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Shamli News: कक्षा 12 में पास कराने के नाम पर चार हजार रुपये ठगे
Fri, 21 Aug 2026 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:58 AM IST
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कैराना। कक्षा 12 में अंग्रेजी के बैक पेपर में पास कराने के नाम पर ठग ने शिक्षक बनकर छात्र से चार हजार रुपये ऑनलाइन ठग लिए। आरोपी ने छात्र को 93 अंक दिलाने का झांसा दिया था। बाद में फर्जी मार्कशीट भेजकर उसे विश्वास में लेने का प्रयास किया। पीड़ित छात्र ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव गोगवान निवासी आरिस ने बताया कि उसने यूपी बोर्ड की कक्षा 12 की परीक्षा दी थी। अंग्रेजी विषय में नंबर कम आए। 28 जुलाई को उसने अंग्रेजी का बैक पेपर देने के लिए आवेदन किया। उसी दिन उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को परीक्षा की कॉपी जांचने वाला शिक्षक बताया और कहा कि क्यूआर कोड पर 10 हजार रुपये भेज दो, अंग्रेजी के पेपर में 93 अंक दिला देगा।
छात्र ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि उसके पास केवल चार हजार रुपये हैं। इस पर आरोपी राजी हो गया। सात अगस्त को छात्र ने क्यूआर कोड पर चार हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर एक फर्जी मार्कशीट भेजी गई, जिसमें अंग्रेजी विषय में 93 अंक दर्शाए गए थे।
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छात्र ने मार्कशीट का स्क्रीनशॉट ले लिया, लेकिन कुछ देर बाद आरोपी ने उसे व्हाट्सएप से डिलीट कर दिया। इसके बाद छात्र ने गूगल क्रोम पर अपनी वास्तविक मार्कशीट चेक की तो अंग्रेजी विषय में 58 अंक ही दर्ज थे।
छात्र ने आरोपी को फोन कर रुपये वापस करने की बात कही तो आरोपी ने जान से मरवाने की धमकी दी। जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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गांव गोगवान निवासी आरिस ने बताया कि उसने यूपी बोर्ड की कक्षा 12 की परीक्षा दी थी। अंग्रेजी विषय में नंबर कम आए। 28 जुलाई को उसने अंग्रेजी का बैक पेपर देने के लिए आवेदन किया। उसी दिन उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को परीक्षा की कॉपी जांचने वाला शिक्षक बताया और कहा कि क्यूआर कोड पर 10 हजार रुपये भेज दो, अंग्रेजी के पेपर में 93 अंक दिला देगा।
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छात्र ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि उसके पास केवल चार हजार रुपये हैं। इस पर आरोपी राजी हो गया। सात अगस्त को छात्र ने क्यूआर कोड पर चार हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर एक फर्जी मार्कशीट भेजी गई, जिसमें अंग्रेजी विषय में 93 अंक दर्शाए गए थे।
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छात्र ने मार्कशीट का स्क्रीनशॉट ले लिया, लेकिन कुछ देर बाद आरोपी ने उसे व्हाट्सएप से डिलीट कर दिया। इसके बाद छात्र ने गूगल क्रोम पर अपनी वास्तविक मार्कशीट चेक की तो अंग्रेजी विषय में 58 अंक ही दर्ज थे।
छात्र ने आरोपी को फोन कर रुपये वापस करने की बात कही तो आरोपी ने जान से मरवाने की धमकी दी। जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।