{"_id":"6a46b4e48d48e51be107040d","slug":"two-malaria-cases-detected-in-the-district-risk-rises-after-rains-shamli-news-c-26-1-smrt1048-168859-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: जिले में मलेरिया के मिले दो केस, बारिश के बाद बढ़ा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: जिले में मलेरिया के मिले दो केस, बारिश के बाद बढ़ा खतरा
Fri, 03 Jul 2026 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
शामली। बारिश होने पर जगह-जगह पर हुए जलभराव से मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं। इससे मलेरिया व डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जिले में मलेरिया के दो केस सामने आ चुके हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में मंगलवार रात में तेज बारिश हुई। बारिश होने के बाद घरों में व आसपास पानी इकट्ठा होने से मच्छर भिनभिनाने शुरू हो गए। इसके अलावा कूलर व फ्रिज की ट्रे में भी पानी भरा रहता है। बारिश का पानी छत पर पड़े पुराने टायर और मिट्टी के टूटे बर्तनों में भरा रहता है।
इससे मलेरिया व डेंगू का मच्छर पैदा होने की आशंका रहती है। मच्छर पनपने के लिए ये स्थिति मुफीद होती है। इन कारणों से इस मौसम में मलेरिया और डेंगू होने का खतरा रहता है। पिछले वर्ष जिले में मलेरिया के आठ और डेंगू के 11 केस मिले थे। इस वर्ष जून माह में मलेरिया के दो केस मिले हैं। दोनों केस ऊन ब्लॉक में मिले हैं। इनमें रंगाना फार्म गांव में 24 वर्षीय महिला और चौसाना में 54 वर्षीय महिला की जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
जिले के सभी सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर इस वर्ष में अब तक 40 हजार मरीजों की जांच हुई है जबकि 257 मरीजों की एलाइजा जांच हुई, हालांकि किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।
जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छर के काटने से बचाव और एंटी लार्वा का छिड़काव करना चाहिए। घर में या आसपास जलभराव न होने दे।
विज्ञापन
जिले में मंगलवार रात में तेज बारिश हुई। बारिश होने के बाद घरों में व आसपास पानी इकट्ठा होने से मच्छर भिनभिनाने शुरू हो गए। इसके अलावा कूलर व फ्रिज की ट्रे में भी पानी भरा रहता है। बारिश का पानी छत पर पड़े पुराने टायर और मिट्टी के टूटे बर्तनों में भरा रहता है।
विज्ञापन
इससे मलेरिया व डेंगू का मच्छर पैदा होने की आशंका रहती है। मच्छर पनपने के लिए ये स्थिति मुफीद होती है। इन कारणों से इस मौसम में मलेरिया और डेंगू होने का खतरा रहता है। पिछले वर्ष जिले में मलेरिया के आठ और डेंगू के 11 केस मिले थे। इस वर्ष जून माह में मलेरिया के दो केस मिले हैं। दोनों केस ऊन ब्लॉक में मिले हैं। इनमें रंगाना फार्म गांव में 24 वर्षीय महिला और चौसाना में 54 वर्षीय महिला की जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
जिले के सभी सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर इस वर्ष में अब तक 40 हजार मरीजों की जांच हुई है जबकि 257 मरीजों की एलाइजा जांच हुई, हालांकि किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई।
जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छर के काटने से बचाव और एंटी लार्वा का छिड़काव करना चाहिए। घर में या आसपास जलभराव न होने दे।