोट मांगेंगे, जनता जवाब
राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन के दौरान हमने किसानों को भाजपा नेताओं का विरोध करने के लिए नहीं कहा था। अब सरकार ने कृषि कानून वापस ले लिए हैं तो भाजपा नेता गांव में जाएंगे। ये लोग किसानों से वोट मांगेंगे और वह जवाब मांगेंगे। एमएसपी, महंगाई, रोजगार, गन्ना मूल्य भुगतान, महंगी बिजली के मुद्दे पर जवाब मांगेंगे।
राशन की दुकानों को लेकर करेंगे आंदोलन
राकेश टिकैत ने कहा कि राशन की दुकानों के आवंटन में बड़ा खेल किया जाता है। प्रभावशाली लोगों को ही लाइसेंस दिया जाता है। जो बाद में कालाबाजारी करता है। गरीब व्यक्ति को राशन नहीं मिल पाता है। हम इसे लेकर आंदोलन चलाएंगे। राशन की दुकान का लाइसेंस अकेले व्यक्ति को नहीं बल्कि पांच लोगों की समिति को मिले। जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
ये रहे मौजूद
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष राजवीर जादौन, जिलाध्यक्ष कपिल खटियान, डॉ. विक्रांत जावला, अनिल मलिक, योगेंद्र, शौकेंद्र पंवार, विनय पंवार, देवराज पहलवान आदि मौजूद रहे।