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Shamli News: अस्पताल में उपचार के दौरान दो किसानों की मौत, परिजनों का हंगामा
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शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दो किसानों की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। बनत निवासी किसान बुखार से पीड़ित थे, जबकि जंधेड़ी निवासी किसान की ऑपरेशन के बाद मौत हुई। पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को शांत किया। इसके बाद दोनों के परिजन शव को घर ले गए।
जंधेड़ी निवासी सुभाष ने बताया उसका भाई 45 वर्षीय विनय कुमार खेती कर परिवार का पालन पोषण करता है, उसे आंतों में गांठ की शिकायत पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित निजी अस्पताल में चार दिन पूर्व भर्ती कराया गया था। सोमवार को चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन किया। मंगलवार को उपचार के दौरान विनय ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने और आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
इसके अलावा कस्बा बनत निवासी दीपांशु ने बताया कि नौ सितंबर को उन्होंने अपने पिता 53 वर्षीय चांदवीर को बुखार के चलते निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी चिकित्सकों ने बाहर से रक्त और प्लेटलेटस मंगवाई। इसके अलावा इंजेक्शन व दवा भी मंगाई। इसमें उनका करीब 50 हजार रुपये खर्च आया। मंगलवार सुबह उनके पिता की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर गुमराह कर सही उपचार न देने और और लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत किया। इसके बाद दोनों के परिजन शवों को अपने साथ घर ले गए। आदर्श मंडी थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है।
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सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि इस मामले की जानकारी कराई जाएगी। फिलहाल उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।
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जंधेड़ी निवासी सुभाष ने बताया उसका भाई 45 वर्षीय विनय कुमार खेती कर परिवार का पालन पोषण करता है, उसे आंतों में गांठ की शिकायत पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित निजी अस्पताल में चार दिन पूर्व भर्ती कराया गया था। सोमवार को चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन किया। मंगलवार को उपचार के दौरान विनय ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने और आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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इसके अलावा कस्बा बनत निवासी दीपांशु ने बताया कि नौ सितंबर को उन्होंने अपने पिता 53 वर्षीय चांदवीर को बुखार के चलते निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी चिकित्सकों ने बाहर से रक्त और प्लेटलेटस मंगवाई। इसके अलावा इंजेक्शन व दवा भी मंगाई। इसमें उनका करीब 50 हजार रुपये खर्च आया। मंगलवार सुबह उनके पिता की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर गुमराह कर सही उपचार न देने और और लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत किया। इसके बाद दोनों के परिजन शवों को अपने साथ घर ले गए। आदर्श मंडी थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है।
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सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि इस मामले की जानकारी कराई जाएगी। फिलहाल उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।