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अमावस्या पर मिला जिंदगी भर का गम: यमुना में नहाते समय दो भाई और मामा डूबे, गोताखोरों की लाख कोशिश रही बेकार

Sun, 04 Aug 2024 08:24 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कैराना (शामली)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैराना (शामली) Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 04 Aug 2024 08:24 PM IST
सार

रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अमावस्या पर तीनों अपने अन्य पांच साथियों के साथ हरियाणा की तरफ यमुना नदी में स्नान करने लगे। इस दौरान महेश व उसका भाई बोधू और मामा लोकेश यमुना के गहरे पानी में डूब गए। 

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Two brothers and their maternal uncle drowned while bathing in Yamuna in Shamli
यमुना में डूबे दो भाई और मामा - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमावस्या पर यमुना नदी में स्नान करने आए दो सगे भाई व उनका पारिवारिक मामा गहरे पानी में डूब गए। उनके साथियों के शोर मचाने पर प्राइवेट गोताखोरों ने यमुना में उनकी तलाश की। बाद में पीएसी के गोताखोरों ने भी मोटर बोट के सहारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।

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राजस्थान के जनपद सीकर के गांव बाय खाटू श्याम निवासी 25 वर्षीय महेश व उसका सगा भाई 20 वर्षीय बोधू अपने पारिवारिक मामा 35 वर्षीय लोकेश निवासी मोहल्ला बलई सिकरपुर, हरियाणा के पानीपत में थाना चांदनी बाग क्षेत्र के गांव रिसालू में किराये के मकान में रहते हैं। तीनों पानीपत में पत्थर लगाने की मजदूरी का काम करते हैं।

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रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अमावस्या पर तीनों अपने अन्य पांच साथियों के साथ हरियाणा की तरफ यमुना नदी में स्नान करने लगे। इस दौरान महेश व उसका भाई बोधू और मामा लोकेश यमुना के गहरे पानी में डूब गए। उनके साथियों द्वारा शोर मचाने पर प्राइवेट गोताखोर साजिद, मुस्तकीम उर्फ बिल्लु, जाहिद, दिलशाद व मासूम आदि ने यमुना में छलांग लगाते हुए उनकी तलाश की। 

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सूचना पर एसडीएम स्वप्निल यादव, सीओ अमरदीप मौर्य और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में पीएसी की फ्लड यूनिट को भी मौके पर बुलाया गया। पीएसी के गोताखोरों ने मोटर बोट के सहारे यमुना में डूबे तीनों युवकों की तलाश की, लेकिन शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस की सूचना पर राजस्थान से युवकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक यमुना में उनको तलाशने का काम चलता रहा।

पहले भी यमुना में डूबने से समा चुकी हैं कई जिंदगी
यमुना नदी पर पक्का घाट नहीं होने और रेत खनन के कारण गहरे गड्ढे हो जाने और गड्ढों के ऊपर पानी होने पर स्नान करने वाले को अंदाजा नहीं होता। इसके चलते यमुना में लोग अपनी जिंदगी से हाथ धो रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान भी अलग-अलग समय में करीब 15 कावड़िये यमुना में डूबे, लेकिन गनीमत रही कि सभी को गोताखोरों ने समय रहते बाहर निकाल लिया था।

करीब एक माह पहले पानीपत निवासी प्रिंस और विकास की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी जबकि उसके साथी शिवा को गोताखोरों ने समय रहते बचा लिया था। आठ मई को पानीपत निवासी निशांत की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी। 13 अक्तूबर 2023 को भी हैदरपुर जमात में आए दो किशोर समीर और सैफ अली निवासी जालपाड़ की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा भी यमुना में दर्जन युवक अपनी जान गंवा चुके हैं।

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